जबलपुर (जयलोक)। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से आई 13 वर्षीय बालिका सौम्या को शहर में उचित ईलाज मिला। बालिका को जन्मजात के्रनियोफेशियल डिफोमिटी से पीडि़त थी। इस समस्या में दोनों आंखों के बीच की दूरी बढ़ जाने से चेहरा बेडौल नजर आता था। कल 27वीं मेक्सिलोफेशियल सर्जरी कार्यशाला में चिकित्सकों ने जटिल सर्जरी कर चेहरे को ठीक कर दिया। इंडियन एकेडमी ऑफ मेक्सिलोफेशियल सर्जरी के तत्वावधान में हितकारिणी डेंटल कॉलेज और जबलपुर हास्पिटल द्वारा संयुक्त रूप से राष्ट्रीय मेक्सिलोफेशियल सर्जरी कार्यशाला के चौथे दिन विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जटिल सर्जरी कर चेहरे को सुडौल बनाया। बालिका के परिवार वालों ने बताया कि ऑपरेशान से पूर्व बालिका को तिरस्कार का सामना करना पड़ता था। इस ऑपरेशन को अमेरिका से आए डॉ. घाली, डॉ. स्वतन पटेल, व डॉ. राजेश धीरावाणी की टीम ने किया। इसके साथ ही दूसरा ऑपरेशन 20 वर्षीय युवक का किया गया। जिसका बचपन में रेब्डोमायोसारकोमा की बीमारी से ऊपरी व निचले जबड़े को कीमोथैरेपी व रेडियोथैरिपी से इलाज किया गया। उसके चेहरे के एक तरफ का विकास रूक रहा था। इस ऑपरेशन को भी डॉ. आदित्य धीरावाणी और उनकी टीम ने किया।
