
जबलपुर (जय लोक)। शहर में आंदोलन दो प्रकार के होते हंै एक दिखावे के लिए और हो हल्ला मचाने के लिए और दूसरे जिसमें विषय से जुड़े पीडि़त लोगों को तत्काल राहत मिल सके। कल जो आंदोलन सफाई कर्मचारियों के हित में पूर्व विधायक, पूर्व नेता प्रतिपक्ष विनय सक्सेना की अगुवाई में किया गया उस आंदोलन से तत्काल कई आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में आने वाले सफाई कर्मचारियों को लाभ मिला। डेढ़ साल से रुका हुआ भुगतान का सवा 6 लाख रूपये भी तत्काल निगम प्रशासन के द्वारा चेक के माध्यम से दिया गया। इस राशि के प्राप्त होते ही सफाई कर्मियों के चेहरे पर ख़ुशी आ गई। इसके पूर्व में जब दमोहनाका के समीप सडक़ चौड़ी करने के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही चल रही थी तब भी पीडि़त परिवार के लोगों को विनय सक्सेना ने प्रदर्शन के दौरान ढाई करोड़ रूपये की राशि तत्काल मौके पर शासन के माध्यम से दिलवाई थी।

ऐसे सार्थक प्रदर्शन से जहाँ गरीबों को इन्साफ भी मिल जाता है वहीँ ठेकेदारों और अधिकारियों की मनमानी पर रोक भी लगती है। नगर निगम के सफाई ठेके में काम पर लगाए गए सफाई मित्रों एवं विभिन्न विभागों में काम पर लगाए गए आउटसोर्स कर्मचारियों के आर्थिक, शारीरिक और मानसिक शोषण का विरोध सडक़ों पर कल नजर आया। कांग्रेस नेता उत्तर मध्य से पूर्व विधायक विनय सक्सेना ने इस मुद्दे को लेकर कल शाम एक विशाल मशाल जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। श्री सक्सेना का साफ़ कहना है कि सफाई कर्मचारियों के हित की यह लड़ाई अब आर पार की लड़ाई है। मालवीय चौक से नगर निगम तक मशाल जुलूस निकाला गया जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता एवं सफाई कर्मी शामिल हुये। श्री सक्सेना ने सफाई कर्मियों के हक़ में शासकीय नियमों और ठेका नियम शर्तों के मुताबिक अपने अधिकारों की रक्षा की आवाज़ बुलंद कर विरोध प्रदर्शन किया। नगर निगम में सफाई ठेका कर्मचारी बीते करीब डेढ़ वर्षों से अपने बकाया वेतन की माँग करते आ रहे हैं। जो इनको कल नसीब हुआ।

अन्य माँगे भी मानी, जल्द सुधार का दिया आश्वासन- अब तक आलम ये था कि कर्मचारियों को कलेक्टर गाइड लाइन के हिसाब से न्यूनतम मजदूरी नहीं दी जा रही थी बल्कि आज भी उनकी दिहाड़ी 220 रुपये मात्र है।


सिर्फ इतना ही नहीं नगर निगम ठेकेदार को 30 दिन का वेतन दे रहा है मगर ठेकेदार कर्मचारियों मात्र 26 दिन की मजदूरी ही दे रहा है। नियम अनुसार कर्मचारियों के पीएफ और ईएसआईसी की राशि भी ठेकेदार द्वारा जमा नहीं की जा रही जिससे भविष्य में भी कर्मचारियों को कोई लाभ या सहायता मिलने वाली नहीं है। विनय सक्सेना ने सफाई मित्रों और आउटसोर्स कर्मचारियों के शोषण के खिलाफ इन सभी मुद्दों को उठाया, जिसके बाद निगम प्रशासन की ओर से इन सभी जायज मांगों को मानने और जल्द सुधार के आश्वासन दिए गये हैं। सफाई कर्मियों ने उन्हें मिली बड़ी राहत के लिए कांग्रेस पार्टी और श्री सक्सेना का आभार व्यक्त किया है।
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Author: Jai Lok






