
जबलपुर (जयलोक)
जिले की पुलिस सीमा रेखा के अनुसार बात की जाए तो जिले का आधारताल पुलिस संभाग पूरी तरीके से गुंडागर्दी की चपेट में नजर आ रहा है। अधारताल संभाग के अंतर्गत आने वाले तीनों थाना क्षेत्र की पुलिस ने मानो जैसे इस क्षेत्र के अपराधियों और गुंडो के ऊपर अपना नियंत्रण खो दिया है। आए दिन चाकू मारकर हत्या, एक दूसरे पर गोली दागने की घटनाएं सामान्य हो गई है।
विगत दिवस भी अधारताल थाना अंतर्गत सुहागी में स्थित होटल में गोली चलने की घटना हुई। बड़ी बात यह है कि दमोहनाका खिन्नी मोहल्ला के रहने वाला एक युवक बेधडक़ कमर में पिस्टल खोस कर शहर के रास्तों से घूमता हुआ अपने गोरखपुर निवासी दोस्त जो की सुहागी में स्थित होटल में मैनेजर है के पास पहुंचता है। इनके साथ एक और युवक जो गोहलपुर का रहने वाला है वह भी मौजूद रहता है। कुछ देर इनके बीच में बातचीत होती है। उसके बाद अचानक गोली चलने की आवाज आती है। गोली कृष्ण सतनामी के जबड़े में लगती है और गोली चलाने वाला उसका गोहलपुर में रहने वाला साथी शशांक कुशवाहा उर्फ चुन्नी ही होता है। मैनेजर छोटू यादव और शशांक घटना के तत्काल बाद मौके से भाग जाते हैं। सबसे बड़ी बात यह है की घटना के दूसरे दिन तक ना तो अधारताल संभाग की सीएसपी और ना ही थाना प्रभारी को यह जानकारी होती है कि अपराधी पकड़े गए हैं या नहीं। इतनी बड़ी वारदात हो जाने के बावजूद भी पुलिस के अधिकारी का रवैया यह स्पष्ट रूप से बताता है कि अधारताल संभाग में पुलिस अपराधियों पर पूरी तरीके से अपना नियंत्रण खो चुकी है। इसके पूर्व में भी मामूली सी बातों पर हथियार लेकर घूमने वाले युवकों ने हत्या जैसी वारदातों को अंजाम दिया है। कुछ दिनों पहले ही पूर्व विधायक द्वारा थाने में किया गया प्रदर्शन और पुलिस पर लगाए गए गंभीर आरोप पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना। इसके पूर्व में भी बालाघाट के एक युवक की बेरहमी से सिर्फ वाहन ओवरटेक करने की मामूली बात पर आधी रात को हथियारों से लैस बदमाशों ने हत्या कर दी। विगत कुछ माह में इस क्षेत्र में अपराधी घटनाओं में एकाएक बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बेखौफ अपराधी पुलिस का डर भूल चुके हैं, जिसकी जहां मर्जी हो रही है वहां गोली चला रहा है। जिसका मन कर रहा है वह हथियार लेकर सडक़ों पर घूम रहा है और लोगों पर जानलेवा हमले कर रहा है। यह क्षेत्र पूर्व में भी आपराधिक वारदातों का गढ़ रहा है। बीच में मजबूत पुलिसिंग के कारण यहां पर आपराधिक वारदातों में काफी हद तक लगाम कसी गई थी। लेकिन अब एक बार फिर पूरे क्षेत्र में आपराधिक तत्वों का बोलबाला है और लोग डर और खौफ में रहने के लिए मजबूर हैं।

Author: Jai Lok







