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कलेक्टर की पहल : न्यूनतम दर पर मिलेगी कॉपी-किताबें, यूनिफार्म 4 दिन लगेगा किताबों का मेला

प्रशासन की पहल पर 10 से 14 अप्रैल तक  

शहीद स्मारक में लगेगा बच्चों का बुक फेयर

                         स्कूल संचालक की समिति के माध्यम से होगा आयोजन
जबलपुर (जय लोक ) कलेक्टर दीपक सक्सेना की मंशा के अनुरूप जिले के इतिहास में पहली बार ऐसा कार्य होने जा रहा है जो ना केवल जबलपुर के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक नज़ीर के रूप में देखा जाएगा। निजी स्कूल संचालक और प्रकाशक,कॉपी किताब के विक्रेताओं यूनिफॉर्म, स्टेशनरी के विक्रेताओं के बीच की मोनोपॉली बनाकर षड्यंत्रकारी तरीके से अभिभावकों को लूटने के नेटवर्क को तोडऩे के लिए यह कदम उठाए जा रहा है। जिन बच्चों ने महंगी किताब कॉपियां पहले से खरीद ली है उन्हें कैसे राहत दिलाई जाए इस बारे में भी कलेक्टर दीपक सक्सेना  ने एडीएम श्रीमती मिशा सिंह एवं निजी स्कूलों की गठित की गई समिति को रास्ता निकालने के निर्देश दिए हैं।
स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों को उचित और प्रतिस्पर्धी दरों पर किताबें, कापियां यूनिफार्म तथा अन्य शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने स्कूल संचालक की समिति के माध्यम से  10 से 14 अप्रैल तक बुक फेयर का आयोजन किया जायेगा। बुक फेयर गोलबाजार स्थित शहीद स्मारक प्रांगण में लगाया जायेगा। नो प्रॉफिट-नो लॉस पर आधारित इस बुक फेयर में नर्सरी से लेकर 12 वीं कक्षा तक की कॉपी किताबों के स्टॉल के साथ-साथ यूनिफार्म, स्कूल बैग, जूते, टाई और अन्य शैक्षणिक सामग्रियों के अलग-अलग स्टॉल भी लगाये जायेंगे। बुक फेयर में बुक बैंक का अलग से एक स्टॉल होगा। इस स्टॉल पर पिछली कक्षाओं की किताबें स्कूली बच्चों द्वारा दी जा सकेंगी ताकि दूसरे बच्चे इनका उपयोग कर सकेंगे। बुक फेयर में प्रतिदिन शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। इसे मतदाता जागरूकता अभियान से भी जोड़ा जायेगा और स्वीप की गतिविधियां होंगी।  बच्चों के लिये खान-पान के स्टॉल मनोरंजन एवं खेलकूद के साधन भी मेले में उपलब्ध कराये जायेंगे।  बुक फेयर की तैयारियों को लेकर अपर कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह की अध्यक्षता में बुक सेलर्स की बैठक कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई तथा उनसे इसे बेहतर स्वरूप प्रदान करने और अभिभावकों को प्रतिस्पर्धी और न्यूनतम दर पर कॉपी-किताबें, यूनिफार्म एवं अन्य सामग्री उपलब्ध कराने के संबंध में सुझाव लिये गये। बैठक में बुक फेयर के आयोजन में सभी बुक सेलर्स से सहयोग का आग्रह करते हुये कहा कि कतिपय निजी स्कूलों की मनमानी से अभिभावकों को राहत दिलाने और उनपर पडऩे वाले आर्थिक बोझ को कम करने प्रशासन की इस पहल में सभी की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ऐसे स्कूलों पर प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही कर रहा है जिनके विरूद्ध किसी खास दुकान या पब्लिशर्स की किताबें खरीदने बच्चों को बाध्य करने की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इस बारे में शासन का रूख भी बेहद सख्त है।

बुक सेलरों ने बताया कि कैसी हो रही कमीशनबाजी

अपर कलेक्टर ने बैठक में मौजूद बुक सेलर्स से बुक फेयर के आयोजन को लेकर सुझाव भी लिये।  बुक सेलर्स ने सुझाव दिया कि निजी स्कूलों और पब्लिशर्स के बीच की साठगांठ को तोडऩे निजी स्कूलों से किताबों की सूची तीन महिने पहले जनवरी माह में ले ली जानी चाहिए। ताकि कुछ खास दुकानदारों के अलावा दूसरे किताब विक्रेता भी पब्लिशर्स से संपर्क कर उन किताबों को मंगा सकेंगे। कुछ बुक सेलर्स ने तो बैठक में बताया कि कतिपय स्कूलों और पब्लिशर्स के बीच साठगांठ के कारण 20 रूपये की कीमत वाली किताबों में 100 रूपये प्रिंट रेट डालकर अभिभावकों को खरीदने बाध्य किया जाता है। इसमें बड़ा हिस्सा सीधे निजी स्कूलों के प्रबंधन तक पहुंचता है। अनुचित लाभ कमाने के इस खेल में कई बड़े बुक सेलर प्रकाशक तक बन चुके हैं।
बैठक में बुक सेलर्स ने स्कूली बच्चों के अभिभावकों को आर्थिक बोझ से राहत दिलाने बुक फेयर के आयोजन की प्रशासन की पहल की सराहना की।बैठक में जबलपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष हिमांशु खरे, जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी, डीपीसी योगेश शर्मा, जबलपुर पुरातत्व, संस्कृति एवं पर्यटन परिषद के सीईओ हेमंत सिंह, सहायक संचालक पिछड़ा वर्ग कल्याण अशीष दीक्षित भी मौजूद थे।
                                         अगले साल से और पहले लगेगा बुक फेयर
एडीएम मिशा सिंह ने कहा कि बुक फेयर शाम के समय लगाया जायेगा ताकि बच्चे परिवार के साथ आयें और उन्हें एक अच्छा वातावरण मिले। अगले शैक्षणिक सत्र में बुक फेयर का आयोजन काफी पहले और वृहद स्वरूप में किया जायेगा तथा इस बार जो कमियां परिलक्षित होंगी उन्हें दूर किया जायेगा। कोशिश यह होगी कि एक ही स्थान पर सभी निजी स्कूलों की कॉपी-किताबें, यूनिफार्म एवं अन्य सभी सामग्री बच्चों को न्यूनतम और प्रतिस्पर्धी दर पर प्राप्त हो जायें।
जिन्होंने महंगी किताबें खरीदी उन्हें भी राहत के लिए तलाश रहे रास्ता
एडीएम श्रीमती  मिशा सिंह ने बताया कि कलेक्टर श्री सक्सेना का स्पष्ट कहना है कि मुनाफाखोरी के कारण जिन अभिभावकों ने अपने बच्चों की महंगी कॉपी किताब यूनिफॉर्म खरीद ली है उन्हें इस बुक फेयर के माध्यम से कैसे राहत दिलाई जाए इस बारे में भी विचार किया जा रहा है सभी से चर्चा कर इस दिशा में भी कुछ रास्ता निकाला जाएगा।

Jai Lok
Author: Jai Lok

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