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आईटीआर की डेडलाइन खत्म होने के बाद भी बिना जुर्माना भरे कर सकेंगे टीडीएस रिफंड का दावा

नई दिल्ली,(एजेंसी/जयलोक) । इनकम टैक्स टीडीएस और पीएफ में लोगों को समझने में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कुछ लोग टीडीएस को ही पीएफ समझते हैं, तो कुछ को पता ही नहीं होता है कि टीडीएस एक इनकम टैक्स की तरह ही है। यही नहीं सबसे बड़ी दिक्कत तब आती है जब इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की तारीख निकल जाती थी और लोग टीडीएस रिफंड का दावा करते थे, लेकिन इसमें या तो आप पर जुर्माना लगता था या फिर आपको पैसा नहीं मिल पाता था।मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इन सभी दिक्कतों को दूर करने के लिए सरकार नया इनकम टैक्स बिल लेकर आ रही है, जिससे करदाताओं को बड़ी राहत मिलेगी। यह नया इनकम टैक्स बिल बेहद आसान होगा, ताकि आम जनता इसे समझ सके। बता दें इनकम टैक्स विधेयक लोकसभा में पास हो गया है। संसद ने मंगलवार को नए आयकर विधेयक को पारित कर दिया है।

अब इस बिल को राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। यह नया विधेयक करीब 64 साल पुराने आयकर विधेयक 1961 की जगह लेगा। एक चार्टर्ड अकाउंटेंट ने बताया कि देर से आईटीआर भरने वालों के लिए नए बिल में राहत दी गई है जैसे- अभी तक पुराने बिल में ड्यू डेट के बाद इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने पर रिफंड नहीं मिलता था। अब नए बिल में कोई भी व्यक्ति जिसका टीडीएस कटता है और उसने पिछले चार सालों में अगर इनकम टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है, तो अब वह इसे फाइल कर सकता है। उसका उसे पूरा रिफंड मिलेगा, उसके ऊपर कोई जुर्माना भी नहीं लगेगा। अब आप देर से आईटीआर फाइल करके भी अपना रिफंड पा सकेंगे।

बता दें 1961 के आयकर विधेयक में करदाताओं  को इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने की डेडलाइन निकल जाने के बाद रिफंड नहीं मिलता था। उन्होंने बताया कि नए बिल में प्रोविडेंट फंड (पीएफ) पर टीडीएस के नियम भी साफ होंगे। जैसे पीएफ से पैसा निकालने पर टीडीएस के नियमों को लेकर जो कन्फ्यूजन था उसे भी नए बिल में दूर किया गया है।चार्टर्ड अकाउंटेंट ने बताया कि पहले फाइनेंशियल ईयर और एसेसमेंट ईयर हुआ करते थे। फाइनेंशियल ईयर उस साल को कहते हैं जिसमें आपने पैसा कमाया होता है जैसे 1 अप्रैल 2024 से लेकर 31 मार्च 2025 तक फाइनेंशियल ईयर मान लें।

इस बार का और इस साल का टैक्स हमें एसेसमेंट ईयर यानी 2025 और 2026 में देना पड़ा। अब सरकार ने फाइनेंशियल ईयर और एसेसमेंट ईयर को खत्म कर दिया है। अब सिर्फ टैक्स ईयर कर दिया है यानी जिस साल में आप पैसा कमाएंगे उसी साल आपको टैक्स देना होगा। यह सबसे बड़ी राहत है और लोगों में अब एसेसमेंट और फाइनेंशियल ईयर को लेकर जो कंफ्यूजन था वह भी दूर हो जाएगा।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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