
जबलपुर (जय लोक)। जिस प्रकार देश के कर्नाटक सहित कई राज्यों में छोटे बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पाबंदी लगाने की घोषणा की गई है, उसी तरह से मध्यप्रदेश में भी प्रतिबंध लगाया जाना आवश्यक प्रतीत हो रहा है। आंध्रा प्रदेश सरकार भी जल्द ही इस दिशा में निर्णय लेना जा रही है।

उच्च न्यायालय के अधिवक्ता रविंद्र श्रीवास्तव ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मध्य प्रदेश में भी 13 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया उपयोग करने पर पाबंदी लगाने की मांग की है।
अमेरिकी सर्जन जनरल की एडवाइजरी में रिसर्च के हवाले से कहा गया है कि रोज 3 घंटे सोशल मीडिया प्रयोग करने वाले बच्चों में अवसाद अन्य से दोगुना मिला है। एक तिहाई किशोर आधी रात तक सोशल मीडिया पर रहते हैं। नींद की कमी, पढ़ाई में कमजोरी व तनाव झेलने की क्षमता में गिरावट देखने को मिली है। सोशल मीडिया एल्गोरिदम एक बार डिप्रेशन या आत्महत्या से जुड़ी सामग्री देखने पर बच्चे को बार-बार सामग्री दिखाते हैं।

कुछ मामलों में मौतें भी ऐसी सामग्री से जुड़ी पाई गई हैं। पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि स्कूलों में भी शिक्षक, छात्रों एवं अन्य स्टाफों के बीच मोबाइल का उपयोग बहुत सीमित हो या प्रतिबंधित किया जाये।

Author: Jai Lok






