
जबलपुर (जयलोक)
लोकसभा चुनाव सर पर आ चुके हैं और दो चार दिनों में कभी भी आदर्श आचार संहिता के साथ ही चुनाव कार्यक्रम घोषित हो सकता है, मतदान की तिथि से लेकर मतगणना तक की तिथि घोषित हो जाएगी। बस नहीं घोषित हो पा रहा है तो जबलपुर में नगर कांग्रेस का अध्यक्ष, नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष। तो महामंत्री, नगर कमेटी से लेकर वार्ड समिति, बूथ समिति, ब्लॉक समिति का तो अता पता ही नहीं है।
कांग्रेस के अन्य संगठन महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई को जिस गति से मोर्चा संभाल कर मैदान में उतर जाना चाहिए था वैसा तो कहीं भी दूर दूर तक नजर नहीं आ रहा है। इससे बेहतर तो बाल कांग्रेस है कहीं ना कहीं अपनी गतिविधि को सार्वजनिक तौर पर बनाए हुए हैं। कछुए और खरगोश की कहानी में तेज भागने वाला खरगोश हारता है और धैर्यता-स्थिरता के साथ चलने वाला कछुआ जीतता है। मतलब साफ है कि यहां भाजपा कछुए की चाल में भी चलते हुए कांग्रेस से कोसों आगे निकल चुकी है। एक तरीके से देखा जाए तो सही समय पर प्रत्याशी घोषित कर जबलपुर लोक सभा क्षेत्र में भाजपा अपना आधा चुनाव लड़ चुकी है। भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी आशीष दुबे एक दिन शहर और एक दिन ग्रामीण क्षेत्र में लगातार सघन जनसंपर्क कर रहे हैं। चुनाव के मद्दे नजर विभिन्न समाजों के प्रमुख लोगों के साथ बैठकर आयोजित हो रही है। प्रमुख लोगों से मिलने जुलने का कार्यक्रम जारी है।
कांग्रेस की कितनी दयनीय स्थित है कि इनके पास ना तो अभी तक लोकसभा चुनाव लडऩे के लिए प्रत्याशी का पता है और ना ही चुनाव की रूपरेखा बनाने के लिए प्रदेश से लेकर नगर स्तर तक संगठनात्मक नियुक्तियां हैं। दशकों से कांग्रेस में सक्रिय कार्यकर्ता और नेता पार्टी की स्थिति से बेहद चिंतित है।
बूथ विजय अभियान ..यहां बूथ समिति का ही पता नहीं
भाजपा का चुनाव अभियान किस गति से आगे चल रहा है इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि भाजपा ने अपने प्रमुख नेता नरेंद्र मोदी के आव्हान पर कल से 10 दिवसीय बूथ विजय अभियान प्रारंभ कर दिया है। भाजपा ने अपने हर बूथ में 370 मतों की बढ़ोतरी का लक्ष्य अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को दिया है। दूसरी और कांग्रेस में चुनाव अभियान तो दूर की बात बूथ स्तर तक की समितियां ही नहीं हैं।

Author: Jai Lok







