
जबलपुर (जय लोक)
दो दिन पूर्व जय लोक ने एक खबर प्रमुखता से प्रकशित की थी जिसमें शहर के आसपास ग्रामीण इलाकों में भू माफिया किस्म के अवैध और फर्जी बिल्डरों, प्रमोटरों द्वारा बिना सक्षम अनुमति के धड़ाधड़ खेतों पर फार्मलेंड अवैध कॉलोनियों का निर्माण कर प्लाट काटकर अवैध रूप से बेचा जा रहा है। कई लोग फर्जी बिल्डरों के झांसे में आकर अपने जीवन भर की जमा पूंजी दांव पर लगा चुके हैं। ऐसी ही अवैध कॉलोनी और अवैध फार्मलेंड के संबंध में

‘जय लोक’ ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित कर प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था। अवैध कॉलोनी के खिलाफ जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना ने पूर्व में ही कार्यवाही के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए थे। इसी परिपेक्ष में 11 अवैध कॉलोनी को चिन्हित कर उन पर सख्त कार्रवाई करते हुए उनके भूखंडों की खरीद फरोख्त पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। ऐसे विवादित खसरों के कालम नंबर 12 में अहस्तांतरण दर्ज कर दिया गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला कलेक्टर दीपक सक्सेना ने तत्काल प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेते हुए सभी संबंधित एसडीएम को अपने अपने क्षेत्र में संचालित हो रहे फार्मलेंड प्रोजेक्ट की वैधता जांचने के लिए निर्देशित किया है। जाँच के दौरान यह भी देखा जाएगा की लोक लुभाने प्रचार प्रसार के साथ लोगों को फसाने का झांसा देकर फर्जी बिल्डरों के पास रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) की अनिवार्य रूप से अनुमति है भी या नहीं। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, भूमि का डायवर्सन एवं अन्य विभागों से जरूरी तौर पर की जाने वाली अनुमति फार्मलेंड प्रोजेक्ट चला रहे हैं। प्रमोटर और बिल्डरों के पास है भी या नहीं।
चरगवां के एक बिल्डर की खुली है करतूत
अभी हाल ही में शहर के नामचीन बिल्डर रॉयल डेवलपर के नाम से चरगवां रोड पर 6500 वर्गफीट के फार्मलेंड को बेचने के बाद अपने ग्राहक के साथ धोखाधड़ी की थी और उसे पैसा लेने के बावजूद भी फार्मलेंड पूरा करके नहीं दिया। ग्राहक ने मामले की शिकायत रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) के समक्ष प्रस्तुत की थी। इसके बाद यह आदेश जारी हुआ था कि रॉयल डेवलपर के अरुण महेश्वर श्रीवास्तव निवासी रतन टावर मॉडल रोड नेपियर टाउन से दुगनी राशि वसूल कर ग्राहक को दी जाएगी। इस कार्य के आदेश जिला कलेक्टर जबलपुर को सौंपे गए। पूर्व में भी रेरा ने रॉयल डेवलपर के मालिकों को ग्राहक की राशि ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया था लेकिन रॉयल डेवलपर ने इसका पालन नहीं किया। ऐसे अनेक मामले अभी कई स्थानों पर शिकायतों के रूप में लंबित चले आ रहे हैं जहां अवैध कॉलोनी और अवैध फार्मलैंड के नाम पर बड़े बड़े बैनर और लोक लुभाने ऑफर देकर आम जनता को बेवकूफ बनाकर लूट गया है।
जबलपुर के आसपास लगे बरेला, बरगी, चरगवां रोड, समाधि रोड, कटंगी रोड, पाटन, सुरतलाई रोड, पनागर, खमरिया में कई ऐसे स्थान है जहां पूरे तामझाम और बड़े बड़े बैनर पोस्टर लगाकर बिना अनुमति के धोखाधड़ी करते हुए अवैध रूप से कॉलोनी में भूखंड और फार्मलेंड विक्रय खुलेआम किया जा रहा है।

इनका कहना है
जानकारी प्रकाश
में आने के बाद सभी एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे प्रोजेक्टों की जाँचकर सत्यता परखें और ज़रूरी एवं अनिवार्य अनुमतियों की जाँच करें। अवैध कार्यों पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।
–दीपक सक्सेना, कलेक्टर जबलपुर

Author: Jai Lok







