
भोपाल में बोले युवा, यह शिथिल सिस्टम के खिलाफ आंदोलन
भोपाल (जयलोक)। मध्य प्रदेश की राजनीति और छात्र आंदोलनों के बीच एक बेहद अनोखा और हैरान करने वाला नजारा देखने को मिला। राजधानी भोपाल में कॉकरोच जनता पार्टी ने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य में अपनी आधिकारिक एंट्री दर्ज कराई। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की कमान सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे युवा मयंक के हाथों में थी, जिनके साथ नीट पेपर लीक, नर्सिंग घोटाला और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बडिय़ों से प्रभावित छात्र-छात्राएं भी मौजूद थीं।
युवाओं के संघर्ष का मजाक उड़ाया, इसी को ताकत बनाया- चूंकि युवाओं को लगा कि उनके संघर्ष का मजाक उड़ाया जा रहा है, इसलिए उन्होंने इसी नाम को अपनी ताकत बना लिया और अगले ही दिन 16 मई को कॉकरोच जनता पार्टी नाम से एक डिजिटल आंदोलन खड़ा कर दिया, जो अब भोपाल की सडक़ों पर उतर चुका है।
क्यों पड़ा कॉकरोच जनता पार्टी नाम- इस आंदोलन की शुरुआत सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद हुई है। 15 मई 2026 को एक सुनवाई के दौरान ष्टछ्वढ्ढ ने कथित तौर पर बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से करते हुए कहा था कि कुछ युवा रोजगार न मिलने पर सोशल मीडिया और आरटीआई एक्टिविस्ट बनकर हर किसी पर हमला करने लगते हैं।
पाकिस्तानी और विदेशी फॉलोअर्स के आरोपों पर पलटवार- आंदोलन पर लग रहे विदेशी और पाकिस्तानी अकाउंट्स से जुड़ाव के आरोपों पर युवाओं ने इसे सरकारी दुष्प्रचार करार दिया। मयंक ने कहा कि जब भी देश का युवा पेपर लीक और अपने भविष्य पर सवाल उठाता है, तो उसकी आवाज दबाने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट्स बैन कर दिए जाते हैं और ऐसे भ्रामक आरोप लगाए जाते हैं।
सुधीर जाखड़ ने कॉकरोच जनता पार्टी के पंजीकरण के लिए चुनाव आयोग को भेजा आवेदन
कहा- पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक कर्तव्यों के प्रचार-प्रसार को समर्पित होगी
पानीपत। पानीपत के वकील सुधीर जाखड़ ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आधिकारिक पंजीकरण के लिए भारत निर्वाचन आयोग के सचिव को आवेदन भेजा है। यह आवेदन लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत किया गया है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक सुधीर जाखड़ के मुताबिक यह राजनीतिक पहल जन-केंद्रित लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक कर्तव्यों के प्रचार-प्रसार को समर्पित होगी। सुधीर जाखड़ ने बताया कि पार्टी का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के मौलिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि नागरिकों के कर्तव्यों का प्रचार-प्रसार पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। इसके अलावा शासन व्यवस्था और सार्वजनिक प्राधिकरणों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सोशल आडिट और प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पार्टी पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और वन्य जीवों की सुरक्षा को भी अपने प्रमुख एजेंडे में शामिल करेगी। पशुओं के प्रति क्रूरता रोकने और मानवीय व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की योजना भी बनाई गई है। पार्टी भ्रष्टाचार उजागर करने वाले व्हिसलब्लोअर्स को सुरक्षा देने, कानूनी साक्षरता अभियान चलाने तथा सामुदायिक सेवा को प्रोत्साहित करने के लिए भी काम करेगी। सुधीर जाखड़ के मुताबिक चुनाव आयोग को सौंपे गए आवेदन में स्पष्ट किया गया है कि पार्टी पूरी तरह संवैधानिक दायरे में रहकर कार्य करेगी। पार्टी ने भारत के संविधान, समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र और गणराज्य की भावना के प्रति अपनी पूर्ण निष्ठा व्यक्त की है।
Author: Jai Lok






