
जबलपुर (जयलोक)। जबलपुर विकास प्राधिकरण में शहर के नेता राजनीतिक नियुक्तियों का लंबे समय से इंतजार करते आ रहे हैं। लेकिन इन नियुक्तियों के आसार फिलहाल तो नजर नहीं आ रहे हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव प्रदेश के निगम मंडलों और प्राधिकरण में राजनीतिक नियुक्तियां को जल्द करने के किसी भी तरह के संकेत नहीं दे रहे हैं। इससे स्पष्ट है कि जबलपुर विकास प्राधिकरण में भी राजनीतिक नियुक्तियां निकट भविष्य में होना संभव नजर नहीं आ रही हैं।
जबलपुर विकास प्राधिकरण में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आखिरी बार डॉ. विनोद मिश्रा को जबलपुर विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया था। उनका कार्यकाल खत्म होने के बाद जबलपुर विकास प्राधिकरण में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फिर कोई राजनीतिक नियुक्तियां नहीं कीं। जबकि उन्होंने इंदौर और भोपाल विकास प्राधिकरण राजनीतिक नियुक्तियां की थीं। लेकिन जबलपुर विकास प्राधिकरण में उनके कार्यकाल में दूसरी बार कोई भी राजनीतिक नियुक्तियां नहीं की गर्ईं। जबलपुर विकास प्राधिकरण लंबे समय से अफसर शाही के भरोसे ही चल रहा है। जबलपुर विकास प्राधिकरण में पदाधिकारी बनने के लिए शहर के नेता प्रयास कर रहे हैं। सबसे ज्यादा प्रयास विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद के लिए किए जा रहे हैं। विकास प्राधिकरण में अध्यक्ष बनने की दौड़ में भाजपा के कई नेता शामिल हैं। इन नेताओं में पूर्व महापौरगण भी दावेदार बताए जा रहे हैं। जबलपुर विकास प्राधिकरण शहर के विकास का एक महत्वपूर्ण विभाग है इसलिए इस विभाग में पद पाने की लालसा ज्यादातर नेताओं में बनी रहती है। लेकिन भाजपा नेता अध्यक्ष बनने के लिए कोशिश जरूर कर रहे हैं लेकिन जब तक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस तरह की नियुक्तियों के लिए सहमत नहीं हो जाते हैं तब तक जबलपुर विकास प्राधिकरण में नए अध्यक्ष के साथ ही उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं।
महाकौशल विकास प्राधिकरण भी खाली पड़ा है – जबलपुर संभाग के जिलों के विकास के लिए महाकौशल विकास प्राधिकरण भी मध्य प्रदेश शासन द्वारा गठित किया गया है। महाकौशल विकास प्राधिकरण में भी लंबे समय से अध्यक्ष के पद पर किसी नेता की नियुक्ति नहीं हुई है। महाकौशल विकास प्राधिकरण का अध्यक्ष बनने के लिए भी कई नेता जोड़-तोड़ करने में लगे हैं।

Author: Jai Lok







