
प्रदेश में पहली बार वित्त मंत्री ने पेपरलेस बजट पेश किया
बजट की प्रमुख और बड़ी बातें
लाडली बहना योजना के 23 हजार 882 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
सिंचाई परियोजनाओं के लिए 14 हजार 742 करोड़।
श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।
किसानों को 3000 करोड़ से 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री मजरा-टोला सडक़ योजना के लिए 21630 करोड़ की मंजूरी दी गई है।
मत्स्य उत्पादन के लिए 412 करोड़ का प्रावधान किया।
प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत अब तक 4 करोड़ 61 लाख खाते खोले जा चुके हैं।
जनजातीय क्षेत्रों के 11,277 गांवों के विकास के लिए 793 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान है।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना में 1 करोड़ 54 लाख पंजीयन
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में 3 करोड़ 64 लाख पंजीयन
अटल पेंशन योजना में 46 लाख पंजीयन हैं।
प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 23 हजार 747 करोड़ का प्रवधान किया है।
सिंहस्थ के लिए 21 हजार 561 करोड़, अभी 13 हजार के काम चल रहे हैं।
भोपाल और इंदौर को 972 इलेक्ट्रिक बस मिलेंगी।
बुंदेलखंड के सागर में 1500 एकड़ जमीन पर इंडस्ट्रियल पैकेज की घोषणा।
भोपाल (जयलोक) मध्य प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश कर दिया हैं। खास बात ये रही कि इस बार वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में तीसरे दिन पेपरलेस बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रजा के सुख में राजा का सुख है। प्रजा के हित में राजा का हित है। महिला, युवा, किसान और गरीबों के लिए बजट है। कृषि वर्ष होने से बजट किसानों को समर्पित रहेगा। प्रदेश में 28 प्रतिशत युवा हैं। युवाओं के लिहाज से भी बजट है। बजट में तीन साल की प्लानिंग की झलक है।सदन में उन्होंने बताया कि गरीबी को आय से नहीं स्वास्थ्य, स्वच्छता से भी आंका गया है। ऋण प्रबंधन और अर्थ प्रबंधन में पारदर्शिता है। वहीं डिप्टी सीएम ने बताया कि 2 साल में 33 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए हैं। मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 का बजट पेश करते हुए किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं को केंद्र में रखा है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 1 लाख सोलर पंप, श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़, 11,277 जनजातीय गांवों के विकास, ग्रामीण कनेक्टिविटी, छात्रवृत्ति योजनाओं और महिला कल्याण के लिए 1.27 लाख करोड़ से अधिक के प्रावधान की घोषणा की। बजट में कृषि, सामाजिक सुरक्षा और नारी सशक्तिकरण पर विशेष फोकस दिखाई दिया।
किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे
3000 करोड़ रुपए की लागत से किसानों को 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। किसान परिवारों को किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रतिवर्ष कुल 12 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। भावांतर योजना की सफलता से प्रभावित होकर अन्य राज्यों ने भी इसमें रुचि दिखाई है। कृषक उन्नति योजना की घोषणा की गई है, जिसके अंतर्गत किसानों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। वहीं, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लिए 21 लाख 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र पंजीकृत किया गया है। देवड़ा ने कहा कि हमारा प्रदेश दाल उत्पादन में प्रथम और गेहूं तिलहन में द्वितीय स्थान रखता है। प्रदेश का संतरा, धनिया और लहसुन में भी अग्रणी है। खेतों में उत्पादन से विक्रय तक में किसानों को सहायता दी जा रही है।
पीएम फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सीएम कृषक उन्नति योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है।
6.69 लाख किसानों को 337 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जाएगी।
1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।
श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ का प्रावधान
वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा- सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया है। इस बजट का उद्देश्य मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और गरीब वर्ग को सामाजिक सुरक्षा से जोडऩा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक राज्य में 4 करोड़ 61 लाख से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं। इससे बड़ी संख्या में लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में अब तक 3 करोड़ 64 लाख लोगों का पंजीयन हो चुका है। इस योजना के तहत दुर्घटना की स्थिति में बीमा सुरक्षा दी जाती है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से भी बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। इस योजना में अब तक 1 करोड़ 54 लाख से ज्यादा लोगों ने पंजीयन कराया है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है।
कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट
सीएम युवा शक्ति योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्र में सर्व सुलभ स्टेडियम बनाए जाने की व्यवस्था की जा रही है. कल्याण विभाग के लिए 815 करोड़ का बजट तय किया गया है। लाड़ली लक्ष्मी योजना में 52 लाख 29 हजार बालिकाओं को लाभान्वित किया गया है।
महिला सशक्तिकरण और नारी कल्याण को सौगात
इस बजट में महिला सशक्तिकरण और नारी कल्याण को केंद्र में रखा गया है। बजट में महिलाओं और बालिकाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 8,801 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है, जिससे प्रदेश की करोड़ों महिलाओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण अभियान को मजबूत करने के लिए 80 लाख दूध पैकेट वितरित किए जाएंगे। इस योजना के लिए 6,700 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। कामकाजी महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई जिलों में ‘सखी भवन’ का निर्माण किया जा रहा है, ताकि बाहर से आने वाली महिलाओं को सुरक्षित और किफायती आवास मिल सके। सरकार ने नारी कल्याण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए कुल 1,27,555 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है।
7 लाख 95 हजार विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता
वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने विशेष ध्यान दिया है। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 7 लाख 95 हजार विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। वहीं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सरदार पटेल कोचिंग योजना के अंतर्गत 4 हजार विद्यार्थियों को लाभ देने का लक्ष्य तय किया गया है। सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए भी बड़े स्तर पर बजट का प्रावधान किया गया है। पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, घुमक्कड़ एवं अर्ध-घुमक्कड़ समुदायों के विकास के लिए 1,651 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोडऩे के लिए कनेक्टिविटी सुधार पर विशेष जोर दिया गया है, जिसके तहत 21,630 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दी गई है।
सडक़ों की मरम्मत के लिए 12,690 करोड़
फाइनेंस मिनिस्टर देवड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री माजरा टोला के तहत 20,900 किलोमीटर सडक़ बनाने का स्टेटस दिया गया है। सडक़ रिपेयर के लिए 12,690 करोड़ का प्रोविजन किया गया है। युवा परिवारों के मेट्रोपॉलिटन एरिया में बढ़ते माइग्रेशन के असर को कम करने के लिए संध्या छाया प्रोग्राम शुरू किया गया है।
खेल के लिए 815 करोड़ रू पए का प्रावधान
मंत्री देवड़ा ने कहा कि युवाओं की खेल योजनाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्टेडियम निर्माण का कार्य शुरू किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में चार स्टेडियमों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके साथ ही खेल गतिविधियों के लिए 815 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
पीएम आवास के लिए 6 हजार 850 करोड़ का प्रावधान
वित्त मंत्री ने कहा कि 6 हजार 850 करोड़ पीएम आवास के लिए प्रावधान है। पीएम जनमन के लिए 900 करोड़, जी रामजी के लिए 10428 करोड़ के प्रावधान किए गए हैं। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के लिए 40062 करोड रुपए का प्रावधान किया गया है।
पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6 हजार 151 करोड़ का प्रावधान
देवड़ा ने कहा कि कृषि वानिकी योजना शुरू की जाएगी इससे सरकार आमदनी बढ़ाने का काम करेगी। वन पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6 हजार 151 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 50 करोड़
वित्त मंत्री ने कहा कि धार्मिक और सामाजिक योजनाओं को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत 50 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, ताकि वरिष्ठ नागरिकों और जरूरतमंद लोगों को धार्मिक स्थलों की यात्रा का लाभ मिल सके। वहीं, धर्म और संस्कृति के संरक्षण व संवर्धन के लिए सरकार ने 2 हजार 55 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है।
सिंहस्थ महापर्व के लिए बड़ा एलान
सरकार ने सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों को लेकर बड़ा एलान किया। बजट भाषण में कहा गया कि भारतीय संस्कृति और हिंदू आस्था के इस वैश्विक आध्यात्मिक आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप देने के लिए राज्य सरकार समयबद्ध कार्ययोजना पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सिंहस्थ क्षेत्र के समग्र विकास के लिए 13 हजार 851 करोड़ रुपये के विभिन्न कार्य स्वीकृत किए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा, यातायात प्रबंधन और अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बजट में बताया गया कि इंदौर-उज्जैन मार्ग के सिक्स लेन चौड़ीकरण के लिए 1 हजार 164 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत स्वीकृत की गई है। इसके अलावा इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड हाईवे के निर्माण के लिए 1 हजार 370 करोड़ रुपये तथा उज्जैन बायपास मार्ग के लिए 701 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन परियोजनाओं से सिंहस्थ के दौरान आवागमन को सुगम बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
चीता संरक्षण, धार्मिक पर्यटन और कृषि को समर्पित ये बजट: सीएम मोहन यादव
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बजट पेश होने के बाद कहा कि प्रदेश सरकार यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तेज़ गति से आगे बढ़ रही है और मध्यप्रदेश भी विकास की नई रफ्तार पकड़ चुका है। उन्होंने कहा कि यह बजट ज्ञान पर आधारित है विकास और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
सीएम ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ एक वर्ष का बजट नहीं, बल्कि आगामी दो वर्षों के विकास की रूपरेखा तय करने वाला बजट है। उन्होंने कहा कि यह बजट समृद्ध मध्यप्रदेश, सुखद मध्यप्रदेश, संपन्न मध्यप्रदेश और संस्कृतिमय मध्यप्रदेश के ध्येय वाक्य को साकार करने वाला है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में मंजरे-टोले तक सडक़ों का विस्तार किया जा रहा है, जिसके लिए 21,630 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। साथ ही ‘द्वारका योजना’ नाम से एक नई योजना शुरू की गई है, जिसके लिए 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है।
उन्होंने कहा कि यह देश का पहला रोलिंग बजट है, जिसमें दो वर्षों का खाका प्रस्तुत किया गया है। वर्ष 2026-27 के लिए 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस वर्ष को कृषि को समर्पित किया गया है और किसान कल्याण के लिए 1 लाख 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि का प्रावधान किया गया है। सीएम ने कहा कि राज्य 30 फीसदी ग्रोथ रेट के साथ आगे बढ़ रहा है। पूंजीगत व्यय में बेहतर प्रबंधन किया गया है और एक रुपये का भी टैक्स नहीं बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश देश का तीसरा सबसे युवा प्रदेश है। प्रदेश में पर्यटन को भी नई ऊंचाइयां मिल रही हैं और साढ़े 13 करोड़ से अधिक पर्यटक मध्यप्रदेश घूमने आए हैं। धार्मिक पर्यटन को विशेष रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है।
वन्यजीव संरक्षण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आठ चीते और मध्यप्रदेश आ रहे हैं तथा प्रदेश में चीतों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। साथ ही जंगली भैंस को भी मध्यप्रदेश में दोबारा बसाने की तैयारी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि लाड़ली बहनों के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान किया गया है, जिससे महिलाओं के सशक्तिकरण को और मजबूती मिलेगी।
विधायक निधि नहीं बढ़ाने पर विपक्ष का हंगामा
बजट भाषण के दौरान सदन में कांग्रेस विधायकों ने विधायक निधि बढ़ोतरी नहीं किए जाने के कारण बजट भाषण के दौरान हंगामा किया। बजट भाषण पर सवाल उठाए। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विधायकों को शांत होकर अपनी सीट पर बैठने के निर्देश दिए। वहीं, कांग्रेस विधायक सरकार पर कर्ज के विरोध में खाली डिब्बे और गुल्लक लेकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने कहा कि राज्य का कर्ज लगातार बढ़ रहा है। विरोध के दौरान कांग्रेस नेताओं ने तख्तियां पकड़ी हुई थीं, जिन पर लिखा था कि कर्ज बजट से ज्यादा है, फिर आप कहते हैं कि सब ठीक है।
Author: Jai Lok







