Download Our App

Home » News » दतिया उपचुनाव: जातीय समीकरण और बूथ मैनेजमेंट पर निर्भर रहेगा परिणाम

दतिया उपचुनाव: जातीय समीकरण और बूथ मैनेजमेंट पर निर्भर रहेगा परिणाम

भोपाल (जयलोक)। दतिया विधानसभा उपचुनाव में मंगलवार शाम प्रचार थमने के साथ ही चुनावी मुकाबला अब घर-घर संपर्क और बूथ मैनेजमेंट पर आ गया है। भाजपा और कांग्रेस ने प्रचार के आखिरी दौर में पूरी ताकत झोंक दी। सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रोड शो कर भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की, वहीं मंगलवार को कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने अपने प्रभाव वाले इलाकों में पैदल जनसंपर्क किया। दोनों दलों की सक्रियता के बावजूद मतदाताओं ने अब तक चुप्पी साध रखी है। इस चुनाव में विकास, स्थानीय समस्याएं, सरकार के कामकाज और प्रत्याशियों की व्यक्तिगत छवि जैसे मुद्दे हैं, लेकिन जातीय समीकरण और बूथ मैनेजमेंट मुकाबले की दिशा तय करने वाले प्रमुख फैक्टर माने जा रहे हैं।
2.20 लाख मतदाताओं में कई समाज अहम
दतिया विधानसभा में करीब 2.20 लाख मतदाता हैं। इनमें करीब 40 हजार दलित, 35 हजार कुशवाहा, 28 हजार ब्राह्मण और 15 हजार यादव मतदाता बताए जाते हैं। इसके अलावा करीब 8 हजार राजपूत, 5 हजार दांगी, 8 हजार मुस्लिम, 8 हजार कायस्थ और करीब 10 हजार सिंधी मतदाता भी हैं। शहर के मतदाताओं में साहू, सोनी, नामदेव, चौरसिया, ताम्रकार समेत दूसरे कारोबारी और सामाजिक वर्ग भी चुनावी गणित में अहम हैं। खासतौर पर सिंधी और वैश्य समाज का रुख महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों प्रमुख दल इन वर्गों के बीच लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।
कुशवाहा और यादव समीकरण पर भी नजर
दतिया में कुशवाहा और यादव समाज का समीकरण इस बार खास चर्चा में है। कुछ समय पहले क्षेत्र में कुशवाहा समाज के दो युवकों की अलग-अलग घटनाओं में हत्या हुई थी। दोनों मामलों में अलग-अलग समुदायों के लोगों के आरोपी होने से स्थानीय स्तर पर इसका असर भी चुनावी माहौल में दिखाई दे रहा है।
भाजपा ने इसी समीकरण को देखते हुए ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह को चुनाव प्रभारी बनाया है। उनके साथ प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी उप प्रभारी के तौर पर चुनावी प्रबंधन संभाल रहे हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता और संगठन के पदाधिकारी बूथ स्तर तक गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं। दलित मतदाताओं के बीच पहुंच बनाने के लिए उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और पूर्व मंत्री इमरती देवी को भी जिम्मेदारी दी गई है। वहीं भाजपा के रणनीतिकार डॉ. अरविंद भदौरिया भी लगातार दतिया में सक्रिय हैं। पार्टी की कोशिश जातीय समीकरण के साथ अपने मजबूत संगठन और बूथ नेटवर्क को निर्णायक बढ़त में बदलने की है।
कांग्रेस को घनश्याम की छवि और स्थानीय मुद्दों पर भरोसा
कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह की व्यक्तिगत छवि पार्टी के अभियान का प्रमुख आधार रही। कांग्रेस ने किसानों, युवाओं और स्थानीय समस्याओं को मुद्दा बनाया। कुछ इलाकों में भ्रष्टाचार के आरोपों को भी चुनावी मुद्दा बनाया गया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रचार अभियान में पूरी ताकत लगाई। घनश्याम सिंह के परिवार के सदस्य भी जमीनी स्तर पर सक्रिय रहे, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने संगठनात्मक स्तर पर रणनीति को मजबूत किया।

 

कोतवाली में गिरा मकान का छज्जा, एक युवक घायल, पुराना और जर्जर हालत में था मकान

Jai Lok
Author: Jai Lok

RELATED LATEST NEWS

Home » News » दतिया उपचुनाव: जातीय समीकरण और बूथ मैनेजमेंट पर निर्भर रहेगा परिणाम

Top Headlines

रेल लाईन दोहरीकरण और भिटौनी पौड़ीगेट खोलने की माँग को लेकर रेलमंत्री से मिले सांसद

जबलपुर (जयलोक)। जबलपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री आशीष दुबे ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय रेलमंत्री माननीय अश्विनी वैष्णव

Live Cricket