
जबलपुर (जयलोक)। विजयादशमीं के पर्व पर पुलिस लाइन में आयोजित पारंपरिक शस्त्र पूजन कार्यक्रम में सम्मिलित होकर मंत्री राकेश ङ्क्षसह ने मंत्रोच्चार के बीच हवन-अनुष्ठान किया। इस अवसर पर शस्त्र पूजा की भारतीय संस्कृति एवं परंपरा के महत्व को रेखांकित करते हुए नगरवासियों को धर्म की अधर्म पर विजय के पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
इस दौरान महापौर जगत बहादुर सिंह, राज्यसभा सांसद श्रीमती सुमित्रा बाल्मीक, विधायक अशोक रोहाणी, नीरज सिंह, अभिलाष पांडेय,संतोष वरकडे, भाजपा जिलाध्यक्ष रत्नेश सोनकर, निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, आईजी प्रमोद वर्मा, एसपी संपत उपाध्याय, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, एडिशनल एसपी सहित पुलिस बल सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।शस्त्रगार में एके-47, इंसास राइफल, पिस्तौल और रिवॉल्वर सहित सभी आधुनिक शस्त्रों को विशेष रूप से सजाया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ पूजा, हवन और आरती की गई। पूजन के बाद परंपरा अनुसार प्रतीकात्मक बलि दी गई और अधिकारियों ने हर्ष फायर किया। साथ ही, पुलिस अधिकारियों ने अपने सरकारी वाहनों का भी पूजन कर उन्हें तिलक लगाया।

क्षत्रिय महासभा में हुआ शस्त्र पूजन
विजयादशमी के पुनीत अवसर पर महाराणा प्रताप परिसर में क्षत्रिय महासभा एवं महाराणा प्रताप भवन, रानीताल में क्षत्रिय सभा द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में विधि विधान से शस्त्र पूजन किया गया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह सम्मिलित हुए और शस्त्र-पूजन की परंपरा का निर्वहन किया व उपस्थित जनों को विजयादशमी पर्व की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर क्षत्रिय महासभा एवं क्षत्रिय सभा द्वारा जबलपुर में बने प्रदेश के सबसे बड़े फ्लाईओवर ‘वीरांगना रानी दुर्गावती फ्लाईओवर’ को लेकर पूर्व सांसद एवं वर्तमान कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर महापौर जगत बहादुर सिंह, विधायक अभिलाष पांडे, निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।

शस्त्र पूजन हमारी समृद्ध संस्कृति-राकेश सिंह
लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने इस दौरान कहा कि विजयदशमी पर शस्त्र पूजन हमारी समृद्ध संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि शास्त्र और शस्त्र एक-दूसरे के पूरक हैं शास्त्रों ने शस्त्र के निर्माण की प्रेरणा दी और शस्त्रों ने शास्त्रों की रक्षा की। यही कारण है कि ऋषि-मुनियों ने इनके पूजन की परंपरा का विस्तार से उल्लेख किया है।

Author: Jai Lok







