
संगठन सृजन के चक्कर में बिगड़ गए समीकरण
भोपाल (जयलोक)। कहा जाता है कि राजनीति में जो दिखता है वो होता नहीं और जो होता है वो दिखता नहीं महसूस किया जाता है। अब प्रदेश में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के बीच चल रही खींच तान और वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का बढ़ता विरोध सुखिऱ्यों में है। किसी राजनैतिक दल के प्रदेश अध्यक्ष के लिए कितनी गंभीर और चिंताजनक बात है कि उसकी ही पार्टी के लोग उसका पुतला जलायें और मुर्दाबाद के नारे लगाएं। अब राघवगढ़ जैसी महत्वपूर्ण विधानसभा सीट से जीतू पटवारी का खुलकर शुरू हुआ विरोध धीरे धीरे पूरे प्रदेश में मुखर होता जा रहा है। दिग्विजय सिंह के पुत्र और कांग्रेस विधायक पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह को गुना का जिलाध्यक्ष बनाने से नाराज कार्यकर्ताओं ने पार्टी के मुखिया का ही पुतला दहन कर दिया। जयवर्धन के समर्थकों ने इसको साजिश और उनके नेता के गरिमा के अनुरूप पद नहीं दिए जाने का मामला उठाया। मध्य प्रदेश में कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी ने एक बार फिर पार्टी को नीचा दिखा दिया है। जीतू पटवारी के कार्यकाल में लिए गए निर्णय कांग्रेस संगठन को भरी पड़ते नजर आ रहे हैं। राघवगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ही प्रदेश कांग्रेस चीफ जीतू पटवारी का पुतला फूंककर विरोध व्यक्त किया। मुर्दाबाद के नारे भी लगे। कांग्रेस जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर शनिवार को लिस्ट जारी होने के बाद से राजनीतिक बवाल खड़ा हुआ है। विरोध के कारण कार्यकर्ताओं के बीच कहीं से विरोध प्रदर्शन तो कहीं से इस्तीफों की खबरें सामने आ रही हैं। कुल मिलाकर एआईसीसी से जारी जिला अध्यक्षों के नाम के बाद कांग्रेस के भीतर बवाल खड़ा हुआ है। हालांकि, सूची जारी करने के पहले सभी नेताओं के समर्थकों का ध्यान रखने की बात कही गई थी। वहीं, संतुलित सूची के बाद भी अध्यक्ष पद की उम्मीद लगाए बैठे कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है।
खुलकर सामने आ रहा पटवारी का विरोध
वहीं दूसरी ओर जयवर्धन सिंह के समर्थकों में भारी आक्रोश है। जयवर्धन के समर्थक सोशल मीडिया पर जीतू पटवारी और कांग्रेस के खिलाफ लगातार पोस्ट कर रहे हैं। उन्होंने जिला मुख्यालय पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का पुतला भी दहन किया।
तो हारे हुए विधायक को ब्लाक अध्यक्ष बनाना चाहिए
जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष व यूथ कांग्रेस जिला महामंत्री प्रिंस रघुवंशी ने बताया कि हमारे नेता जयवर्धन सिंह पूरे प्रदेश का चेहरा हैं, लेकिन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने उनको एक सीमा में बांध दिया है। यदि चुनाव जीता हुआ विधायक जिला अध्यक्ष बनेंगे तो हारे हुए विधायक को ब्लाक अध्यक्ष बनाना चाहिए।
सिंधिया के सामने उतारा गया
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि गुना से जयवर्धन सिंह को जिला अध्यक्ष बनाना केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की घेराबंदी करना है। कुछ राजनीतिज्ञ कांग्रेस के अंदर राघोगढ़ की राजनैतिक पकड़ को कमजोर करने की रणनीति बता रहे हैं। उनका कहना है कि पहले पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के छोटे भाई और जयवर्धन सिंह के चाचा लक्ष्मण सिंह को पार्टी ने बाहर कर दिया और अब जयवर्धन सिंह को जिला अध्यक्ष जैसा छोटा पद देकर उनकी राजनीति को सीमित क्षेत्र में बांधने का प्रयास किया।
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Author: Jai Lok







