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त्रिमूर्ति फिर उतरी सडक़ पर, जनता को राहत की आशा और नेतागिरी से अड़ंगे की उम्मीद

निगम जोन आफिस के मैदान को कब्जा मुक्त करने का कार्य शुरू हुआ फिर अटक गया

जबलपुर (जयलोक)। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और निगमायुक्त की त्रिमूर्ति कल एक बार फिर देर रात शहर के सबसे व्यस्त और अव्यवस्थित यातायात अतिक्रमण वाले बड़ा फुवारा क्षेत्र सहित आसपास के क्षेत्र में पैदल भ्रमण पर निकली। उद्देश्य था इस मुख्य बाजार को व्यवस्थित करना और जनता को होने वाली परेशानियों को कम करना। अधिकारियों का उद्देश्य यातायात को सुधारने के लिए बिल्कुल साफ  सुथरा और स्पष्ट है। त्रिमूर्ति के अगले कदम से शहर की आम जनता को अच्छे परिणामों की आशा है। क्योंकि इसके पूर्व एक बड़ा निर्णय जिले के प्रमुख अधिकारियों की त्रिमूर्ति के द्वारा लिया गया था जिसमें पूरे शहर से चरणबद्ध तरीके से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही प्रारंभ की गई है। जिस कार्यवाही के सकारात्मक परिणाम दिख रहे हैं। प्रशासन के इन प्रयासों में आम लोग भी आगे आकर सहयोग दे रहे हैं। बिना विवाद और झंझट के अभी तक सैकड़ों की संख्या में अतिक्रमण शहर की विभिन्न सडक़ों और सघन क्षेत्रों से हटाए जा चुके हैं। लेकिन कुछ एक मामलों में नेतागिरी बदलाव के लिए जरूरी सख्त निर्णय के बीच में आड़े आ रही है।
विगत दिनों कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, आयुक्त नगर निगम राम प्रकाश अहिरवार एसआईआर के कार्य का निरीक्षण करने बलदेवबाग में स्थित नगर निगम के संभागीय कार्यालय पाँच में पहुँचे थे। यहां पर व्याप्त अव्यवस्थाओं और अतिक्रमण को देखकर कलेक्टर ने निगमायुक्त को तत्काल कार्रवाई कर मैदान की चारों तरफ  से फेंसिंग कर निगम कार्यालय आने वाली लोगों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे। कलेक्टर के निर्देश पर निगम आयुक्त ने अधिकारियों को तत्काल संबंधित कार्य को पूरा करने के लिए कहा अगले दिन सुबह मैदान में चारों ओर लोहे के पोल खड़े करने का कार्य प्रारंभ किया गया।
लेकिन इसके दूसरे दिन नेतागिरी का हस्तक्षेप हो गया और तर्क वितरकों की बातों में उलझा कर प्रशासन के इस महत्वपूर्ण निर्णय को अधर में लटका दिया गया।

हजारों लोगों की रोज की परेशानी यथावत
अब आधे अधूरे कार्य के कारण लाभ तो कुछ नहीं हुआ कलेक्टर और आयुक्त के निदेर्शों का परिपालन भी अधूरा रह गया। साथ ही बल्देवबाग से बाजार जाने वाले इस मार्ग से रोजाना गुजरने वाले हजारों लोगों की समस्या भी वैसी की वैसी ही बनी हुई है। शाम होते ही यहां से पैदल चलने वालों का निकलना तक मुश्किल हो जाता है। यह शहर के मध्य में स्थित क्षेत्र का हाल है जो बदहाल यातायात व्यवस्था के लिए रो रहा है।
कल शहर के सबसे सघन और भीड़भाड़ वाले बाजार क्षेत्र बड़ा फुहारा की दशकों पुरानी यातायात अव्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस ने कमर कस ली है। रात 9 बजे से कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय और नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने स्वयं सडक़ पर उतरकर दो घंटे तक क्षेत्रों का गहन निरीक्षण किया और मौके पर ही अव्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए संबंधित अधिकारियों निर्देश जारी किए।
इस दौरान उन्होंने सडक़ों पर वाहनों के बेतरतीब खड़े होने, फुटपाथों पर फैले अतिक्रमण और लेफ्ट टर्न पर अवरोधों का जायजा लिया। प्रशासन का लक्ष्य पेड पार्किंग, फ्री लेफ्ट टर्न और अतिक्रमण मुक्त क्षेत्र की कल्पना को जल्द से जल्द साकार करना है।

अपनी दुकानों की हदों में रहकर करना होगा व्यापार  -: कलेक्टर की दो टूक
निरीक्षण के दौरान, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बाजार के जिम्मेदार अधिकारियों और व्यापारियों को स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि व्यापार करने के लिए सभी को ‘अपनी हदों में रहकर व्यापार’ करना होगा। सडक़ों पर और फुटपाथ पर किया गया किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न केवल आम जनता के लिए परेशानी का सबब बनता है, बल्कि यातायात जाम का मुख्य कारण भी है।
कलेक्टर, निगमायुक्त और पुलिस अधिकारियों ने संबंधितों को निर्देश दिए कि वे तत्काल प्रभाव से एक विशेष संयुक्त अभियान शुरू करें।
पेड पार्किंग लागू करें:  बड़ा फुहारा क्षेत्र में वाहनों की पार्किंग को व्यवस्थित करने के लिए संबंधित को व्यवस्था में कसावट लाने के निर्देश दिए। इस मौके पर नगर निगम के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

नेताओं को मु_ी भर ट्रांसपोर्टरों के हितों की चिंता, हजारों लोगों की परेशानी से कोई मतलब नहीं
नगर निगम के बल्देवबाग के संभागीय कार्यालय के प्रांगण में यहां के ट्रांसपोर्टरों ने अपना कब्जा जमा लिया है। इसका नतीजा यह है कि संभागीय कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी तथा कार्यालय में आने वाले नागरिकों को अपने वाहन पार्क करने की कोई सुविधा भी नहीं है और वे अपने वाहन सडक़ों पर ही पार्क करते हैं। कलेक्टर और निगमायुक्त ने यहां पर ट्रांसपोर्टरों के कारोबार से पैदा हो रही समस्याओं को खुद देखा है। बल्देवबाग से फुहारा जाने वाले मार्ग से आने और जाने वाले हजारों लोगों को शाम के समय बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसीलिए मैदान में सामान रखने वाले ट्रांसपोर्टरों पर 6 हजार रूपये का जुर्माना लगाया गया था। वहीं उन्हें अपना सामान मैदान में ना रखने की हिदायत भी दी गई थी। फेंसिंग करने का कार्य भी शुरू कर दिया गया था। लेकिन कुछ नेताओं को ट्रांसपोर्टरों के हितों की चिंता सताने लगी और उन्होंने दबाव डालकर फेंसिंग के कार्य को रुकवा दिया। सूत्रों के अनुसार कार्य को रूकवाने के लिए ट्रांसपोर्टरों ने दो विधायकों से सम्पर्क किया था। जिससे ट्रांसपोर्टर फिर अपनी मनमानी पर उतारू हो गए हैं। नेताओं को हजारों लोगों की परेशानी को दूर करने से ज्यादा ट्रांसपोर्टरों के हितों का संरक्षण करना ज्यादा जरूरी लगा है।

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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