
जबलपुर (जयलोक)। एक दौर था जब जबलपुर के बुजुर्गों और अन्य मरीजों को अच्छे इलाज के लिए अन्य शहरों की भाग दौड़ करनी पड़ती थी लेकिन अब जबलपुर में अपोलो हॉस्पिटल के आ जाने से देश दुनिया के जाने-माने डॉक्टर हर कठिन से कठिन और जटिल से जटिल इलाज यही उपलब्ध करवा रहे हैं।

अपोलो जेबीपी हॉस्पिटल में सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा सीजीएचएस (ष्टत्र॥स्) बेनिफिसियरीज के लिए एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जबलपुर में उपलब्ध विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी आम नागरिकों, विशेष रूप से सीजीएचएस लाभार्थियों तक पहुंचाना था।

संवाद के दौरान विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से बताया गया कि सीजीएचएस के मरीज किस प्रकार इन आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित बड़ेरिया ग्लोबल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. सौरभ बड़ेरिया ने कहा कि पिछले लगभग 20 वर्षों में जबलपुर सहित महाकौशल, विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्र के मरीजों के लिए अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाओं का निरंतर विकास किया गया है।


उन्होंने बताया कि अब यहां उच्च दक्षता वाले विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उपलब्ध है, जो जटिल सर्जरी भी सफलतापूर्वक कर रही है। रोबोटिक सर्जरी जैसी उन्नत तकनीकों का जबलपुर में उपलब्ध होना क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुभाष चंद्र ने कहा कि पूर्व में कई गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए नागपुर, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद अथवा दिल्ली जैसे महानगरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब इन सुविधाओं के स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से आग्रह किया कि सीजीएचएस लाभार्थियों के लिए एक विशेष काउंटर स्थापित किया जाए, जहां उन्हें पारदर्शी रूप से सभी सुविधाओं की जानकारी दी जा सके और प्रशिक्षित स्टाफ उनकी सहायता करे, जिससे किसी प्रकार की भ्रांति न हो। कार्यक्रम का सफल संचालन डायरेक्टर डॉ. सुनील मिश्रा ने किया। इस अवसर पर सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री सुभाष चंद्र, सेक्रेटरी श्री वी. एन. कमलाकर, पूर्व डीआईजी इंटेलिजेंस श्री एस. के. चौबे, वरिष्ठ सदस्य श्री एस. पी. दत्ता, श्री एड पिल्लई एवं श्री डी. पी. श्रीवास्तव सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन डायरेक्टर डॉ. शोभित बड़ेरिया द्वारा किया गया।
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Author: Jai Lok






