
अखिलेश्वरानंद, विनोद गोटिया और डॉ. जामदार भी पदमुक्त
जबलपुर (जयलोक)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने कार्यकाल में प्रदेश के निगम, मंडलों और प्राधिकरणों में पदाधिकारीयों तथा सदस्योंं की नियुक्तियाँ बड़े पैमाने पर की थीं। इनमें से कुछ को कैबिनेट मंत्री और कुछ को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया था।
कल नवनियुक्त मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने निगम, मंडल और प्राधिकरणों में सभी राजनीतिक नियुक्तियों को निरस्त करने का फैसला ले लिया। नई सरकार के गठन के बाद से ही इस बात की चर्चाएं चल रही थी कि निगम, मंडल और प्राधिकरण में राजनीतिक नियुक्तियां कभी भी रद्द हो सकती हैं। अब यह माना जा रहा है कि डॉक्टर मोहन यादव की सरकार नए सिरे से मंडलों, निगमों और प्राधिकरणों में नियुक्तियाँ करेगी।
शिवराज सरकार में जबलपुर से भी तीन राजनीतिक नियुक्तियाँ हुई थीं। जिनमें अखिलेश्वरानंद गिरि को गोपालन एवं पशुपालन संवर्धन बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इसी तरह पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष पद पर भाजपा के वरिष्ठ नेता विनोद गोटिया को शिवराज सरकार में नियुक्त किया गया था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जन अभियान परिषद में उपाध्यक्ष के पद पर जबलपुर के प्रख्यात चिकित्सक डॉक्टर जितेंद्र जामदार को नियुक्त किया था। अखिलेश्वरानंद गिरि और विनोद गोटिया को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया था। वहीं डॉक्टर जितेंद्र जामदार को राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया था।
यह माना जा रहा है कि अब जब प्रदेश की डॉक्टर मनमोहन यादव की सरकार निगम, मंडलों और प्राधिकरणों में नए सिरे से नियुक्तियां करेंगी। तब जबलपुर से भाजपा के किन राजनेताओं को इनमें जगह मिलती है इसको लेकर भी अभी से अंदाज लगने शुरू हो गए हैं। वहीं भाजपा के कई नेताओं ने दावेदारी भी शुरू कर दी है।
शिवराज सरकार में प्रदेश के कई विकास प्राधिकरण में अध्यक्ष और सदस्य नियुक्त कर दिए गए थे। लेकिन जबलपुर विकास प्राधिकरण में शिवराज सरकार ने किसी भी भाजपा के नेता की अध्यक्ष उपाध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति नहीं की। अब यह उम्मीद की जा रही है कि प्रदेश की मोहन यादव की सरकार द्वारा जबलपुर विकास प्राधिकरण में भी नए पदाधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।

Author: Jai Lok







