
जबलपुर (जय लोक)। शताब्दीपुरम एमआर 4 रोड के पास वर्षों से जमीं अवैध झुग्गी झोपडिय़ाँ और दुकानों को हटाने के लिए उच्च न्यायालय से निर्देश हुए इसके बाद जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, जबलपुर विकास प्राधिकरण ने संयुक्त रूप से कार्यवाही करते हुए यहां से अतिक्रमण हटाना प्रारंभ कर दिए। अतिक्रमण की कार्यवाही के दौरान कई बार विवाद और तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई। पार्षद के साथ मारपीट की चर्चा भी सरगर्म हुई।
दूसरी ओर कार्यवाही के अगले दिन आक्रोशित बस्ती वालों ने चक्का जाम कर दिया था और बारिश के मौसम में इस कार्यवाही का विरोध करने के लिए अड़ गए थे।

उत्तर मध्य के विधायक अभिलाष पांडे भी धरना प्रदर्शन के दौरान पहुँचे और वहां पर जेडीए के अधिकारियों के ऊपर जमकर भडक़े थे। इसके बाद इस पूरे घटनाक्रम को भाजपा की अंदरूनी राजनीतिक खीचतान से भी जोडक़र देखा जाने लगा था। राजनीति से जुड़े लोग इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर भी मुखर हुए और उन्होंने इस पूरे विवाद को विधायक और जेडीए अध्यक्ष के टकराव से जोडक़र प्रस्तुत करना शुरू कर दिया। विधायक की बयान बाजी और भडक़ाने के मामले में जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन ने सादगी भरा जवाब देते हुए कहा कि उन्हें यह पता है कि अतिक्रमण हटाए जाने की कार्रवाई न्यायालय के निर्देश पर की जा रही थी और जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन सभी वहां मौजूद थे पूरी कार्यवाही नियम सम्मत तरीके से हो रही थी। विधायक के भडक़ाने और निर्मित हुई परिस्थितियों के बारे में उन्होंने कहा कि वे मौके पर नहीं थे इसलिए उन्हें जानकारी नहीं है।

वहीं राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस मामले में जिस प्रकार से उत्तर मध्य विधायक अभिलाष पांडे ने जबलपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई थी और जेडीए कार्य प्रणाली पर सवाल उठाए थे। उसके विकल्प में वे चाहते तो सीधे अपनी ही पार्टी के द्वारा विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष बनाए गए संदीप जैन से सामान्य चर्चा कर बारिश में अतिक्रमण की कार्यवाही को रोके जाने संबंधी विषय रखकर कार्यवाही को रुकवा सकते थे। साथ ही जेडीए प्रशासन के साथ एवं अतिक्रमणकारियों के बीच समन्वय बनाने के लिए भी सामान्य बातचीत की जा सकती थी।


लेकिन अगर ऐसा होता तो जो राजनीतिक घटनाक्रम का फ्रेम अभी उत्तर मध्य विधायक को प्राप्त हुआ है वह नहीं मिल पाता। बहरहाल मामला पुन: न्यायालय की शरण में है। जबलपुर विकास प्राधिकरण के प्रभारी सीओ संजय खरे ने बताया कि प्रकरण न्यायालय में है और न्यायालय के निर्देशानुसार आगे की कार्यवाही तय की जाएगी। इस मामले में आज सुनवाई होना थी जो तारीख बढ़ाकर कल के लिए हो गई है। प्रकरण न्यायालय में उन्हें विचाराधीन होने के कारण वर्तमान में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही को रोका गया है।
काम्बिंग गश्त में अपराधियों को पकडऩे दौड़ती रही पुलिस, एक रात में पकड़े गए 229 बदमाश
Author: Jai Lok





