
जबलपुर (जयलोक)
किसी भी शहर की वैश्विक पहचान में उसके इतिहास में शामिल धार्मिक धरोहरें और पर्यटन के लिहाज से मौजूद प्राकृतिक सौंदर्य का आपसी तालमेल बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। जबलपुर इस दोनों ही विषय पर बहुत ही समृद्ध है। हमारी ऐतिहासिक धार्मिक धरोहरें न केवल प्रदेश में बल्कि देश में भी अपनी अलग पहचान रखती हैं और बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक इन्हें देखने आते हैं। इसी प्रकार का एक उदाहरण सामने आया है जहां विश्व पटल पर ख्याति प्राप्त भेड़ाघाट एवं न्यू भेड़ाघाट का सौंदर्य चर्चाओं में रहता है। दूसरी ओर विश्व पटल पर ही अपनी ऐतिहासिक धार्मिक महत्वता के लिए प्रसिद्ध महत्वपूर्ण माँ त्रिपुर सुंदरी देवी का प्राचीन मंदिर प्रसिद्ध है। जो की कई मायनों से प्रसिद्ध और सिद्ध स्थल के रूप में जाना जाता है। इन दोनों ही स्थलों पर जबलपुर के बाहर से आने वाले पर्यटक अवश्य आते हैं। ऐसी स्थिति में इन दोनों का सडक़ मार्ग से जुड़ाव होना बहुत ही आवश्यक है। एतिहासिक धार्मिक स्थल माँ त्रिपुर सुंदरी से यह वैकल्पिक मार्ग बनने के बाद सीधे नेशनल हाईवे क्रमांक 12 से जुड़ जाएगा। भेड़ाघाट के विकास की जो योजना तैयार की गई थी उसे दौरान जो एक नक्शा प्रस्तावित किया गया था उसमें भी ग्रामों को जोडऩे के लिए यह सडक़ प्रस्तावित की गई थी। इस सडक़ का सबसे अधिक महत्व इसलिए होगा कि भेड़ाघाट या फिर माँ त्रिपुर सुंदरी मंदिर आने वाले लोगों को केवल डेढ़ किलोमीटर का सफर है करना होगा और वे सीधे इन स्थलों तक पहुंचाने के लिए मुख्य मार्ग से जुड़ जाएंगे। यह दूरी भी काम और समय की बचत भी करेगा। वर्तमान में इन दोनों स्थल पर जाने के लिए 8 से 9 किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ता है।
भेड़ाघाट के मास्टर प्लान में प्रस्तावित हो चुका है रूट
लंबे अरसे से भड़पुरा, कुडन, झिन्ना, बिला, लम्हेटाघाट और आसपास के गाँववासियों की यह मांग रही है एक डेढ़ किलोमीटर की सडक़ बन जाएगी तो इन दोनों पर्यटन स्थल और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल का सीधा जुड़ाव हो जायेगा और इन गांव का भी पहुंच मार्ग अच्छा और विकसित हो जायेगा। इस सडक़ को पूर्व में प्रस्तावित भी किया जा चूका है लेकिन ना जाने क्यों इसका निर्माण अभी तक संभव नहीं हो पाया है। भेड़ाघाट विकास के मास्टर प्लान में भी इस सडक़ को प्रस्तावित किया गया है।
भेड़ाघाट विकास प्राधिकरण को देना होगा ध्यान
इस छोटे से सडक़ मार्ग के निर्माण से दोनों ही विश्व पटल पर विख्यात स्थलों को आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए और अधिक सुलभ बनाया जा सकता है। इस दिशा में सर्वप्रथम भेड़ाघाट विकास प्राधिकरण को विशेष रुचि दिखानी होगी। इस छोटी सी सडक़ के निर्माण से उसे पूरे क्षेत्र के कई गांवों को भी लाभ मिलेगा साथ ही पर्यटन और धार्मिक ऐतिहासिक स्थल को आपस में जोडऩे का कार्य भी किया जा सकेगा ताकि बाहर से आने वाले हजारों लोगों को कम समय में दोनों स्थानों का दर्शन हो सके।

Author: Jai Lok







