
भोपाल /जबलपुर (जय लोक)। मध्य प्रदेश में हाल ही में हुए युवक कांग्रेस के चुनाव को लेकर सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर सामने आई है। युवक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में तीन प्रमुख दावेदार थे जिनमें यश घनघोरिया, अभिषेक परमार, देवेंद्र सिंह के बीच में प्रमुख रूप से मुकाबला था। हाल ही में हुई मतों की गणना में यह पाया गया था कि यश घनघोरिया को 1 लाख से अधिक मतों से बढ़त मिली थी। लेकिन बेंगलुरु की जिस कंपनी के सॉफ्टवेयर के माध्यम से चुनाव हुआ था उसी पर गंभीर आरोप लग गए हैं और उसके खिलाफ वोट चोरी एवं फर्जी मतदान कराए जाने के लगातार आरोपों और शिकायतों के बाद दिल्ली के वरिष्ठ नेताओं ने फिलहाल मध्य प्रदेश युवक कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव को रोक दिया है इस पर विचार किया जा रहा है इसलिए आगे की स्थिति स्पष्ट होने तक किसी भी प्रकार के निर्णय को होल्ड पर करना बताया जा रहा है।
दिल्ली और भोपाल से जुड़े सूत्रों का कहना है कि लगातार हो रही शिकायतों के बाद यह निर्णय लिया गया है कि बेंगलुरु की सॉफ्टवेयर कंपनी द्वारा करवाई गई मतदान प्रक्रिया का फिर से जायजा लिया जायेगा और जाँच की जायेगी।

आज दिल्ली में हुए तीनों के इंटरव्यू
युवक कांग्रेस के नए अध्यक्ष के नाम को लेकर दावेदारों और चुनाव लडऩे वालों से लेकर बड़े नेताओं के बीच में द्वंद बना हुआ है। चुनाव प्रक्रिया और सामने आए चुनाव के परिणामों को लेकर कई प्रकार के सवाल उठाए जा रहे हैं । इसको लेकर दिल्ली में विवाद, खींचतान की स्थिति बनी हुई है। हालांकि अभी तक अधिकृत तौर पर किसी भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने इस बारे में कोई भी टिप्पणी नहीं की है। ना ही दावेदारों की ओर से इस बारे में कुछ कहा जा रहा है। यह पूरा मामला इसलिए चर्चित हो गया क्योंकि इस प्रक्रिया में लगभग साढ़े आठ लाख वोटो को रिजेक्ट किया गया है। इतना बड़ा नंबर सामने आने के बाद जिस प्रकार से वोटों की गणना की गई उस प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो गए हैं ।
वर्तमान स्थिति में जबलपुर के कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया के पुत्र यश पहले स्थान पर हैं और उन्हें 1 लाख से अधिक वोट से बढ़त मिली है । चुनाव परिणाम के बाद पहले ,दूसरे और तीसरे नम्बर के उम्मीदवारों को दिल्ली बुलाया गया था। जिनके आज इंटरव्यु लिए गए है। युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु और संगठन प्रभारी मनीष शर्मा ने इनके इंटरव्यू लिए हैं।
कांग्रेस के बड़े नेताओं ने भी पार्टी के आलाकमान नेता, अध्यक्ष एवं अन्य जिम्मेदार पदाधिकारी के समक्ष चुनाव प्रक्रिया में बरती गई अनियमिताओं और इसकी खामियों को लेकर सवाल उठाया था। बेंगलुरु की जिस कंपनी ने यह चुनाव प्रक्रिया पूरी कराई है उस पर भी गंभीर आरोप लगे हैं। सदस्यता अभियान से लेकर ही यह पूरा मामला संदेह के और विवादों से घिरा हुआ था। हालांकि अभी यह किसी भी स्तर पर अधिकृत रूप से स्पष्ट नहीं किया जा रहा है कि मध्य प्रदेश के युवा कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को होल्ड करने का क्या आधार है या फिर किसी अन्य वजह से घोषणा को किए जाने से रोका गया है।

Author: Jai Lok







