
आज जन्म दिवस पर विशेष
परितोष वर्मा
जबलपुर (जयलोक) जबलपुर में ही वो 7 शिक्षण संस्थाओं का संचालन भी कर रहे हैं और यह सभी शिक्षण संस्थाएं अत्याधुनिक सुविधाओं से लेस हैं और इन शिक्षण संस्थान में उनके द्वारा लगातार नवाचार भी किया जा रहा है। बच्चों की शिक्षा को लेकर वे नए-नए प्रयोग भी करते रहते हैं। श्री सोनी ने अपनी शिक्षण संस्थान में विदेशी शिक्षकों को भी पढ़ाने के लिए आमंत्रित किया है। विदेशी शिक्षकों को शहर में पढ़ाने के लिए आमंत्रित करने वाले वे पहले शिक्षण संस्था के संचालक हैं।

वहीं शाला में पढऩे वाले छात्र-छात्राओं को शिक्षा के अलावा अन्य गतिविधियों को भी अनुराग सोनी संचालित करते हैं। बच्चों को खेलकूद की सुविधाओं के साथ ही अन्य वे सभी उपाय किए जाते हैं जिनके माध्यम से बच्चे स्मार्ट बनें और लगातार कुछ नया सीखें। अनुराग सोनी एक पुरुषार्थी शिक्षाविद हैं। उन्होंने ब्रिटिश फोर्ट फाउंडेशन की स्थापना की। उन्होंने राइट टाउन में अपने निवास के नीचे ही दो-तीन कमरों में अंग्रेजी सिखाने की कक्षाओं की शुरुआत की और कुछ ही समय के पश्चात उनकी अंग्रेजी सीखने की कक्षाएं शहर में अपनी पहचान बनाने लगीं और बच्चों से लेकर वरिष्ठों तक ने यहां पर अंग्रेजी सीखने आते रहे। श्री सोनी ने अंग्रेजी सीखने की पुस्तकें भी लिखी हैं।
इसके पश्चात श्री सोनी ने स्कूलों की स्थापना का क्रम शुरू किया और आज उनकी स्कूलें हाईस्कूल तक की हो गई हैं। ये स्कूलें एक आकर्षण का केंद्र भी शहर में बन गई हैं। इन शिक्षण संस्थानों में अभिभावक अपने बच्चों को पढ़ाने में गौरव का अनुभव भी करते हैं।
अनुराग सोनी एक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मोटीवेटर के रूप में भी अपनी पहचान बन चुके हैं और उन्हें देश और देश के बाहर बुलाया भी जाता है और उनके विचारों को सुन भी जाता है। अभी तक वे 32 देशों की यात्राएं भी कर चुके हैं। इसी का यह परिणाम है कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर के मोटीवेटर भी बन गए हैं। वह अपने स्कूल के बच्चों को भी मोटिवेट करने का काम खुद भी करते हैं।

अनुराग सोनी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कई प्रकल्पों से भी जुड़े हैं और वह सक्रिय भूमिका भी निभा रहे हैं। संघ से जुड़ी संस्थाओं के लिए वृहद स्तर के आयोजन करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान जो आयोजन हो रहे हैं उन में अनुराग सोनी प्राप्त जिम्मेदारियों का बढ़-चढक़र निर्वहन कर रहे हैं और वह खुद भी संकीर्तन की रैलियां निकाल रहे हैं अभी संघ के शताब्दी वर्ष में आगे और भी बड़े आयोजनों की रूपरेखा भी बना रहे हैं।
राम मंदिर की स्थापना के दौरान जबलपुर के पहले स्कूल के रूप में ब्रिटिश फोर्ट के बच्चों ने बस की यात्रा में संयुक्त रूप से राम भजन की प्रस्तुति देकर सभी का मन आकर्षित किया था।
आज शहर के एक शिक्षाविद अनुराग सोनी के जन्म दिवस के अवसर पर उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं बधाई!

Author: Jai Lok







