
नई दिल्ली (जयलोक)। राज्य सरकार एक बगिया मां के नाम से नई योजना प्रारंभ करने जा रही है। जिसमें स्व-सहायता समूह की 30 हजार महिलाओं को आजीविका संवर्धन के लिए 30 हजार एकड़ भूमि पर 30 लाख उद्यानिकी पौधों का रोपण कराएगी। इस पर करीब 900 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक शुरू होने से पहले मंत्रियों से कही। उन्होंने कहा कि इस भूमि पर फल उद्यान का विकास किया जाएगा। डॉ. यादव ने बताया कि इस योजना में हितग्राहियों को पौधे, खाद, गड्ढे खोदने के साथ ही पौधों की सुरक्षा के लिए तारफेंसिंग और सिंचाई के लिए जल कुंड बनाने के लिए भी राशि दी जाएगी। उद्यान विकास के लिए महिला हितग्राहियों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। एक पेड़ मां के नाम अभियान 1 जुलाई से 15 सितंबर तक चलाया जाएगा। इसमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय विकास, वन, उद्यानिकी सहित सभी विभाग सहभागिता करेंगे । इससे पहले मुख्यमंत्री ने प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान के सफल आयोजन के लिए सभी को बधाई दी। कैबिनेट ने हर विधानसभा क्षेत्र में एक वृंदावन ग्राम बनाने का फैसला किया है। वृंदावन ग्राम के लिए 27 मानक तय किए गए हैं जिसके आधार पर ग्रामों का विकास कराया जाएगा। इसमें ग्रामीणों को पशुपालन से जोडक़र उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के मानक हैं। पूर्व में सरकार प्रदेश के 313 विकासखंडों में एक-एक वृंदावन ग्राम बनाने का फैसला ले चुकी है।
1766 पुलों के लिए 4572 करोड़ मंजूर
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना के अंतर्गत बनाए गए पुलों और सडक़ों के क्षतिग्रस्त होने के कारण आवागमन में दिक्कत होती है इसलिए सरकार ने सडक़ों के सुधार और पुलों के मरम्मत के लिए निर्णय लिया है।
Author: Jai Lok







