
जबलपुर (जयलोक)। आज शरद पूर्णिमा के दिन चंद्रमा अपने पूर्ण आकार में होगा और आसमान से अमृत की वर्षा होगी। शरद पूर्णिमा को लेकर कई पौराणिक मान्यता है कि ‘यवन ऋषि को आरोग्य का पाठ और औषधि का ज्ञान अश्विनी कुमारों ने दिया था। अश्विनी कुमार आरोग्य के दाता हैं और पूर्ण चंद्रमा अमृत का स्त्रोत है। यही कारण है कि ऐसा माना जाता है कि शरद पूर्णिमा को आसमान से अमृत की वर्षा होती है। शरद पूर्णिमा की रात में घरों की छतों पर खीर आदि भो’य पदार्थ रखने की भी मान्यता है। ऐसा माना जाता है कि चंद्रमा की अमृत बूंदे खीर में आ जाती हैं, जिसका सेवन करने से सभी प्रकार की बीमारियां दूर हो जाती हैं। ऐसी भी मान्यता है कि इस दिन माता लक्ष्मी यह देखने घूमती हैं कि कौन जाग जा रहा है, जो जागता है, महालक्ष्मी उसका कल्याण करती हैं और जो सो रहा होता है, महालक्ष्मी वहां नहीं ठहरतीं। शास्त्रों के मुताबिक शरद पूर्णिमा की रात को भगवान कृष्ण ने गोपियों के साथ रास रचाया था। इसलिए शरद पूर्णिमा की रात को रासलीला की रात भी कहते हैं।

Author: Jai Lok







