
प्रधानमंत्री अरुणाचल प्रदेश के दौर पर, 5,100 करोड़ रुपए के नए प्रोजेक्ट्स की रखी नींव-कहा
ईटरनगर, त्रिपुरा। प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा के दौरे पर हैं। सबसे पहले वे ईटानगर पहुंचे। उन्होंने यहां 5,100 करोड़ रुपए के नए प्रोजेक्ट्स की नींव रखी। उन्होंने कहा, अरुणाचल को कांग्रेस ने नजरअंदाज किया। हमारा पूरा नॉर्थईस्ट छूट गया। जब मुझे सेवा का अवसर दिया तो मैंने कांग्रेसी सोच से देश को मुक्ति दिलाई। हमारी प्रेरणा इसी राज्य में वोटों और सीटों की संख्या नहीं , नेशन फस्र्ट की भावना है। उन्होंने कहा, जिनको कभी किसी ने नहीं पूछा उनको मोदी पूजता है। इसलिए जिस नॉर्थ ईस्ट को कांग्रेस ने भुला दिया था वो 2014 के बाद विकास की प्राथमिकता बन गया है। हमने लास्ट माइल कनेक्टिविटी को अपनी सरकार की पहचान बनाया। हमने यहां के 8 राज्यों को अष्टलक्ष्मी माना है। नॉर्थईस्ट में 8 राज्य अरुणाचल, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा शामिल हैं।

अरुणाचल का हर व्यक्ति शौर्य और साहस का प्रतीक
यहां का हर व्यक्ति शौर्य और साहस का प्रतीक है। अरुणाचल मैं कई बार आया हूं। इसलिए यहां की ढेर सारी यादें मेरे साथ जुड़ी हुई हैं। उनका स्मरण भी मुझे भी अच्छा लगता है। तवांग मठ से लेकर स्वर्ण पगोडा तक अरुणाचल शांति का संगम हैं, मां भारती का गौरव है। मैं इस पुण्यभूमि को प्रणाम करता हूं।
मैं यहाँ तीन वजहों से आया
पहली- आज मुझे यहां सुंदर पर्वतों के दर्शन का सौभाग्य मिला। नवरात्र के पहले दिन आज सब मां शैलपुत्री की पूजा करते हैं जो पर्वतराज हिमालय की बेटी हैं। दूसरी वजह- आज से नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी बचत उत्सव शुरू हो रहा है। जनता जर्नादन को डबल बोनांजा मिला है। तीसरी वजह- आज के दिन अरुणाचल में विकास के ढेर सारे प्रोजेक्ट, आज राज्य को पावर कनेक्टिविटी, टूरिज्म अनेक सेक्टर से जुड़े प्रोजेक्ट मिले हैं। ये बीजेपी की डबल इंजन सरकार के डबल बेनिफिट का उदाहरण है।

कांग्रेस ने अरुणाचल को नजरअंदाज किया
अरुणाचल को कांग्रेस ने नजरअंदाज किया। इसी वजह से हमारा पूरा नॉर्थईस्ट छूट गया। जब मुझे सेवा का अवसर दिया तो मैंने कांग्रेसी सोच से देश को मुक्ति दिलाने की ठान ली। हमारी प्रेरणा इसी राज्य में वोटों और सीटों की संख्या नहीं, नेशन फस्र्ट की भावना है। देश पहले, हमारा एक ही मंत्र है, नागरिक देवो भव:। जिनको कभी किसी ने नहीं पूछा उनको मोदी पूजता है। इसलिए जिस नॉर्थ ईस्ट को कांग्रेस ने भुला दिया था वो 2014 के बाद विकास की प्राथमिकता बन गया है।
सरकार दिल्ली बैठकर नहीं चलेगी, मंत्रियों को यहाँ भेजा
हमने लास्ट माइल कनेक्टिविटी को अपनी सरकार की पहचान बनाया। हमने इतना पक्का किया कि सरकार दिल्ली में बैठकर नहीं चलेगी। अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा यहां आना होगा, रात रुकना होगा।
कांग्रेस सरकार के समय दो चार महीने में एकाध बार कोई मंत्री नॉर्थ ईस्ट आता था। बीजेपी सरकार में 800 से ज्यादा बार केद्रीय मंत्री यहां आ चुके हैं। हमारा प्रयास रहता है कि मंत्री यहां आएं तो दूरदराज जाएं, रुककर जाएं। मैं खुद 70 से ज्यादा बार नॉर्थईस्ट आया हूं। नॉर्थ ईस्ट मुझे दिल से पसंद है। इसलिए हमने दिल की दूरी भी मिटाई है ,दिल्ली को आपके पास लेकर आएं।

नॉर्थ ईस्ट के आठ राज्य अष्टलक्ष्मी
हम नॉर्थ ईस्ट के आठों राज्यों की अष्टलक्ष्मी मानते हैं। यहां के विकास के लिए केंद्र सरकार ज्यादा से ज्यादा पैसे खर्च कर रही है। बीजेपी ने अरुणाचल को 16 गुना ज्यादा पैसा दिया है। ये सिर्फ टैक्स का पैसा है। इसके अलावा जो भारत सरकार अलग अलग स्कीम के तहत खर्च कर रही है वो तो अलग ही है, इसलिए यहां आप इतना तेज विकास देख रहे हैं। जब नेक नीयत से काम होता है, जब प्रयासों में ईमानदारी होती है तो नतीजे दिखते हैं।
सुंदरी मंदिर में पूजा-पाठ करेंगे
माता त्रिपुर सुंदरी मंदिर परिसर में अब नया प्रवेश द्वार और तीन मंजिला कॉम्प्लेक्स बनाया गया है। इसका री-डेवलपमेंट प्रसाद योजना के तहत हुआ है, जिस पर 52 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च हुए हैं। इसमें 7 करोड़ रुपए राज्य सरकार ने दिए। खास बात यह है कि मंदिर का उद्घाटन नवरात्रि के पहले दिन होगा। प्रधानमंत्री यहां पूजा-अर्चना करेंगे। यह मंदिर ऐतिहासिक रूप से बहुत खास है। इसे 1501 में महाराजा धन्य माणिक्य ने बनवाया था और इसी के नाम पर राज्य का नाम त्रिपुरा पड़ा। कोलकाता के कालीघाट और गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर के बाद यह पूर्वी भारत का तीसरा प्रमुख शक्तिपीठ है।
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Author: Jai Lok







