
जबलपुर (जय लोक)
अपने पिता और 8 साल के भाई की हत्या करने वाले 20 साल के मुकुल सिंह के साथ फरार हुई नाबालिक लडक़ी घटना के 9 दिन बाद भी पुलिस को छका रहे हैं। यह इसलिए हो रहा है कि आरोपी हत्या करने के पहले फरार होने से लेकर पुलिस से बचने तक की पूरी योजना बनाकर इस पर काम कर चुके थे और उसके अनुसार ही वह पुलिस से भागने का प्रयास कर रहे हैं। 20 साल के मुकुल सिंह और नाबालिक लडक़ी को पुलिस ने भी हल्के में लिया और उनके इतने शातिर होने का अंदाजा नहीं लगाया था यही वजह है कि अभी तक चोर पुलिस की दौड़ में दोनों हत्या के आरोपी पुलिस से एक कदम आगे चल रहे हैं। हालांकि पुलिस ने मुकुल सिंह के ऊपर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। फिलहाल यह दोनों ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं और बहुत ही शातिराना अंदाज में फरारी काट रहे हैं, जैसे की कोई बड़े मंजे हुए अपराधी बड़ी घटनाओं को अंजाम देने के बाद पुलिस से बचने के लिए किया करते हैं।
ऐसा नहीं है कि पुलिस के हाथ खाली है पुलिस की कई टीमें लगातार इन दोनों आरोपियों के पीछे लगी हुई है इनके बारे में पुलिस को बहुत सारी जानकारियाँ भी प्राप्त हुई हैं जिन्हें टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गोपनीय तौर पर साझा किया है और उसी के आधार पर इन्हें पकडऩे के प्रयास किया जा रहे हैं।
पुलिस ने उनके मददगारों पर भी नजर बनाई हुई है। आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद रखे हैं इसके कारण इनकी लोकेशन मिल पाने में दिक्कत हो रही है। पुलिस यह मान रही है कि आरोपी मुकुल सिंह बहुत ही शातिर किस्म का अपराधिक दिमाग रखता है उसने इतने गंभीर हत्याकांड को अंजाम देने के बाद फरार होने और फरारी के दौरान पुलिस से बचने के लिए बहुत सारी तैयारियाँ की और बहुत सारी योजनाएं बनाई है। पुलिस की जाँच टीम यह भी मान रही है कि उनके द्वारा जो हरकतें की जा रही है वह संभवत पुलिस दल को गुमराह करने के लिए की जा रही है। जैसे ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करना, किसी स्थान पर फोन चालू करना और किसी और स्थान पर चले जाना ताकि लोकेशन गलत मिले। शातिर आरोपी ऐसी कई हरकतें कर रहे हैं हालांकि पुलिस ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है।
सोते समय मारा गया पिता पुत्र को
रेलवे की मिलेनियम कॉलोनी में रेलवे कर्मी राजकुमार विश्वकर्मा और उसके 9 साल के बेटे तनिष्क की हत्या उस वक्त की गई जब वह गहरी नींद में सो रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि दोनों के सर पर गहरी चोट के निशान है और वहीं मौत की वजह भी है। लेकिन दोनों मृतकों के शरीर में कोई भी संघर्ष के या खुद को बचाने के लिए हाथ पांव चलने के निशान नहीं पाए गए हैं। क्योंकि शरीर के अन्य किसी भी हिस्से में खरोच चोट आदि के निशान नहीं मिले हैं।

Author: Jai Lok







