
वन विभाग ने पकड़े सात सपेरे 8 सर्प बरामद
जबलपुर (जय लोक)। नागपंचमी के मौके पर जहाँ घरों मंदिरों में नागदेवता का पूजन किया जाता है तो वहीं सपेरे चंद पैसों के लालच में सापों के साथ कू्ररता कर रहे हैं। इसका एक नजारा आज उस वक्त देखने को मिला जब एक सपेरे के पास से बरामद किए गए कोबरा की हालत देखी गई तो कोबरा के दांत तोड़े गए थे इतना ही नहीं उसका मुंह भी सिला गया था। वन विभाग की टीम ने कोबरा को उपचार के लिए भेजा है वहीं सपेरे के खिलाफ कानूनी कार्रवाही की जा रही है। नागपंचमी को लेकर वन विभाग की टीम शहर के चप्पे चप्पे पर नजर बनाए हुए हैं। रेलवे स्टेशन, बस स्टेण्ड, शहर आने वाले मार्गों पर नजर रखी जा रही है। इसी बीच वन विभाग की टीम ने आज सात सपेरों को पकड़ा है जिनमें दो महिलाएं, 3 बच्चे और 3 पुरुष शामिल हैं।
नागपंचमी पर लोग नाग के दर्शन करना शुभ मानते हैं और उनकी पूजा भी करते हैं। सांपों को दूध पिलाने का रिवाज भी है, इसी मान्यता के चलते सपेरे सांपों को जंगल से पकड़ते हैं और अपनी टोकरी में रखकर गली-गली मोहल्ले मोहल्ले घूमते हैं। हालांकि ऐसा करना गैरकानूनी है क्योंकि ना तो सांप दूध पीता है और सपेरे इन सांपों के दांत तोड़ देते हैं। उनके मुंह से सिल दिए जाते हैं, इसलिए कुछ ही दिनों में इन सांपों की मौत हो जाती है।

इलाज के बाद छोड़ा जाएगा जंगल में
वन विभाग की टीम ने अब तक 8 सांप पकड़े हैं, इनमें से सबसे बड़ा सांप लगभग 5 फीट का कोबरा है। सभी सांप कोबरा सांप हैं, सभी सांपों के मुंह सिले हुए हैं और उनके जहर के दांत तोड़ दिए जाते हैं। इन सांपों को एक साथ जबलपुर के वाइल्ड लाइफ हेल्थ एंड फॉरेंसिक में भेजा जाएगा, जहां इन सभी सांपों के मुंह खोले जाएंगे और उन्हें प्राथमिक इलाज दिया जाएगा, इसके बाद इन्हें सुरक्षित वातावरण में छोड़ दिया जाएगा।
श्रावण सोमवार पर नागपंचमी का 23 साल बाद आया दुर्लभ संयोग
जबलपुर (जय लोक)
आज सावन का तीसरा सोमवार है जो कि बेहद ही खास है क्योंकि इस दिन 23 साल बाद बेहद ही शुभ व दुर्लभ संयोग बना है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान और संपूर्ण निष्ठा से भगवान शिव तथा माता पार्वती का पूजन किया जाए तो जीवन की बड़ी से बड़ी परेशानियां दूर हो सकती है। वैदिक पंचांग के अनुसार सावन का तीसरा सोमवार आज है और इसी दिन नाग पंचमी का पर्व भी मनाया जा रहा है। जब सावन सोमवार के दिन ही नाग पंचमी तिथि पड़ती है, तो भगवान भोलेनाथ और नाग देवता दोनों की कृपा एक साथ प्राप्त होती है। सावन सोमवार औ नाग पंचमी का यह दुर्लभ संयोग इससे पहले साल 2003 में यह महासंयोग बना था।
शिव मंदिरों में हुई विशेष पूजा
आज नागपंचमी और सावन सोमवार होने के कारण शिव मंदिरों में विशेष पूजन अर्चन किया जा रहा है। सुबह से ही शिव मंदिरों में धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी है। वहीं आज तीसरे सोमवार को जगह जगह से कांवड़ यात्रा निकाली गई।
अखाड़ों में विशेष पूजन
नागपंचमी के दिन अखाड़ों में भी विशेष पूजा अर्चना कर पटा बनैटी का प्रदर्शन किया जाता है। ये परंपरा प्राचीन तो है लेकिन आधुनिकता की होड़ में सब कुछ विलुप्त होता जा रहा है।

Author: Jai Lok






