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स्कूलों में करोड़ों की लूट उजागर अतिरिक्त फीस वापस करवाएँगे कलेक्टर

रिपोर्ट दर्ज होगी, जुर्माना भी लगेगा, स्कूलों की जाँच जारी

मनमानी फीस वसूलने वाले स्कूलों में फैली दहशत

जबलपुर (जय लोक )। शहर के निजी स्कूलों के खिलाफ  सैकड़ों की संख्या में आई शिकायतों के बाद जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना के निर्देश पर जिला शिक्षा समिति और जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा अलग-अलग टीमें बनाकर प्राप्त शिकायतों के संबंध में स्कूलों की जाँच करवाई जा रही है। जाँच के दौरान यह खुलासा हुआ है कि कुछ स्कूलों ने मनमाने तरीके से फीस बढ़ाई अन्य सरचार्ज जोड़े और करोड़ों रुपए अभिभावकों से लूट लिए। कल की समीक्षा बैठक में इस बात का खुलासा होने पर कलेक्टर दीपक सक्सेना ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जिन निजी स्कूलों ने चुपके से मनमाने तरीके से फीस और अन्य राशियों में वृद्धि की है यह धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है इसलिए ऐसे निजी शालाओं को कार्यवाही के लिए तैयार रहना होगा। इनके द्वारा वसूली गई अतिरिक्त फीस ब्याज सहित अभिभावकों को वापस भी कराई जाएगी। जुर्माना भी लगेगा एफआईआर भी दर्ज होगी।
24 स्कूलों की हो चुकी जाँच
जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी ने बताया कि जबलपुर कलेक्टर के निर्देश पर की जा रही कार्यवाही के तहत अभी तक 24 स्कूलों की जाँच हो चुकी है हालांकि इनमें से कुछ स्कूलों ने अभी दस्तावेज पूरे जमा नहीं किए हैं जिन्हें अंतिम चेतावनी दी गई है। आज भी दो स्कूलों में जाँच करने के लिए टीमें रवाना हुई हैं। जो शाम तक अपनी रिपोर्ट और जाँच बिंदुओं पर पाई गई वस्तु स्थिति प्रस्तुत करेंगे।
जो स्कूल सहयोग नहीं करेगा उसे भुगतना होगा दंड
जाँच के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी के द्वारा भेजी जा रही जाँच टीम को कुछ निजी स्कूल वाले पूरा सहयोग नहीं कर रहे हैं। जाँच के बिंदुओं पर किए जा रहे सवाल-जवाब को वे टालने का प्रयास करते हैं। खासकर के कुछ फ्रेंचाइजी वाले स्कूल अपने मुख्यालय को जिला प्रशासन से बड़ा समझ रहे हैं और मांगी गई जानकारियां और दस्तावेज देने में आनाकानी कर रहे हैं। ऐसे स्कूलों को प्रशासन ने अंतिम चेतावनी दी है कि वह जांच दल के साथ पूर्ण सहयोग करें और मांगी गई जानकारियां और दस्तावेज उपलब्ध करायें। सभी स्कूलों को दस्तावेज अपने कार्यालय में रखने के ही निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। सहयोग करने वाले स्कूलों को दंड भुगतने की चेतावनी भी दी गई है और उनकी मान्यता पर भी खतरा मंडरा सकता है।
मुख्यमंत्री कार्यालय और राज्य शासन लें रहा समय-समय पर जानकारी
प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षा माफिया के खिलाफ  सख्त कार्यवाही करने के निर्देश सभी जिले के कलेक्टरों को दिए थे। कुछ जिलों में केवल छोटी-मोटी कार्यवाही कर जाँच इतिश्री कर ली गई। लेकिन जबलपुर जिला प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई की पूरी रूपरेखा तैयार की गई। पुस्तक मेले की परिकल्पना और इसकी सफलता के चर्चे पूरे प्रदेश और देश में हुए। राज्य शासन तथा मुख्यमंत्री कार्यालय तक इसकी सफलता की सराहना हुई और पूरी जानकारी ली गई। वर्तमान में भी जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना द्वारा की जा रही कार्रवाई की सराहना करते हुए समय-समय पर राज्य शासन इसकी पूरी रिपोर्ट प्राप्त कर रहा है। शिक्षा माफिया के खिलाफ  जारी प्रशासन की कार्यवाही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का खुला समर्थन होने से कार्यवाही गतिशील बनी हुई है।

Jai Lok
Author: Jai Lok

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