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12 लाख पौधे लगाकर नगर वन किया जाएगा तैयार-महापौर  पौधे लगाने के एक साल बाद तक मेन्टेनेंस  के साथ कैमरों से होगी निगरानी

जबलपुर की हरित चादर को घना करने का प्रयास

आम जनता के सहयोग से पूरा करेंगे अभियान

जबलपुर (जयलोक)
पर्यावरण को मजबूती प्रदान करने की दिशा में जबलपुर नगर निगम एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रहा है अपने इस महा अभियान के संबंध में महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने बताया कि जल्द ही संस्कारधानी वासियों के सहयोग के साथ 12 लाख पौधे लगाने का प्रकल्प पूरा किया जाएगा। इस महा अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर में स्वच्छ पर्यावरण और शहर को सुंदर बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है।
महापौर जगत बहादुर सिंह ‘‘अन्नू’’ ने कहा कि यह हमारा संकल्प है कि संस्कारधानी जबलपुर को ग्रीन सिटी एवं क्लीन सिटी बनाएंगें। इस संबंध में महापौर अन्नू ने बताया कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में 45 विभिन्न प्रजातियों के छायादार एवं फलदार पौधे लगाने का निर्णय लिया गया है।
कब कब कितने लगाएंगे पौधे
मानसून आगमन के दौरान माह जून से सितम्बर तक एक लाख अर्थात 25 हजार प्रत्येक महिने एवं अक्टूबर में माह के दशहरा से दीपावली के मध्य एक साथ 11 लाख पौधे संस्कारधानी में वाल्मीकि पद्धति के द्वारा लगाये जायेगें। इस पद्धति से बहुत कम समय में जंगलों को घने जंगलों में परिवर्तित किया जाता है। इसका मूल उद्देश्य ग्लोबल वार्मिंग के कारण आने वाले समय में तापमान को नियंत्रित करने, स्वच्छ प्राण वायु को बढ़ाने के साथ-साथ वायु प्रदूषण कम करने तथा तापमान नियंत्रण के साथ-साथ आक्सीरिच जोन के रूप में विकसित होगा। इस विधि के द्वारा लगाये गए पेड़ स्वयं अपना विकास करते हैं और 3 वर्ष के भीतर विकसित हो जाते हैं।
क्या है वाल्मीक तकनीक
वाल्मीकि पद्धति में उपयोग किये जाने वाले पौधे ज्यादातर आत्मनिर्भर होते हैं और उन्हें खाद एवं जल देने जैसे नियमित रख-रखाव की ज्यादा आवश्यकता नहीं होती है। वाल्मीकि तकनीक से पौधारोपण 1 मीटर तक खुदाई करके किया जाता है और एक वर्ग मीटर में तीन पौधे लगाए जाते हैं। यह घने वन धरती के तापमान को भी कम करने में मदद करते है और स्वच्छ वायु भी प्रधान किया। इन वनों के लिये उपयोग किये जाने वाले कुछ सामान्य स्थानीय पौधों में नीम, करंज, शहतूत, सप्तपर्ण, हर्रा-बहेड़ा, अंजन, अमला, बेल, अर्जुन और गुंज शामिल हैं।
केमिकल रहित खाद का होगा उपयोग
पौधे लगाते समय कैमिकल रहित आरगैनिक फर्टिलाइजर का इस्तेमाल किया जाएगा। ये वन नई जैव-विविधता और एक पारिस्थिति तंत्र को प्रोत्साहित करते हैं जिससे मृदा (मिट्टी) की उर्वरता में वृद्धि होती है। सघनता की वजह से ये पौधे सूर्य की रोशनी को धरती पर आने से रोकते हैं, जिससे धरती पर खरपतवार नहीं उग पाता है, तीन वर्षों के पश्चात इन पौधों को देखभाल की आवश्यकता नहीं होती है, पौधे की वृद्धि 10 गुना तेजी से होती है जिसके परिणाम स्वरूप वृक्षारोपण सामान्य स्थिति से 30 गुना अधिक सघन होता है।
छोटी खाली जगह में भी लगाए जाएंगे पौधे
महापौर अन्नू ने कहा कि संस्कारधानी जबलपुर में भी वाल्मीकि पद्धति से पौधे लगाये जायेगें। उन्होंने बताया कि इस पद्धति के माध्यम से घरों के आगे, पीछे, छोटे-छोटे खाली जगहों पर भी पौधे लगाकर लद्यु वन तैयार किये जायेगें। इससे घरों के आस-पास का वातावरण भी स्वच्छ एवं सुन्दर रहेगा।
जनभागीदारी की अपील
महापौर ने इसके लिए जनभागीदारी करने नागरिकों से भी अपील कर कहा है कि संस्कारधानी के गणमान्यजन स्वयं सेवी संस्था, सामाजिक संस्थाओं एवं अन्य प्रतिष्ठित संस्थाए भी निगम प्रशासन के इस पुनीत अभियान में आगे आकर अपना सहयोग एवं श्रमदान देंगी।
पौधे बचाने किये जायेगें ये उपाय
महापौर अन्नू ने बताया कि जो पौधे लगाये जायेगें, उसे बचाने के लिए फेसिंग, बोरिंग, खाद का बेड बनाने, रेन गन का इस्तेमाल करने के अलावा कैमरों से निगरानी रखी जायेगी। इन सब उपायों के अलावा आम नागरिकगण वेवसाइट के माध्यम से भी इसकी निगरानी कर प्रगति की जानकारी ले सकते हैं। पौधों के रखरखाव एवं देख भाल के लिए सूक्ष्म तरीके से एक साल तक नियमित रूप से मेन्टेनेंस का कार्य भी तकनीकी विशेषज्ञों के द्वारा कराया जायेगा।
लगभग डेढ़ लाख पौधे लगाए
पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ वायु के लिये महापौर जगत बहादुर सिंह ‘‘अन्नू’’ के दो वर्ष के कार्यकाल में अभी तक वित्तीय वर्ष 2023-24 में 1 लाख बीजा रोपण एवं वित्तीय वर्ष 2022-23 में 66 हजार 1 सौ 85 एवं वित्तीय वर्ष 2023-24 में 75 हजार कुल 1 लाख 41 हजार 1 सौ 85 पौधा रोपण के कार्यों को सम्पन्न कराया गया है, जो अपने आप में एक एतिहासिक आंकड़े हैं।
प्रेसवार्ता में महापौर जगत बहादुर सिंह ‘‘अन्नू’’ के साथ-साथ निगमाध्यक्ष रिकुं विज, एम.आई.सी. सदस्य डॉ. सुभाष तिवारी, दामोदर सोनी, विवेकराम सोनकर, श्रीमती अंशुल राघवेन्द्र यादव, श्रीमती रजनी कैलाश साहू, एवं कार्यपालन यंत्री आदित्य शुक्ला, उद्यान अधिकारी आलोक शुक्ला आदि उपस्थित रहे।
गिनीज बुक ऑफ  वल्र्ड रिकार्ड में कराने के होगें प्रयास
पत्रकारवार्ता के दौरान महापौर जगत बहादुर सिंह ‘‘अन्नू’’ एवं निगमाध्यक्ष रिकुं विज ने बताया कि 12 लाख पौधे लगाने का यह महाभियान संस्कारधानी के सभी गणमान्य नागरिकों की सहभागिता से पूर्ण कराया जायेगा। इसके लिए सभी सम्माननीय जनों की भागीदारी एवं मार्गदर्शन हम सभी के लिए उपयोगी साबित होगा और शहर में पर्यावरण की दिशा में एक अच्छी एवं सार्थक प्रयास पूर्ण होगें। महापौर एवं निगमाध्यक्ष ने यह भी बताया कि इस महाभियान को गिनीज बुक ऑफ  वल्र्ड  रिकार्ड में दर्ज कराने के प्रयास भी किये जायेगें।
ई-प्रमाण-पत्र से करेंगे प्रोत्साहित
महापौर जगत बहादुर सिंह ‘‘अन्नू’’ ने जानकारी देते हुए बताया कि संस्कारधानी के वातावरण को हरियाली से परिपूर्ण करने के इस महा अभियान में जो भी नागरिक, संस्था, सहयोग प्रदान कर पौधे का रोपण कर उन्हें विकसित करेंगे और सहभागिता दर्ज करवायेगें। उन्हें नगर निगम की ओर से प्रोत्साहन और उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए ई-प्रमाण-पत्र दिया जायेगा।

Jai Lok
Author: Jai Lok

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