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क्या सेटिंग से चल रहा नगर निगम! कांग्रेस पार्षद नहीं रख पाए अपने महत्वपूर्ण विषय, साधारण सभा की बैठक अनिश्चितकालीन के लिए स्थगित, पहले के नेता प्रतिपक्ष होते तो साथी पार्षदों के लिए लड़ते और अगले दिन बैठक रखवाते

जबलपुर (जयलोक)। नगर निगम जबलपुर में इस वक्त कांग्रेस पार्षदों की स्थिति दयनीय बनी हुई है। कमजोर नेता प्रतिपक्ष के कारण कांग्रेस पार्षदों के वार्डों में जो कमियाँ है उससे संबंधित ना तो विषय उठकर सामने आ पा रहे हैं और ना ही उनके वार्डों के लिए सही तरीके से विपक्ष के नेता लड़ाई लड़ पा रहे हैं। इसी से संबंधित दुखद और दयनीय प्रसंग नगर निगम के सभा भवन में आयोजित हुई साधारण सभा की बैठक के बाद नजर आया।
आउटसोर्स कर्मचारी के भरोसे टैक्स की गणना कराई जाने के झूठे आरोप पर नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा सत्ता पक्ष के सामने बैकफुट पर नजर आए। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने सदन में सबके सामने उनके इस मनगढ़ंत आरोप के संबंध में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा और ऐसा नहीं कर पाने की दिशा में जनता को भ्रमित करने और सत्ता पक्ष पर झूठे आरोप लगाने के बदले माफी माँगने के           लिए कहा।
अनुभवहीन नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा सदन में किसी प्रकार का कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाए और ना ही अपने आरोपों को प्रमाणित कर पाए लेकिन अपने अहंकार में वह माफी ना माँगने पर अड़े रहे और साधारण सभा की पूरी बैठक सिर्फ  इसी तनातनी में खत्म हो गई। किसी विषय पर चर्चा की जाना सत्ता पक्ष और विपक्ष का मौलिक अधिकार है। लेकिन विपक्ष के पार्षदों को अपने वार्ड से संबंधित समस्याओं से जुड़ी हुई जो महत्वपूर्ण बातें सदन में लानी थी वो नहीं ला पाए। कांग्रेस पार्षद सदन में चले नेता प्रतिपक्ष के इस अडिय़लबाजी के रवैया से अपने वार्ड की जनता से जुड़े हुए महत्वपूर्ण विशेष सदन में उठाने से वंचित रह गए।
महापौर नेता प्रतिपक्ष के लगाए गए आरोपों का सबूत मांगते रह गए या फिर माफी माँगने पर जोर देते रहे लेकिन नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा ना सबूत दे पाए और ना माफी माँगी इसी अडियलपन में अन्य कांग्रेस के 28 पार्षदों की बात जुबान पर ही नहीं आ पाई और सदन में उन्हें अपनी बात रखने का मौका ही नहीं मिला।

क्यों नहीं ली बैठक की दूसरी तारीख

कांग्रेस के दो पार्षदों ने सदन के बाहर ही नाम न छापने की शर्त पर नेता प्रतिपक्ष की इस खामी के संबंध में सवाल उठा दिया कि अगर सत्ता पक्ष ने कांग्रेस पार्षदों को चर्चा करने का अवसर न देने की ठान ली थी तो फिर जब सदन ने बैठक को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया तो उस वक्त कांग्रेस पार्षद दल के नेता बने नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा ने अपने साथी पार्षदों की बात सदन में ना सुने जाने और उन्हें अगली बैठक में समय देने के लिए पुरजोर प्रयास क्यों नहीं किया। ना सदन में अगली बैठक अनिश्चितकाल के बजाय अगले कार्यालय दिवस में बुलाने की माँग की गई और ना ही बैठक स्थगित करने का विरोध किया गया। अपने नेता की इस करतूत और असफल कार्य प्रणाली से ग्रसित एक पार्षद और उसके साथी नेता ने लिखे गए शीर्षक की तरह सवाल उठा दिया। अब इसका जवाब तो कांग्रेस के 28 पार्षद ही दे सकते हैं कि उनका सदन में कितना और कैसा रोल है? उन्हें कितना महत्व मिल रहा है? क्या उन्हें सदन में अपनी बात रखने का कितना अवसर मिल रहा है? उनके वार्ड में हो रही अनियमिताओं पर नेता प्रतिपक्ष समाधान दिलवा पा रहे हैं या नहीं? आखिर क्यों कांग्रेस के 28 पार्षदों को अपनी बात सदन में रखने के लिए दोबारा मौका दिए जाने और जल्द बैठक बुलाई जाने पर नेता प्रतिपक्ष ने ना बात रखी ना विरोध दर्ज किया? बहुत से सवाल है जिनके जवाब ब कांग्रेस के पार्षद ही तलाश रहे हैं।

कांग्रेस पार्षदों के वार्डों में 5-6 मजदूर कर रहे कई महीनों से काम नेता प्रतिपक्ष नहीं कर पा रहे सफाई ठेकेदार का विरोध

बड़े आश्चर्य की बात है कि 12 से 14 पार्षदों ने अपने लेटर पैड पर अपने वार्ड से संबंधित समस्याओं को उजागर करते हुए उस पर चर्चा करने हेतु पत्र लिखकर सदन में सौंपे थे कि इन्हें साधारण सभा की बैठक में शामिल किया जाए। यह मान भी लिया जाए की सत्ता पक्ष इस पर चर्चा नहीं करना चाहता तो नेता प्रतिपक्ष ने अपने इन पार्षदों की बात रखने का अवसर ही उत्पन्न नहीं किया। एक बात और सामने आई की पार्षद रामकुमार यादव ,मथुरा चौधरी श्री गोटिया और सत्येंद्र चौबे के वार्ड में बर्फानी कंपनी के द्वारा केवल 5-6 लेबर के माध्यम से विगत लंबे समय से सफाई कार्य करवाया जा रहा है। यह संख्या किसी भी वार्ड में अपर्याप्त है। प्रतिपक्ष के नेता अपने सुभद्रा कुमारी चौहान वार्ड में 60 से अधिक सफाई कर्मचारी लगाए हुए हैं। लेकिन अपने साथी पार्षदों के वार्ड में 5-6 सफाई कर्मचारी होने की पीड़ा ना वह समझ पा रहे हैं ना ही अपने साथी पार्षदों को इंसाफ  दिला पा रहे हैं। इसलिए यह सवाल भी उठ रहा है कि आखिर सफाई ठेकेदार के खिलाफ नेता प्रतिपक्ष का नपा तुला प्रदर्शन क्यों होता है? आखिर क्यों वह अपने कांग्रेस के साथी पार्षदों को राहत दिला पाने में असक्षम है?

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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