
जबलपुर (जयलोक)
एक ओर तो जल प्लावन की स्थिति से निपटने के लिए सीवर लाइन कार्य कर जनता को राहत देने की कोशिश की जा रही है। लेकिन इस अधूरी कोशिश से जनता को राहत नहीं बल्कि परेशानी हो रही है। हमेशा की तरह शहर में सीवर लाइन का कार्य लोगों के लिए सिरदर्द बन गया है। ऐसा ही कुछ गढ़ा के गंगा नगर चौराहे में हो रहा है। जहाँ सीवर लाईन कार्य के लिए खोदे गए गड्ढे से प्रतिदिन एक दर्जन सडक़ हादसे हो रहे हैं।
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि करीब एक माह पूर्व गंगानगर चौराहे पर सीवर लाईन कार्य के लिए गड्ढा खोदा गया था। सीवर लाइन कार्य पूरा होने के बाद सीवर लाइन कार्य में जुटे कर्मचारी गड्ढा को पूरना भूल गए और गड्ढे को खुला ही छोडक़र अपना सामान समेटकर ले गए। चौराहा होने के कारण बीच सडक़ पर खोदे गए गड्ढे से यहाँ जाम लगने लगा है। इसके अलावा गड्ढे के चारों ओर फैली मिट्टी में फिसलकर लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि प्रतिदिन यहाँ 12 से 14 वाहन चालक फिसलकर घायल हो रहे हैं। जिसकी शिकायत कई बार की गई लेकिन कोई सुनने को ही तैयार नहीं है।
आज भी ई-रिक्शा पलटने से चार वर्षीय बच्चा घायल
इसी तरह का एक हादसा आज सुबह हुआ जब एक ई-रिक्शा अचानक फैली मिट्टी में फिसलकर पलट गया। इस हादसे में चार लोगों को चोटें पहुँची जिसमें एक चार साल का मासूम भी शामिल हैं। किसी तरह लोगों की भीड़ ने ई-रिक्शा को उठाकर सीधा किया। हादसे में बच्चे के सिर पर चोटें पहुँची हैं।
40 फुट की सडक़ हुई दस फुट
सीवर लाईन का कार्य शुरू होने से पहले यह सडक़ चालीस फुट की थी। लेकिन सीवर लाईन कार्य से अब यह सडक़ महज दस फुट ही बची हैं। आठ फुट के चौड़े सीवर लाईन के गड्ढे और आसपास फैली मिट्टी से सडक़ अब महज दस फुट ही बची है। इसी दस फुट की सडक़ से बड़े वाहनों से लेकर छोटे वाहन भी गुजर रहे हैं। जिससे हादसे होने का खतरा बना हुआ है।

Author: Jai Lok







