
जयलोक की गुरंदी की बदहाली की खबर पढक़र निरीक्षण करने पहुँचे आयुक्त को आठ साल पहले बना मछली मार्केट लावारिस मिला था
जबलपुर (जय लोक)। मध्य प्रदेश के सबसे बड़े रविवारीय बाजार गुरंदी के लावारिस होने की खबर दैनिक जयलोक ने कुछ माह पूर्व प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इस खबर में यह बताया गया था कि 25 वर्ष पूर्व वर्ष 2000 में गुरंदी बाजार के अवैध अतिक्रमणों को तत्कालीन आयुक्त रमेश थेटे ने अपनी जान पर खेल कर खाली कराया था। लेकिन इस खाली कराए गए 13 एकड़ के बाजार में फिर से अतिक्रमण हो गए और नगर निगम ने इस बाजार के विकास में किसी तरह की रुचि नहीं ली। जयलोक की खबर को पढऩे के बाद नगर निगम के नवागत आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार गुरंदी बाजार का निरीक्षण करने गए थे। निरीक्षण के दौरान आयुक्त को 8 वर्ष पूर्व निर्मित 42 दुकानों वाला मछली बाजार का पक्का परिसर लावारिस हालत में देखने को मिला। मछली मार्केट के निर्माण के बाद निगम प्रशासन इस निर्माण को भूल गया था। 8 वर्ष से लावारिस पड़े इस नव निमिज़्त परिसर को देखकर आयुक्त अहिरवार आश्चर्यचकित रह गए और उन्होंने तुरंत यहां पर व्यवस्थित मछली बाजार शुरू कराने का निर्णय लिया।अब जाकर 8 वर्ष से लावारिस पड़े मछली मार्केट के दिन फिर गए हैं और यह मार्केट अब शुरू होने जा रहा है। गुरंदी में नवनिर्मित आधुनिक मछली मार्केट अब पूरी तरह तैयार है, जिसे लेकर स्थानीय व्यापारियों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह और निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने प्रशासनिक टीम के साथ मार्केट का सघन निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया।

कलेक्टर एवं निगमायुक्त ने निरीक्षण के दौरान बताया कि अब मछली व्यापारियों को सडक़ों के किनारे, धूल और अव्यवस्था के बीच बैठने की जरूरत नहीं होगी। उन्हें एक सुसज्जित और सुरक्षित छत मिलेगी, जिससे उनका व्यापार और सामाजिक सम्मान दोनों बढ़ेगा। सडक़ों के किनारे से दुकानें हटने के कारण शहर का यातायात सुगम होगा और राहगीरों को आवाजाही में सुगमता होगी। मछली मार्केट को आधुनिक मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिससे क्षेत्र में गंदगी की समस्या समाप्त होगी और खरीदारों को भी एक स्वच्छ वातावरण मिलेगा। सभी प्रमुख मछली विके्रताओं के एक स्थान पर आने से यह क्षेत्र मछली व्यापार के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित होगा, जिससे व्यापारियों की आय में भी वृद्धि की संभावना है।

प्रशासनिक मुस्तैदी और व्यापारियों का भरोसा
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि व्यापारियों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए ताकि उन्हें शिफ्टिंग में कोई समस्या न हो। वहीं, निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि शहर के सौंदर्यीकरण और व्यवस्थित बाजार प्रणाली के लिए यह प्रोजेक्ट मील का पत्थर साबित होगा। यह केवल एक मार्केट नहीं, बल्कि व्यापारियों के स्वाभिमान और शहर की स्वच्छता के बीच एक सेतु है। हम सडक़ों को सुगम और व्यापार को व्यवस्थित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। व्यापारियों का कहना है कि वे लंबे समय से एक सुरक्षित स्थान की तलाश में थे, और अब प्रशासन के इस प्रयास से वे खुशी-खुशी नए मार्केट में अपना कारोबार शुरू करने को तैयार हैं।

Author: Jai Lok






