
एक अनार सौ बीमार वाली स्थिति में हैं दावेदार, प्रभावियों के कारण अटकी हुई है सूची
जबलपुर (जयलोक)
भारतीय जनता पार्टी की नगर भाजपा संगठन की कार्यकारिणी घोषित होने की प्रतीक्षा तीव्र होती जा रही है। पूरा अनुमान है कि इस बार दशहरे में नगर के कई भाजपा नेताओं को संगठन के महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारियों के साथ नियुक्त होने का तोहफा मिल सकता है। वहीं निराश होने वाले भाजपा नेताओं की संख्या बहुत अधिक रहने वाली है क्योंकि वर्तमान स्थिति में दावेदार एक अनार सौ बीमार की स्थिति में मौजूद हैं। जानकारों का कहना है कि नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर को अपने पदाधिकारियों और नगर संगठन के लिए जो नियुक्तियां करना हैं उनमें प्रभावी लोगों का हस्ताक्षेप अधिक है। यह एक बड़ी वजह है जिसके कारण रोज सुबह सूची जारी होने का हल्ला होता है और रात होते होते तक पूरा मामला अगले दिन पर टल जाता है।
सूत्रों के अनुसार नगर अध्यक्ष के बाद उपाध्यक्ष और मंत्री का पद अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है और शहर के प्रभावी माननीय लोगों का पूरा जोर इन पदों पर अपने खास समर्थकों को तवज्जो दिलवाने पर लगा हुआ है। ये रस्साकशी अभी खुलकर सामने नहीं आई है और बड़े नेता संगठन के पदाधिकारी ऐसे किसी भी टकराव या रस्साकशी की बात से इंकार भी कर रहे हैं। हालांकि जो अंदर की बातें जानते हैं वे चेहरे से तो ना-ना में सर हिला रहे हैं लेकिन मन ही मन उनकी हामी समझ आ रही है।
हालही में दो दिनों पहले जिला भाजपा ग्रामीण की कार्यकारिणी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल की सहमति के बाद जबलपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष राजकुमार पटेल के द्वारा घोषित की गई। उनके द्वारा घोषित कार्यकारिणी में कुल 21 पदाधिकारी बनाए गए हैं। जाहिर सी बात है कि नगर संगठन में स्थान बनाने के लिए जोर आजमाइश के दौर से सबको गुजरना पड़ा। सभी ने अपने संपर्कों और अपने संरक्षकों की दमखम का पूरा उपयोग कर नगर ग्रामीण संगठन में स्थान बनाने में सफलता पाई है।
अब नगर संगठन में स्थान पाने के लिए जोर आजमाइश का दौर जारी है
भोपाल से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जबलपुर के अलावा कुछ अन्य भी ऐसे बड़े शहर हैं जहाँ के नगर भाजपा की कार्यकारिणी घोषित होने में विलंब हो रहा है। इसकी मुख्य वजह प्रस्तावित नामों पर आपसी समन्वय स्थापित होने का अभाव बताया जा रहा है। स्थानीय भाजपा नेताओं का दावा है कि नगर संगठन में तीन महामंत्री हो सकते हंै जिनमें से एक अनुसूचित जाति का हो सकता है।
जातिगत समीकरण के आधार पर भी नगर संगठन के पदाधिकारियों के नामों का चयन होना है। इसके अलावा विधानसभावार भी प्रभावी व्यक्तियों द्वारा भेजे गए नामों को शामिल किए जाने का दबाव है। इन्हीं सारी परिस्थितियों के कारण नगर संगठन की सूची जारी होने में देरी होना बताया जा रहा है। अटकलें तो आज भी लग रही हैं कि आज देर शाम तक या कल नगर संगठन की सूची जारी कर दी जाएगी।

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Author: Jai Lok







