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एस्सेल कंपनी का ठेका निरस्त करने कल एमआईसी जाएगा प्रस्ताव एक हफ्ते में बहुत बेहतर हो जाएगी डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था – आयुक्त प्रीति यादव

200 से अधिक गाडिय़ों से लगा रहे दो शिफ्ट, एस्सेल कंपनी को दी गई गाडिय़ां भी ली जा रहीं वापिस उनका भी

उपयोग कचरा कलेक्शन में होगा

जबलपुर (जयलोक)।
एस्सेल कंपनी है हठधर्मिता और ब्लैकमेल करने वाले रवैया को नगर निगम बिल्कुल भी बर्दाश्त करने की स्थिति में अब नहीं हैं। निगमायुक्त श्रीमती प्रीति यादव ने सफाई व्यवस्था का संचालन कर रही ठेका कंपनी की लगातार प्राप्त हो रही शिकायतों और ब्लैकमेलिंग करने की हरकतों के बाद एस्सेल कंपनी का ठेका निरस्त करने का निर्णय ले लिया है। जयलोक से चर्चा करते हुए आयुक्त प्रीति यादव ने कहा कि हम पूर्व में भी तीन बार कंपनी को नोटिस देकर चेतावनी दे चुके हैं। अब कल कानूनी रूप से लीगल नोटिस भेजा जाएगा एवं एमआईसी में भी एस्सेल कंपनी का ठेका निरस्त करने का प्रस्ताव भेजा जाएगा। इस बीच हमारी प्राथमिकता यह है कि शहर की सफाई व्यवस्था बिगड़ ना पाए। हमारी पूरी टीम बहुत मेहनत के साथ यह कार्य कर रही है। रोजाना 200 से अधिक वाहन 405 ट्रिप कचरे का कलेक्शन दो शिफ्ट में कर रहे हैं। जल्दी इस व्यवस्था को और मजबूत कर दिया जाएगा।
आने वाले समय में नगर निगम ही इस पूरी व्यवस्था का सीधे रूप से संचालन करेगा। एस्सेल कंपनी को किराए पर दिए गए नगर निगम के  वाहनों को भी वापस लेने के निर्देश दे दिए गए हैं यह 89 वाहन वापस आते ही हमारी डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की क्षमता और अधिक बढ़ जाएगी और हमें पूरा विश्वास है कि एक सप्ताह के भीतर ही हम इस पूरी व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित कर पाएंगे। ठेका कंपनी के पास स्वयं के अपने साधन संसाधन भी नहीं है उनके खिलाफ  लगातार शिकायतें भी प्राप्त हो रही थी।

 बेफिजूल का देते हैं एक करोड़ रुपए
जयलोक के सवाल पर आयुक्त आईएएस श्रीमती प्रीति यादव ने कहा कि नगर निगम को पिछला बिल ठेका कंपनी की ओर से एक करोड़ 7 लाख रुपए का प्राप्त हुआ है। जबकि नगर निगम स्वयं अपने संसाधनों और मैनपॉवर का उपयोग कर इससे कम राशि में बेहतर काम करके दिखा सकता है। जरूरत पड़ेगी तो हम आउटसोर्स पर और अधिक कर्मचारियों को रख सकते हैं जो सीधे नगर निगम के लिए काम करेंगे और उनकी जिम्मेदारी भी तय हो सकेगी। जो काम नहीं करेगा उसे तत्काल प्रभाव से हटा दिया जाएगा।

जरूरत पड़ी तो लोग और मशीन बढ़ाएंगे
आयुक्त प्रीति यादव ने कहा कि डोर टू डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था के साथ ही शहर के विभिन्न स्थानों पर डंप होने वाले कचरे को नियमित रूप से प्रतिदिन उठाने की व्यवस्था पर बहुत ही गंभीरता से काम किया जा रहा है। इस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और सुचारू बनाए रखने के लिए अगर नगर  निगम को आवश्यकता होगी तो वह आउटसोर्स पर कर्मचारियों की और किराए पर मशीनों की व्यवस्था बढ़ा सकता है शहर के नागरिकों को राहत देना हमारा प्रथम लक्ष्य है।

पहले से थी तैयारी वरना ठप्प हो जाती व्यवस्था
एस्सेल कंपनी सफाई व्यवस्था ठेका कंपनी ने नगर निगम पर अनावश्यक दबाव बनाकर पैसे वसूलने की कोशिश की तो निगम प्रशासन को इस बात का अंदाजा हो रहा था कि ठेका कंपनी दबाव बनाने के लिए कभी भी सफाई व्यवस्था को ठप्प कर सकती है। इस बात का अंदाजा होते ही निगम आयुक्त प्रीति यादव ने समय रहते ही नगर निगम के साधन संसाधनों और कर्मचारियों के माध्यम से डोर टू डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था को सीधे तौर पर मैदान में उतरने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया था। उसका परिणाम है कि ठेका कंपनी द्वारा अलसेट दिए जाने पर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था एकाएक नहीं बैठ पाई। वर्तमान में निगम प्रशासन अपने 200 से अधिक वाहनों से 405 ट्रिप कचरा दो शिफ्ट में एकत्रित कर रहा है।

जीपीएस से हो रही वाहनों की मॉनिटरिंग
डोर टू डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था को हर वार्ड में बेहतर ढंग से कार्य करने में अभी 6 से 7 दिन और लग जाएंगे। इस बीच सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग करने के लिए कंट्रोल कमांड सेंटर के माध्यम से जीपीएस लगे कचरा कलेक्शन करने वाले वाहनों की मॉनिटरिंग हो रही है कि वह किस वार्ड में किस समय गए हैं। सीएसआई एवं एसआई को इस पर नजर रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

हर जोन में होगा एक सुपरवाइजर
आयुक्त प्रीति यादव ने कहा कि जल्दी इस व्यवस्था को और मजबूती प्रदान करने के लिए हर जोन में एक सुपरवाइजर की नियुक्ति कर उसे यह जिम्मेदारी सौंप जाएगी कि वह इस डोर टू डोर कचरा कलेक्शन और सफाई व्यवस्था की सीधे तौर पर मॉनिटरिंग कर सकें।

उज्जैन में सिर्फ  90 गाडिय़ों से होता है कचरा कलेक्शन, ठेका कंपनी कर रही सिर्फ  फर्जी काम
एस्सेल कंपनी सफाई व्यवस्था के नाम पर किस प्रकार से नगर निगम को चूना लगा रही है और शहर की सफाई व्यवस्था के साथ धोखा कर रही है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लगभग समकक्ष आबादी वाले शहर उज्जैन में केवल 90 ट्रिपर वाहनों से बहुत अच्छे से डोर टू डोर कचरा  कलेक्शन व्यवस्था को अंजाम दिया जा रहा है। हमारे नगर निगम के पास तो 200 से अधिक वाहन खुद के हैं और 89 वाहन उन्होंने किराए पर ठेका कंपनी को दे रखे हैं। जिन्हें अब नगर निगम वापस ले रहा है। आयुक्त प्रीति यादव  की योजना के अनुसार नगर निगम के पास पर्याप्त साधन संसाधन है इसलिए ऐसी किसी ब्लैकमेल करने वाली ठेका कंपनी की जरूरत डोर टू डोर कचरा कलेक्शन व्यवस्था के लिए नहीं है नगर निगम अपने स्वयं के साधन संसाधनों से यह कार्य बहुत अच्छे से कर सकता है।

उतना टन कचरा ही उठ रहा जितना पहले उठता था
ठेका कंपनी द्वारा अचानक से बंद कर दिए गए कचरा कलेक्शन के कार्य के बाद विगत तीन-चार दिनों से नगर निगम स्वयं अपने साधन संसाधनों से यह कार्य कर रहा है। जय लोक के सवाल पर आयुक्त प्रीति यादव ने बताया कि  जितना टन कचरा पूर्व में ठेकेदार कंपनी द्वारा उठाया जा रहा था, उतना ही कचरा नगर निगम अपने साधन संसाधनों से कड़ी मेहनत कर रहे कर्मचारियों के द्वारा एकत्रित कर रहा है। आयुक्त प्रीति यादव ने कहा कि जबकि एकत्रित हो रहे कचरे की गुणवत्ता भी प्लांट के हिसाब से बेहतर है क्योंकि पूर्व में ठेका कंपनी द्वारा जो कचरा एकत्रित कर यहां भेजा जा रहा था उसमें सिल्ट की मात्रा और अन्य चीज अधिक आ रही थी।

बहुत बेहतर व्यवस्था निर्मित कर लेंगे
आयुक्त प्रीति यादव ने कहा कि नगर निगम के पास पर्याप्त साधन संसाधन है जरूरत पड़ी तो नए लोगों को आउटसोर्स किया जाएगा, बड़े वाहनों को भी किराए पर लिया जा सकेगा। हमें इस बात का पूरा विश्वास है कि जल्द ही हम शहर में दो-डोर कचरा कलेक्शन और साफ  सफाई व्यवस्था में बहुत बेहतर व्यवस्था निर्मित कर लेंगे।

Jai Lok
Author: Jai Lok

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