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उत्तर मध्य से जुड़े गंभीर विषयों पर पूर्व विधायक सक्सेना ने की आयुक्त से मुलाकात, ठेकेदारों पर लग रही पैनाल्टी तो पार्षद कैसे दे रहे संतुष्टि प्रमाण पत्र,  सिर्फ कागजों में दर्ज हो रही सफाई कर्मियों की उपस्थिति

जबलपुर (जयलोक)। नगर निगम में सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार उठ  रही शिकायतों के बीच उत्तर मध्य के पूर्व विधायक विनय सक्सेना बुधवार को नगर निगम आयुक्त से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सफाई व्यवस्था में चल रही कथित गड़बडिय़ों और संभावित घोटाले को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उनके साथ ब्लॉक अध्यक्ष, कांग्रेस नेता, युका एवं एनएसयूआई पदाधिकारी एवं आमजन मौजूद थे।
घोटाले की आशंका से परिपूर्ण बड़े गंभीर विषय को उठाते हुए पूर्व विधायक श्री सक्सेना ने आयुक्त से कहा कि जब नगर निगम के अधिकारियों के आकस्मिक दौरे और जाँच के समय वार्ड के सफाई कर्मचारियों की संख्या कम पाई जाती है और संबंधित ठेकेदार पर पैनाल्टी लगाई जाती है तो फिर ऐसे वार्डों के पार्षदों के द्वारा ठेकेदारों के पक्ष में दिए जा रहे संतुष्टि प्रमाणपत्र की जाँच होनी चाहिए। सफाई मित्र जब तक पूरी संख्या में वार्डों में तैनात नहंी होंगे तब तक शहर की सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं आएगी।

ईपीएस रजिस्ट्रेशन पोर्टल में करें अनिवार्य

नगर निगम आयुक्त से चर्चा के दौरान पूर्व विधायक विनय सक्सेना ने कहा कि सफाई कर्मचारियों से तो काम लिया जा रहा है, लेकिन सफाई कर्मचारियों को उनका ईपीएस नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा नियम अनुसार सभी कर्मचारियों का पोर्टल में रजिस्ट्रेशन होना अनिवार्य है। लेकिन सफाई कर्मचारियों का न तो संबंधित पोर्टल पर पंजीयन कराया जा रहा है और न ही उन्हें उनके अधिकारों की जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों और ठेकेदारों की मिली भगत में पूरा घोटाला चल रहा है।

सांठगांठ का खेल बंद हो, पब्लिक डोमेन पर डले जानकारी

पूर्व विधायक श्री सक्सेना ने आयुक्त से कहा कि सफाई व्यवस्था में सुधार के बजाय कुछ जनप्रतिनिधि, निगम अधिकारी और ठेकेदार आपसी तालमेल से निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं और सफाई कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। विनय सक्सेना ने नगर निगम आयुक्त से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही किस वार्ड में कितने सफाईकर्मी लगाए जा रहे हैं इस बात की जानकारी पब्लिक डोमेन पर उपलब्ध होनी चाहिए। ताकि वार्ड के लोगों केा भी पता चल सके कि निगम कितने सफाई कर्मचारियों का भुगतान कर रहा है और उनकी बीट में कितने लोग काम पर आ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि इन गड़बडिय़ों की जांच नहीं की गई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। इस मौके पर अजय रावत, रज्जू सराफ, कमल दीक्षित, रिंकू शर्मा, शरद नामदेव बब्लू, राजीव तिवारी, नीरज जैन, ब्लॉक अध्यक्ष सुसिम धर, सिद्धांत जैन गोलू, मेवालाल पटेल, साहिल यादव, पंकज पटेल, आयुष पहारिया, सचिन रजक, आदेश चौबे, सौरभ रैकवार सोनू, मोनू खण्डेलवाल, बंटी ठाकुर, सौरभ नामदेव, रमेश यादव सहित बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

हर वार्ड में बराबर सफाई कर्मचारी होने चाहिए

श्री सक्सेना ने एक और गंभीर मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब नगर निगम आयुक्त स्वयं निरीक्षण के लिए मौके पर जाते हैं, तो वहां केवल 10 से 15 सफाई कर्मचारी ही दिखाई देते हैं, जबकि कागजों में 40 से 50 कर्मचारियों की तैनाती दर्शाई जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर शेष कर्मचारी कहां हैं और उनके नाम पर भुगतान कैसे किया जा रहा है। एक ओर किसी पार्षद के प्रभाव में उसके वार्ड में 50-60 सफाई मित्रों की तैनाती और कचरा उठाने वाले एक दर्जन से अधिक वाहन तैनात कर दिए जाते हैं तो दूसरी ओर    कांगे्रस के कई ऐसे पार्षद हैं जिनके वार्ड में केवल 4-5 सफाईकर्मी ही मुश्किल से काम कर पा रहे हैं। ये अनियमितता है हर वार्ड में बराबर संख्या में सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति होना चाहिए।

 

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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