
जबलपुर (जयलोक)। निजी स्कूल द्वारा नगर निगम के बिना अनुमति के शासकीय उद्यान का अपने कार्यक्रम में उपयोग करना महंगा पड़ गया। ना सिर्फ स्कूल पर एक लाख रूपये का जुर्माना लगया गया बल्कि नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण भी माँगा गया है। वहीं संतोषजनकर स्पष्टीकरण ना मिलने पर स्कूल की मान्यता भी रद्द की जाएगी।

शनिवार को निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार को जैसे ही संज्ञान में आया कि अशासकीय स्कूल संचालक के द्वारा नगर निगम के शासकीय उद्यान में बिना अनुमति लिये कार्यक्रम कर रहा है, उसके तुरंत बाद ही निगमायुक्त श्री अहिरवार ने टीम भेजकर जाँच करवाई और स्कूल संचालक के विरूद्ध कार्रवाई करने के निर्देश प्रदान किये गए। निगमायुक्त के निर्देश पर स्कूल संचालक के ऊपर मौके पर ही 1 लाख रूपये का जुर्माना लगाकर वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत करने नोटिस जारी किये गए। इस संबंध में निगमायुक्त श्री अहिरवार ने बताया कि नोटिस का संतोषजनक जबाव नहीं पाए जाने पर स्कूल की मान्यता भी रद्द की जायेगी।

कार्रवाई के संबंध में उद्यान अधिकारी आलोक शुक्ला ने जानकारी देते हुए बताया कि निगम की टीम ने गढ़ा वार्ड के संजीवनी नगर में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक निजी स्कूल पर 1 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है।उन्होंने बताया कि संजीवनी नगर स्थित लक्ष्मीकांत मेमोरियल स्कूल द्वारा सांईं कॉलोनी के सार्वजनिक गार्डन में वार्षिक उत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा था, टेंट-पंडाल लग चुके थे और कार्यक्रम की तैयारियाँ जोरों पर थीं।

नियमानुसार, किसी भी सार्वजनिक उद्यान में कार्यक्रम करने के लिए नगर निगम के उद्यान विभाग से विधिवत अनुमति लेना अनिवार्य है, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने ऐसी कोई अनुमति नहीं ली थी। सूचना मिलने पर निगम की टीम पहुँची और स्कूल पर एक लाख रूपये का जुर्माना लगाया।
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Author: Jai Lok







