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जबलपुर को बिहार-यूपी बनाने पर तुला है खनन माफिया?

डम्फर चढ़ाने की धमकी : खनन माफिया ने प्रशासन को दी खुली चुनौती
अवैध उत्खनन और ओवरलोडिंग के चल रहे खेल को रोकने प्रशासन सक्रिय

जबलपुर (जयलोक)। विगत दिनों एक ऐसी घटना हुई जिसमें कुछ सालों से माइनिंग के काम में आए एक व्यक्ति ने भाजपा और कांग्रेस के प्रभावी लोगों के साथ मिलकर व्यापार करना शुरू किया और उन्हीं के प्रभाव में वह इतनी अधिक बातें बोल गया जिसके कारण जबलपुर प्रशासन को जानलेवा धमकी खनिज माफिया द्वारा दी गई। जानलेवा धमकी पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई की। जबलपुर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और खनिज विभाग के लिए भी यह खुली चुनौती है।
यह पहली घटना है जब खुलेआम एक अदना सा तीन-चार साल पहले खनिज व्यापार में आया युवक एक आईपीएस अधिकारी, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट तहसीलदार, खनिज निरीक्षक को और उसकी पूरी टीम को खुलेआम डंपर चढ़ा कर जान से मारने की धमकी दे रहा है यह सब बातें कैमरे में रिकॉर्ड हुई। जिसने भी यह वीडियो देखा वह यही सवाल कर रहा है क्या जबलपुर भी बिहार और उत्तर प्रदेश बनता जा रहा है जहां प्रशासन खनिज माफिया के आगे बौना साबित हो रहा है

। यह बहुत बड़ा सवाल है जबलपुर कलेक्टर, जबलपुर पुलिस अधीक्षक और खनिज अधिकारी के लिए की क्या वे अपने अधीनस्थों के सामने ऐसा उदाहरण पेश करेंगे कि इस प्रकार की प्रवृत्ति बढ़ती जाए और जबलपुर में खनिज माफिया प्रशासन के ऊपर हावी हो जाए। इन विभागों के जो अधीनस्थ कर्मचारी हैं वह किस प्रकार से ईमानदारी से अपना काम कर पाएंगे? वे किस प्रकार से खनिज माफिया के खिलाफ  कार्यवाही करने की हिम्मत जुटा पाएंगे? खुलेआम वीडियो में जानलेवा धमकी देने के बावजूद भी नियम कानून की व्यवस्था में जो कमजोरियाँ हैं इसका फायदा उठाकर आरोपी जमानत पाने में कामयाब हो गया।

सामान्य जन इस बात को अभियोजन पक्ष की कमजोरी बता रहे हैं। वीडियो में खुलेआम रोहित जैन और उसके साथ खड़े आदमी ओवरलोडेड डंपर चढ़ाकर अधिकारियों और पूरी टीम की जान लेने का प्रयास कर रहे हैं और यह कह रहे हैं कि चार-पांच मर जाएंगे तो कोई बात नहीं देख लिया जाएगा खुलेआम मां बहन की गालियां बकी जा रही है।

अगर यह वीडियो माननीय न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया गया होता तो भी जमानत का आधार नहीं बनता क्योंकि यह प्रदेश की न्याय व्यवस्था पर बड़ा सवाल उठा रहा है। जबलपुर के कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां पर अवैध खनन खुलेआम हो रहा है और इसको रोक पाने में कई सालों से जिला प्रशासन नाकाम साबित हुआ है। यह सच्चाई है। इस दिशा में सख्त और बड़े कदम उठाए जाना जरूरी है।

विशेष कर जबलपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले बरगी क्षेत्र के कई इलाकों में खुलेआम अवैध उत्खनन हो रहा है। यहां तक कि जो इलाके दिन में सामान्य रूप से नजर आते हैं वहां पर रात होते ही पोकलेन जेसीबी जैसी बड़ी-बड़ी मशीन लगाकर अवैध उत्खनन शुरू हो जाता है दर्जनों की संख्या में डंपर ट्रक के माध्यम से खनिज चोरी किया जाता है और सुबह होने से पहले मशीन हटा ली जाती है। यह सब को पता है। लेकिन इस दिशा में कोई पुख्ता कार्यवाही नजर नहीं आ रही है।

संयुक्त टीम की चौकी की जरूरत
पुराने रिटायर्ड हो चुके अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने खनिज विभाग में अपनी सेवा देते हुए इस बात का आभाव महसूस किया है कि बरगी क्षेत्र से जितना भी खनिज चोरी हो रहा है वह या तो तिलवारा के मार्ग से आगे भेजा जा रहा है या फिर बिलहरी वाले मार्ग से अवैध उत्खनन के वाहन इस अवैध काम को पूरा करने में लगे हुए हैं। इन दोनों क्षेत्र के सेंटर पॉइंट पर एक संयुक्त जांंच नाके की आवश्यकता अनुभव की जा रही है जिसमें पुलिस, राजस्व और खनिज विभाग के अधिकारियों की संयुक्त नियुक्ति 24 घंटे की शिफ्ट में होना चाहिए, सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से हर वाहन की निगरानी की जरूरत है। ऐसा कर पाने से खनिज माफिया की कमर तोड़ पाने में जिला प्रशासन बहुत हद तक सफल होगा।

बरगी नहर के रास्तों को बना लिया अवैध परिवहन का मार्ग
सूत्रों ने बताया कि बरगी से निकलने वाली दोनों तरफ  की नहरों के आसपास जितनी भी शासकीय भूमि है यहां तक की निजी भूमि है उस पर अवैध उत्खनन करने वाले लोगों की नजरे गड़ी हुई हैं और वह लगातार सरकारी भूमि को पहाड़ों को खोदकर खनिज चोरी का कार्य कर रहे हैं साथ ही नियम विरुद्ध तरीके से नहर के बाजू में बने रास्तों से अवैध परिवहन करने का जरिया निकाल लिया गया है।

बरगी नहरों को हो रहा नुकसान होगा बड़ा हादसा
जानकार सूत्रों का कहना है कि बरगी नहर के ग्रामीण किसानों के आवागमन के लिए और छोटे वाहनों के आने-जाने के लिए बनाए गए रास्ते को अवैध उत्खनन वालों ने तस्करी का रास्ता बना लिया है। इन मार्गों पर इतने भारी वाहन चलने के कारण भविष्य में किसी भी दिन बरगी नहरों को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है और इसकी चिंता ना तो इरिगेशन विभाग कर रहा है और ना ही जिला प्रशासन ना ही खनिज विभाग और ना ही पुलिस प्रशासन कर रहा है। जिसके कारण किसी भी दिन बरगी डैम से निकलने वाली नेहरों को बड़ा नुकसान पहुंच सकता है। विशेष कर मानेगांव, बढियाखेड़ा, पिपरिया क्षेत्र में जिस प्रकार से अवैध उत्खनन किया जा रहा है नहर से लगकर खनिज की चोरी की जा रही है भविष्य में यह बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण देने जैसी स्थिति है।

खनिज विभाग से लीक होती है जानकारी
अवैध उत्खनन के कारोबार से जुड़े सूत्र ने बताया कि वह निश्चिंत होकर कई सालों से इस कार्य में इसलिए लगे हुए हैं क्योंकि खनिज विभाग से ही उनको किसी भी प्रकार के छापे या फिर निरीक्षण से संबंधित जानकारी पहले ही प्राप्त हो जाती है। अब यह बड़ा सवाल है कि अपने ही सरकार का गद्दार कौन है। सूत्रों का कहना है कि संबंधित खनिज निरीक्षक की जिम्मेदारी तय होना चाहिए कि उनके क्षेत्र में अगर अवैध उत्खनन हो रहा है तो वह इस बात की जानकारी जिले के कलेक्टर तक पहुंचाएं और इसके खिलाफ  सख्त कार्यवाही सुनिश्चित करवाये।

ओवरलोडिंग का खेल                
सूत्रों के अनुसार जिन लोगों ने पट्टा लेकर या खदान स्वीकृत कराकर सरकारी अनुमति प्राप्त की है वह लोग ओवरलोडिंग का खेल कर रहे हैं। उदाहरण स्वरुप यह बताया गया है कि अगर 13 घन मीटर की अनुमति वाला वाहन है तो 23 घन मीटर खनिज भरकर चोरी की जा रही है। ना तो खनिज विभाग ने कोई नाका और न ही राजस्व विभाग ने कोई नाका बनाया है। ना तो चोरी के मार्गों पर नियमित रूप से टीम तैनात की जाती है और यही वजह है कि अवैध उत्खनन करने वालों के हौसले जमकर बुलंद हैं।

सुधीर मिश्रा की खदान से भरी थी ओवरलोडिंग में एम-सेंड, बनेंगे आरोपी
खनिज विभाग ने किया स्टॉक का नापजोख, क्रशर की चल रही जाँच
टीम द्वारा पकड़े गए दो हाईवा के मालिक रोहित जैन के द्वारा पुलिस अधिकारी तहसीलदार और खनिज विभाग के निरीक्षक और कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी देते हुए गाली गलौज की गई। जप्त वाहन में ओवरलोडिंग एम सेंड के बारे में जानकारी लेने पर यह पता चला कि वह यह खनिज सुधीर मिश्रा की मानेगांव स्थित खदान से भरा गया है। शनिवार को भी जांच दल ने सुधीर मिश्रा के के्रशर पर पहुंचकर मौजूदा स्टॉक की जानकारी ली इसके साथ ही के्रशर से संबंधित अन्य जांच से भी की जा रही है।
खनिज अधिकारी अशोक राय ने बताया कि नियमों के अनुसार ओवरलोडिंग के तहत जो प्रकरण बनेगा उसमें वाहन मालिक के साथ-साथ के्रशर संचालक को भी आरोपी बनाया जाएगा क्योंकि ओवरलोडिंग वहीं से की गई जो कि नियम विरुद्ध है।

खनन माफिया बनने की कोशिश में जेल के रास्ते पर रोहित जैन, आईपीएस, तहसीलदार, माइनिंग इंस्पेक्टर से गाली गलौज कर दी थी हाईवा चढ़ा देने की धमकी

Jai Lok
Author: Jai Lok

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