
सच्चिदानंद शेकटकर
जबलपुर (जयलोक)। नगर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में अब गोलबाजार में स्थित दत्त मंदिर ने अपना महत्वपूर्ण स्थान बना लिया है। शहर के बीचों बीच स्थित दत्त मंदिर की भक्तिमय परंपरा 93 वर्षों से निरंतरता बनाए हुए है। इस वर्ष दत्त जयंती का पूरे सप्ताह आयोजन 28 नवंबर से 5 दिसंबर तक हुआ।

दत्त नाम सप्ताह का यह आयोजन भव्य रूप में आयोजित हुआ जिसमें सप्ताह में दत्त भगवान की दो यात्राएं निकाली गई। गोलबाजार में 1932 में श्री दत्त भजन मंडल की स्थापना हुई। 1957 में दत्त मंदिर में दत्त भगवान की भव्य और आकर्षक प्रतिमा स्थापित की गयी। दत्त मंदिर सिर्फ अब मंदिर नहीं रह गया है। मंदिर का पूरा परिसर अब बहुउद्देशीय बन गया है। मंदिर के भव्य परिसर में जहां दत्त भगवान का नियमित पूजन होता है वहीं उपासना के आयोजन पूरे वर्ष भर निरंतर होते रहते हैं। दत्त मंदिर के परिसर में विवाह कार्य तथा अन्य आयोजनों के लिए दो मंजिला बड़ा मुठे सभागार उपलब्ध है। वहीं छोटे कार्यक्रमों के लिए गणेश कुटी और कमरे भी उपलब्ध कराए गए हैं। दत्त मंदिर में नर्मदा परिक्रमावासियों के लिए स्वतंत्र रूप से एक हाल उपलब्ध है। मंदिर परिसर में 20 कमरों का एक बड़ा भक्त निवास भी सर्व सुविधाओं वाला यहां बन चुका है। मंदिर के पुजारी के लिए भी यहां आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई गई है ताकि तीनों पहर दत्त भगवान की पूजा हो सके। दत्त मंदिर में निशुल्क होम्योपैथी चिकित्सालय भी संचालित है।

वहीं बीमारी के लिए चिकित्सकी उपकरण भी निशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं। मंदिर में बाल तरुण समाज के नाम से स्वयंसेवकों का एक दल भी सक्रिय है। दत्त मंदिर की ओर से विद्यार्थियों की सहायता के लिए भी योजना संचालित है। अभी हाल ही में दत्त मंदिर में दो ऐसी हाल भी बनवाए गए हैं। जिनमें अब शहर के कलाकार अपने कार्यक्रम आयोजित करते हैं वहीं अन्य आयोजन भी इन दोनों सभागारों में होते हैं। ये सभागार शहर के लिए एक बहुत बड़ी सुविधा माने गए हैं। दत्त मंदिर अब शहर में धार्मिक, आध्यात्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए एक सुविधायुक्त परिसर भी बन चुका है और इसके विस्तार के लिए निरंतर योजनाएं भी जारी हैं। दत्त मंदिर में नियमित पूजन अर्चन के लिए जहां दानदाता सहयोग राशि देते हैं वही मंदिर में विविध अभिषेकों के लिए भी दानदाता नियमित रूप से दान देते हैं।

हर गुरुवार को खिचड़ी प्रसाद
दत्त मंदिर में हर गुरुवार को खिचड़ी का प्रसाद भक्तों को वितरित किया जाता है हर गुरुवार को दत्त भगवान का विशेष पूजन भी होता है। नवंबर 2026 तक माल्यार्पण की बुकिंग दत्त मंदिर में दत्त भगवान को हरपहर माल्यार्पण होता है और इसके लिए दानदाता प्रत्येक गुरुवार को विशेष माला की सेवा के लिए दान देते हैं। नवंबर 2026 तक के लिए दत्त भगवान को गुरुवार के दिन विशेष माला अर्पित करने के लिए दानदाताओं की बुकिंग भी हो चुकी है। वर्तमान में श्री दत्त भजन मंडल के अध्यक्ष विजय भावे, उपाध्यक्ष संतोष गोडबोले, सचिव शरद आठले, सह सचिव विलास ताम्हणकर, कोषाध्यक्ष मनीष वैद्य, उत्सव प्रमुख श्रीपाद परांजपे, चित्रा ताम्हणकर, रंजन वर्तक हैं तथा कार्यकारिणी में डॉक्टर शिरीष नाईक, मुरलीधर पालंदे, माधव गोसावी, डॉक्टर सुनील देशपांडे, नितिन देसाई ,अजय पाठक, अरुण काले सदस्य हैं। मौजूदा टीम दत्त मंदिर के विस्तार के कामों में निरंतर सक्रिय हैं आगामी वर्ष होने वाले कार्यक्रमों के आयोजनों की तिथियाँ भी घोषित की गई हैं।
Author: Jai Lok







