Download Our App

Home » News » जबलपुर के मटर व सिंघाड़ा को मिला जी आई टैग, वैश्विक बाजार में चमकेगी जिले के किसानों की किस्मत, एक जिला एक उत्पाद में शामिल है मटर

जबलपुर के मटर व सिंघाड़ा को मिला जी आई टैग, वैश्विक बाजार में चमकेगी जिले के किसानों की किस्मत, एक जिला एक उत्पाद में शामिल है मटर

जबलपुर (जय लोक)।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के कुशल नेतृत्व और दिशा निर्देशन में जबलपुर के कृषि इतिहास में एक बड़ा अध्याय जुडऩे जा रहा है। क्षेत्र के दो बेहद लोकप्रिय कृषि उत्पादों ‘जबलपुरी मटर’ और ‘जबलपुरी सिंघाड़ा’ को जीआई टैग मिल गया है। भारत सरकार की जीआई रजिस्ट्री ने दोनों आवेदनों को स्वीकार करते हुए अपनी आधिकारिक पत्रिका जीआई जर्नल में एडवर्टाइज्ड व रजिस्टर्ड कर दिया है। उक्त आशय की जानकारी देते हुए आवेदक संस्था पाटन की मैकलसुता फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के निदेशक राघवेन्द्र सिंह पटेल व धनंजय पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि अक्टूबर 2023 में सिंघाड़ा आवेदन संख्या 1151 और जनवरी 2024 में जबलपुरी मटर आवेदन संख्या 1165 में इसके लिए आवेदन किए गए थे। जिसकी लगातार जीआई रजिस्ट्री द्वारा सुनवाई की गई। महत्वपूर्ण तथ्यों को मध्यप्रदेश सरकार के उद्यानिकी व जबलपुर के स्थानीय उद्यानिकी विभाग के विशेष सहयोग से मजबूती के साथ रखा गया। जिसके लिए श्री पटेल ने जबलपुर के किसानों की तरफ से उनका विशेष आभार जताया।

जीआई मैन ऑफ इंडिया के रूप में विख्यात जीआई टैग प्रोसेस में सहयोगी व विषय विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ रजनीकांत ने बताया कि जीआई रजिस्ट्री चेन्नई ने जबलपुरी मटर व सिंघाड़े को अपने आधिकारिक जीआई जर्नल में एडवर्टाइज्ड व रजिस्टर्ड कर दिया है। जिसका सीधा अर्थ है कि सरकार ने इनके ऐतिहासिक महत्व और गुणवत्ता को सही पाया है। भारत में पहली बार किसी जगह के मटर और सिंघाड़ा को जी आई टैग मिला और वह जबलपुर है।

किसानों को मिलेंगे फसलों के ऊंचे दाम

जीआई टैग के बाद उत्पादों की प्रमाणिकता और गुणवत्ता की गारंटी मिलने से देश-विदेश के व्यापारी किसानों को फसलों की बेहतर और मनचाही कीमत देंगे, जिससे किसानों की आय में सीधे बढ़ोतरी होगी। स्थानीय स्तर पर उद्योगों की संख्या वृद्धि से किसानों को मूल्य सुरक्षा की गारंटी मिल सकेगी।
नर्मदा की मिट्टी और पानी की मिठास से उपजे इस मटर और सिंघाड़े को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट ब्रांड के रूप में पहचान मिलेगी, जिससे निर्यात के नए रास्ते खुलेंगे।

क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण और कोल्ड स्टोरेज चेन का विस्तार होगा। सिंघाड़े का आटा और फ्रोजन मटर जैसे सह-उत्पादों के निर्माण से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

अन्नदाता बनेगा समृद्ध व आत्मनिर्भर

जबलपुर के कृषि क्षेत्र के लिए यह एक स्वर्णिम अवसर है, जो न केवल यहाँ के स्वाद को दुनिया तक पहुँचाएगा बल्कि अन्नदाताओं को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाएगा। जीआई टैग एक सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा। इसके बाद कोई भी बाहरी व्यापारी अपने सामान्य मटर या सिंघाड़े को ‘जबलपुरी’ नाम से नहीं बेच सकेगा, जिससे नकली ब्रांडिंग पर पूरी तरह रोक लगेगी।

 

जमीन हड़पने के मामले में तहसीलदार ,पटवारी सहित डिंडोरी के पिता पुत्र पर मामला दर्ज

Jai Lok
Author: Jai Lok

RELATED LATEST NEWS

Home » News » जबलपुर के मटर व सिंघाड़ा को मिला जी आई टैग, वैश्विक बाजार में चमकेगी जिले के किसानों की किस्मत, एक जिला एक उत्पाद में शामिल है मटर

Top Headlines

Live Cricket