
जहां बताया था सब ठीक वहां नहीं मिला कोई स्टॉफ
भोपाल (जयलोक)। मध्य प्रदेश नर्सिंग कॉलेजों में हुई गड़बड़ी की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है। कॉलेजों में एक के बाद एक भ्रष्टाचार सामने आ रहा है। मामले में एक और बड़ा खुलासा हुआ है। प्रदेश के 13 नर्सिंग कॉलेज में नर्सिंग काउंसिल द्वारा मार्कशीट भेजी गई थी, लेकिन इन कॉलेजों में इसे लेने वाला कोई स्टॉफ नहीं मिला। जबकि इनमें से अधिकतर कॉलेजों को सीबीआई ने सूटेबल लिस्ट में शामिल किया है। जिसमें एसआर नर्सिंग कालेज होशंगाबाद, अमलतास नर्सिंग कॉलेज देवास, संजीवनी नर्सिंग कॉलेज बड़वानी सूटेबल लिस्ट में शामिल हैं।
कॉलेज को सीबीआई का डर, जो केवल कागजों पर चल रहे
रवि परमार ने मार्कशीट कलेक्ट नहीं करने के बाद कई तरह के सवाल खड़े किए हैं। क्या नर्सिंग कॉलेज सिर्फ कागजों में ही संचालित हो रहा है? ऐसा इसलिए क्योंकि नर्सिंग काउंसिल में लिखे कॉलेज के पते पर कोई अधिकारी मिला ही नहीं। लिहाजा मार्कशीट वापस भोपाल आ गई है या सीबीआई जांच के डर से नर्सिंग कालेजों ने अपने पते बदल दिए हैं, जिसकी जानकारी नर्सिंग काउंसिल को भी नहीं दी गई। कागजों में चलने वाले नर्सिंग कॉलेज की ओके रिपोर्ट देने वाले प्रोफेसर जांच के दायरे में है। ग्वालियर के तीन प्रोफेसर ने झूठी रिपोर्ट दी थी। श्योपुर के जेएम कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग की फर्जी रिपोर्ट दी गई थी। सत्र 2020-21 के लिए रिपोर्ट दी गई थी। मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर की ओर से तीनों प्रोफेसर को नोटिस जारी किया गया है।

Author: Jai Lok







