
बरगी, चरगवां रोड , समाधि रोड, कटंगी रोड, पाटन, पनागर, खमरिया में धड़ल्ले के साथ हो रही अवैध प्लाटिंग
जबलपुर (जय लोक)
शहर और ग्रामीण क्षेत्र में भू माफिया किस कदर हावी है इसके उदाहरण रोज सामने आ रहे है, कभी वह कब्जेदार का रूप ले लेता है, तो कभी बिल्डर का नकली चोला ओढ़ कर आम आदमी को ठगने का काम खुलेआम करता है। वर्तमान में जबलपुर में अवैध कॉलोनी का मकडज़ाल बहुत तेजी से फैला हुआ है। इसको लेकर लगातार उठ रहे विरोध और इन अवैध कॉलोनी पर कार्यवाही की मांग के बाद कलेक्टर दीपक सक्सेना ने फरवरी माह के प्रथम सप्ताह में ही बैठक कर सभी एसडीएम को अपने-अपने क्षेत्र में अवैध कॉलोनी के खिलाफ कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे। तत्कालीन जबलपुर एसडीएम पीके सेन गुप्ता ने कुछ ही समय में जांच कर 11 अवैध कॉलोनी पर कार्रवाई करते हुए उनकी खरीद फारूक पर रोक लगा दी थी और उनके संबंधित खसरों में भी कॉलम नंबर 12 में अहस्तारणीय दर्ज कर दिये जाने से रजिस्ट्री न हो पाने के कारण भूखण्डों की खरीद-फरोख्त रूक गई है।
हालांकि ऐसी बहुत सारी कॉलोनियां अभी भी अवैध रूप से बनाई जा रही है। जिसमें जमीनी स्तर पर निगरानी करने वाले शासकीय कर्मचारी और अधिकारियों की सांठगांठ एवं संलिप्तता स्पष्ट प्रतीत होती है इसलिए वो अभी तक कार्यवाही से बचे हुए हैं।
वहीं दूसरी और ऐसे तथाकथित बिल्डरों ने अब आम आदमियों को लूटने और उनके जीवन भर की जमा पूंजी को हड़पने के लिए अवैध रूप से फार्मलेंड बेचने का धंधा शुरू कर दिया है। लोगों को ऐसे भ्रामक प्रचार करने वाले और बेवकूफ बनाकर ठगने वाले तथाकथित बिल्डरों से सावधान रहने की जरूरत है।

रेरा की अनुमति अनिवार्य
सर्वप्रथम किसी भी फार्म लैंड को खरीदने से पहले खरीदने वाले को फार्मलेंड डेवलप कर रहे प्रमोटर और बिल्डर से पहला दस्तावेज रेरा की अनुमति के रूप में मांगना चाहिए। रियल स्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी की अनुमति के बिना 5000 स्क्वायर फीट के ऊपर कोई भी व्यावसायिक निर्माण किया जाना अवैध है। रेरा की अनुमति नहीं होने पर ना तो बिल्डर प्रॉपर्टी को बेच सकता है ना ही बैंक उसमें कोई कार्रवाई कर सकता है।

वर्तमान में जबलपुर शहर के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से बिना अनुमति लिए फार्मलेंड बेचने का धंधा जोर पकड़ता जा रहा है। अवैध कॉलोनी पर रोक लगाने तो जिला प्रशासन हरकत में आ गया है लेकिन अवैध रूप से बनाए जा रहे फार्मलेंड पर प्रशासन की नजरें नहीं पड़ रही हैं। शहर से लगे बाहरी क्षेत्रों में बरगी रोड, चरगवां रोड, रानी दुर्गावती समाधी रोड, कटंगी रोड, पाटन रोड, पनागर खमरिया क्षेत्र में ऐसे अवैध फार्मलैंड और कॉलोनियों की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। यहाँ पर निवेश करने वाले लोगों को बहुत ध्यान से सभी दस्तावेजों की जाँच पूर्व में ही कर लेना चाहिए। अगर बिल्डर धोखेबाज है या बिना अनुमति के प्लाट और फार्मलैंड बेचने का प्रयास कर रहा है तो तत्काल इसकी शिकायत जिला कलेक्टर को करनी चाहिए, ताकि बाकी के सामान्य लोग भी धोखाधड़ी का शिकार होने से बच सकें।

Author: Jai Lok







