
छतरपुर। छतरपुर में एटीएम में कैश लोड करने आ रही कार से 61 लाख रुपए की लूट के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जिस कंपनी पर एटीएम में कैश लोड करने की जिम्मेदारी थी, उसकी कंपनी के फ्रेंचाइजी संचालक मनीष अहिरवार ने अपने दो सगे भाई पुष्पेंद्र, प्रदीप और मामा के लडक़े रवि अहिरवार के साथ मिलकर लूट की साजिश रची।
पुलिस ने रविवार को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि मनीष इस लूट का मास्टरमाइंड था। उस पर एक्सिस बैंक का 53 लाख रुपए का कर्ज था। उसका इंडिया वन एटीएम फ्रेंचाइजी से 17 लाख रुपए का विवाद भी चल रहा था। इसलिए उसने यह साजिश रची।
एक दिन पहले ही एक्सिस बैंक से निकाले थे रुपए- गौरिहार थाना प्रभारी संदीप दीक्षित ने बताया कि मनीष हितार्थ कंपनी का फ्रेंचाइजी संचालक था। उस पर 13 एटीएम में कैश डालने की जिम्मेदारी थी। वारदात से एक दिन पहले उसने महोबा के एक्सिस बैंक से 61 लाख रुपए निकाले। उसने बैंक कर्मचारियों से यह कहकर पैसा लिया था कि छतरपुर की ओर जाते समय एटीएम में नकदी जमा कर देंगे।
ड्राइवर को धमकाया-गोली मार देंगे- 14 अगस्त को मनीष आरै एक ड्राइवर रामबाबू कार से कैश लेकर सरबई एटीएम में डालने निकल पड़े। ड्राइवर को इसकी जानकारी नहीं थी। मनीष ने उसे कार भी नहीं चलाने दी। इस दौरान प्रदीप, रवि और पुष्पेंद्र ने बाइक से कार का पीछा किया। कार जब गौरिहार क्षेत्र में चितहरी तिराहे पर पहुंची तो बाइक सवारों ने कार को रोका। कट्?टा दिखाकर ड्राइवर को धमकी दी कि यदि विरोध किया तो गोली मार देंगे। इसके बाद रुपए लेकर फरार हो गए। आरोपी कार की चाबी भी वहीं छोड़ गए।
मोबाइल लोकेशन से पकड़ाए आरोपी- मनीष पर एक्सिस बैंक का 53 लाख का कर्ज बकाया था। उस पर अन्य कंपनी में काम करते समय 17 लाख रुपए की हेराफेरी करने का केस चल रहा है। पुलिस ने संदेह के घेर में मानकर उससे पूछताछ की। पहले उसने खुद का नाम मनीष परिहार बताया। शक होने पर जांच की तो पता चला कि घटनास्थल पर चारों आरोपियों की लोकेशन एक साथ पाई गई। मनीष उसी दिन सरबई, लवकुशनगर, चंदला, अजयगढ़, टटम, गढ़ीमलहरा और छतरपुर के 13 एटीएम में पैसे डालने के लिए निकला था।
Author: Jai Lok







