
किलोमीटर के हिसाब से कटेगा चार्ज
जबलपुर (जयलोक)। प्रदेश की सबसे लम्बी रिंग रोड पर चलना आसान होगा लेकिन सस्ता नहीं। 114 किलोमीटर लंबी आउटर रिंग रोड में चलने के लिए शुल्क देना होगा। यह कितना होगा इसको लेकिन तस्वीर साफ नहीं है, लेकिन जानकार मान रहे हैं, यह इतना हो सकता है जितने में बड़ी गाडिय़ां रास्ता बदलने पर विचार करने लगें। हालांकी रिंग रोड में टोल व्यवस्था अत्याधुनिक होगी। रिंग रोड पर दौडऩे वाले वाहनों को टोल के रूप में जो शुल्क लगेगा वो सीधे वाहन में लगे फास्टैग से कटेगा। खास बात यह होगी कि जितने किलोमीटर की दूरी वाहन रिंग रोड में तय करेगा शुल्क भी उतना ही देना होगा। वहीं सेटेलाइट के जरिए ही वाहनों की ट्रेकिंग होगी। ये सारा कार्य डिजिटल होगा। गौरतलब है कि तीन हजार पांच सौ करोड़ की लागत से रिंग रोड तैयार हो रहा है। इसे पांच अलग-अलग हिस्सों में बनाया जाना है जिसके चार हिस्सों का काम शुरू हो गया है शेष एक हिस्से के लिए भी केंद्र से मंजूर मिल गई है।
15 प्रवेश और निकासी द्वार – टोल रोड पर दाखिल और निकासी के लिए करीब 15 पॉइंट बनाए जाएंगे। जिनके माध्यम से रोड में वाहन प्रवेश करेगा। हर पॉइंट पर उपकरण के माध्यम से वाहन में लगे फास्टैग की स्क्रीनिंग होगी। जिसके बाद जिस पाइंट से वाहन की निकासी होगी उसके किलोमीटर के हिसाब से राशि स्वत: ही कट जाएगी।

Author: Jai Lok







