Download Our App

Home » दुनिया » इस बार गणतंत्र दिवस पर 982 पुलिस कर्मियों को दिए जाएंगे सेवा मेडल

इस बार गणतंत्र दिवस पर 982 पुलिस कर्मियों को दिए जाएंगे सेवा मेडल

इन पुरस्कारों में 125 वीरता पदक, सबसे ज्यादा 45 जम्मू-कश्मीर पुलिस को
नई दिल्ली (जयलोक)। गणतंत्र दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गैलेंट्री अवॉर्ड्स और सेवा मेडल की घोषणा की है। इस बार 982 पुलिस, फायर ब्रिगेड, होम गार्ड, सिविल डिफेंस और करेक्शनल सर्विस से जुड़ें कर्मियों को अलग-अलग सेवा मेडल दिए गए हैं। इन पुरस्कारों में 125 वीरता पदक भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा 45 वीरता पदक जम्मू और कश्मीर ऑपरेशन थिएटर में तैनात कर्मियों को दिए गए हैं।
इसके बाद नक्सल हिंसा प्रभावित क्षेत्रों के 35 और पूर्वोत्तर क्षेत्र में तैनात 5 कर्मियों को दिए गए हैं। फायर ब्रिगेड सर्विस के 4 बचावकर्मी भी वीरता पदक विजेताओं में चुने गए हैं। जम्मू और कश्मीर पुलिस को सबसे ज्यादा 33 वीरता पदक दिए गए हैं। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस को 31 मेडल, यूपी पुलिस को 18 और दिल्ली पुलिस को 14 मेडल दिए गए हैं। सीएपीएफ बलों में सीआरपीएफ एकमात्र बल है जिसे 12 पदकों के साथ वीरता पुरस्कार दिए गए हैं।
इस सूची में अधिकारियों और कर्मियों को 101 राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक और 756 मेधावी सेवा पदक भी शामिल हैं। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) के 31 अधिकारियों और कर्मचारियों को विशिष्ट सेवा के लिए प्रेसिडेंट पुलिस मेडल और सराहनीय सेवा के लिए पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया है।
बता दें वीरता पदक किसी व्यक्ति को वीरता के दुर्लभ असाधारण कार्य, जीवन-संपत्ति बचाने, अपराध को रोकने, अपराधियों को गिरफ्तार करने में असाधारण वीरता के लिए दिया जाता है। संबंधित अधिकारी के दायित्व-कर्तव्य को ध्यान में रखकर जोखिम का अनुमान लगाया जाता है।
प्रेसिडेंट सेवा मेडल पीएसएम सेवा में विशेष विशिष्ट रिकॉर्ड के लिए दिया जाता है। वहीं मेधावी सेवा मेडल यह पद सेवा संसाधन और कर्तव्यनिष्ठा से की जाने वाली मूल्यवान सेवा के लिए दिया जाता है।
एसएसबी के 13 जवानों को मिलेगा सम्मान
गृह मंत्रालय के मुताबिक गणतंत्र दिवस पर एसएसबी के 13 जांबाजों का नाम राष्?ट्रपति पुलिस पदक के लिए चयनित किया गया है। इसमें 2 जवानों को विशिष्?ट सेवाओं के लिए और 11 जांबाजों को सराहनीय सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्?मानित किया गया है। बता दें एसएसबी का इतिहास आजादी के बाद के दौर से जुड़ा है। इसकी स्थापना 1963 में हुई थी, जब 1962 के युद्ध के बाद भारत को अपनी सीमाओं को और मजबूत करने की जरूरत महसूस हुई। शुरुआत में यह बल सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय लोगों के साथ भरोसे का रिश्ता बनाने पर केंद्रित था। समय के साथ इसकी भूमिका और दायरा दोनों बढ़ते गए। आज एसएसबी भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालता है।

 

अजित वर्मा जी द्वारा स्थापित जयलोक का 34 वें वर्ष में प्रवेश

Jai Lok
Author: Jai Lok

RELATED LATEST NEWS

Home » दुनिया » इस बार गणतंत्र दिवस पर 982 पुलिस कर्मियों को दिए जाएंगे सेवा मेडल