
जबलपुर (जयलोक)। लंबे इंतजार के बाद आखिरकर जबलपुर नगर भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों की मंगलवार को सूची जारी कर दी है। सूची में शामिल नाम को लेकर अब सर्वाधिक गणित और गुणा भाग इस बात का लगाया जा रहा है कि किसकी सर्वाधिक चली और जिनके नाम आए उनका राजनीतिक आधार क्या है। किसको अनुभव के आधार पर लिया गया किसकी चमचागिरी काम आई, किसको अर्थ के प्रभाव में लिया गया और किसको उसके आका के दबाव में लिया गया । सभी बातें सूची घोषित होते ही चर्चाओं में आना शुरू हो गई हैं। यह सूची प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से घोषित की गई है। हालांकि इस सूची में शामिल नामों को किसकी सहमति से और किसके दबाव में शामिल किया गया प्रदेश संगठन तक बात पहुंचेगी और यह अब भविष्य में लंबे समय तक चर्चा का केंद्र बना रहेगा। निश्चित रूप से सूची में कुछ काबिल भाजपा संगठन के समर्पित लोगों के नाम शामिल किए गए हैं और कुछ नाम ऐसे हैं जो केवल फ़ोकसबाजी और अर्थ के प्रभाव में जगह बनाने शामिल हुए हैं।
रत्नेश सोनकर की टीम में 8 उपाध्यक्ष 2 जिला महामंत्री ,7 जिला मंत्री शामिल
नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर की टीम में अभय सिंह ठाकुर उपाध्यक्ष, राजेश मिश्रा उपाध्यक्ष, शंकर श्रीवास्तव उपाध्यक्ष, रजनीश यादव उपाध्यक्ष, योगेन्द्र राजपूत उपाध्यक्ष, प्रणीत वर्मा उपाध्यक्ष, अंजू भार्गव उपाध्यक्ष, तृष्णा चटर्जी उपाध्यक्ष, पंकज दुबे जिला महामंत्री, रंजीत पटेल जिला महामंत्री, अशोक रोहिताश जिला मंत्री, पंकज मिश्रा जिला मंत्री, संकल्प पाठक जिला मंत्री, कौशल सूरी जिला मंत्री, रीना राय जिला मंत्री, विभा उपाध्याय जिला मंत्री, मनीष जैन कल्लू कोषाध्यक्ष, विवेक अग्रवाल जिला मंत्री, योगेश बिलोहा सह कोषाध्यक्ष, राजेश मिश्रा कार्यालय मंत्री, कमलेश नामदेव सह कार्यालय मंत्री, कुसुम चौबे सह कार्यालय मंत्री, श्रीकांत साहू मीडिया प्रभारी, रवि शर्मा सह मीडिया प्रभारी, चित्रकांत शर्मा सह मीडिया प्रभारी, अमित जैन आईटी प्रभारी, दिव्या बाजपेई, आईटी सहप्रभारी, राहुल दुबे, सोशल मीडिया प्रभारी मीना मरकाम सोशल मीडिया सहप्रभारी को शामिल किया गया है।

सोनू बचवानी ,पवन तिवारी जैसे कार्यकर्तों के नाम ना होना आश्चर्यचकित कर रहा है
भाजपा नगर संगठन की सूची जारी होने के बाद दो बातों से भाजपा के वर्षों पुराने कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता आश्चर्यचकित हैं। पहला यह कि कुछ पद खैरात में बांट दिए गए। दूसरा यह कि बहुत ही मेहनतकश और नए कार्यकर्ता से लेकर वरिष्ठ नेताओं तक हमेशा अपने समर्पित भाव के लिए चर्चित रहने वाले पार्टी संगठन के लिए सटने वाले कार्यकर्ताओं को कार्यकारिणी में शामिल ना करना कार्यकर्ताओं की उपेक्षा के रूप में देखा जा रहा है। प्रमुख रूप से पूर्व पार्षद अमित जैन, सोनू बचवानी,पवन तिवारी,अखिलेश तिवारी सहित ऐसे कई सक्रिय महिला,पुरुष कार्यकताओं को जो कि अपनी कार्यप्रणाली से संगठन में पदाधिकारी बनने के लायक थे ,योग्य थे उन्हें जगह ना देना, उपेक्षा के रूप में देखा जा रहा है जो दिन रात संगठन की सेवा में लगे रहते हैं। सूची जारी होने के कुछ देर बाद ही कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं और इस चर्चा ने जोर पकड़ा कि कुछ पदों पर अर्थ ने प्रभाव ने संगठन सेवा के भाव को दबा दिया।

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Author: Jai Lok







