
जबलपुर (जयलोक)। नवरात्रि का पर्व शुरू होने में अब दो बाकी रह गए हैं। नवरात्रि में शहर में गरबा के आयोजनों की लगातार रफ्तार बढ़ती जा रही है। गरबा मुख्य रूप से युवाओं और युवतियों के लिए एक प्रमुख आकर्षण होता है। गरबा के आयोजक अब तो कई दिनों पहले से गरबा का अभ्यास भी शुरू करा चुके हैं। गरबा के आयोजनों में दर्शकों की भी बड़ी भीड़ होती है। इस भीड़ में अवांछनीय तत्व भी शामिल हो जाते हैं। ऐसे तत्व गरबा के आयोजन में छेडख़ानी भी करते नजर आते हैं।
गरबा को लेकर अब एक नई माँग शुरू हो चुकी है। नवरात्रि का पर्व चूंकि हिंदुओं का पर्व है और गरबा जैसे आयोजन भी हिंदुओं के लिए ही होते हैं। इसलिए अब हिंदु संगठनों ने यह माँग शुरू कर दी है कि गरबा के आयोजन में सिर्फ हिंदुओं को ही प्रवेश दिया जाए और गैर हिंदुओं को प्रवेश नहीं दिया जाना आयोजकों को सुनिश्चित करना चाहिए। हिंदु संगठनों ने गरबा के आयोजकों को यह सलाह भी दी है कि वे गरबा स्थल के प्रवेश द्वार के बाहर वराह अवतार की तस्वीर लगाएं और प्रवेशकर्ताओं से उसकी पूजा भी कराएं। पूजन के उपरांत ही आयोजन स्थल पर प्रवेश दिया जाना चाहिए। जो गैर हिंदु होंगे वे वराह अवतार की पूजा नहीं करेंगे।
गरबा के आयोजकों को सुरक्षा के लिए पुलिस को देना होंगे 20 हजार
शहर में गरबा के आयोजनों की शुरूआत अब होने जा रही है। इन आयोजनों के स्थल पर सुरक्षा की व्यवस्था करना भी पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती होती है। गरबा के ऐसे आयोजन जो कि व्यवसायिक स्तर पर आयोजित होंगे उनके आयोजकों को पुलिस की सुरक्षा लेने के लिए इस बार 20 हजार रूपये की राशि पुलिस विभाग को फीस के रूप में देना होगी। पुलिस व्यवसायिक आयोजनों में अब मुफ्त में सुरक्षा व्यवस्था नहीं करेगी। इस बार गरबा के आयोजनों की संख्या भी बढ़ गई है। पुलिस की सुरक्षा के लिए एक/चार की गार्ड की व्यवस्था के लिए 20 हजार रुपए फीस अदा करनी होगी।

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Author: Jai Lok







