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निगम का नहीं लगेगा एक पैसा, योजना के दम पर सरकार से लाये 230 करोड़,  मिली दो सफलता 222 करोड़ से जलप्लावन और 8 करोड़ से सोलर ऊर्जा पर होगा कार्य – महापौर

नगर निगम की बेहतर योजनाओं और क्रियान्वयन को मिली सराहना -आयुक्त

जबलपुर (जयलोक)। महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने आज एक पत्रकार वार्ता में बताया कि  जबलपुर शहर को चौथे चरण में आपदा प्रबंधन के अंतर्गत बाढ़ नियंत्रण एवं रोकथाम हेतु 222 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसके साथ ही 8 करोड़ रुपये एसटीपी के और बेहतर क्रियान्वयन के लिए मिली है। ये दोनों कार्ययोजना स्वीकृत होना बहुत बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि आपदा प्रबंधन बाढ़ नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए पहली बार जबलपुर शहर को राशि देने का चयन हुआ है।

प्रस्तुतिकरण को मिली सफलता

महापौर और आयुक्त के निर्देश में तैयार कर केंद्र सरकार के समक्ष दी गई कार्य योजना की प्रस्तुति और वर्तमान में जो योजनाएं केंद्र और राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत हैं उसके क्रियान्वयन के परिणाम के आधार पर नगर निगम जबलपुर को इतनी बड़ी राशि प्राप्त हुई है।
नगर निगम का नहीं लगेगा एक पैसा- नगर निगम के खाते में सबसे बड़ी उपलब्धि इस बात की भी आई है कि इन दोनों योजनाओं के स्वीकृत हो जाने के बाद नगर निगम को वर्तमान में अपने हिस्सेदारी के रूप में एक भी पैसे की राशि भी व्यय नहीं करना है। जबकि इसके पूर्व में जब भी योजनाएं स्वीकृत होती थी उसमें निगम को पूर्व में 17 प्रतिशत की राशि वहन करनी पड़ती थी। लेकिन इस बार पूर्व की योजनाओं के क्रियान्वयन और परिणामों को देखते हुए आगामी कार्य योजना को उच्च ग्रेड मिलने के कारण नगर निगम को अपना अंशदान शामिल करने से राहत मिली है। 90 प्रतिशत कार्य राशि केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत कार्य राशि राज्य सरकार के द्वारा दी जाएगी।
भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के द्वारा जबलपुर के नागरिकों को बेहतर मूलभूत सुविधाएँ प्रदान करने के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं के अंतर्गत बाढ़ नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए 222 करोड़ रूपये की राशि स्वीकृत कर नगर निगम जबलपुर को एक बड़ी राशि की सौगात दी गयी है। इस संबंध में पत्रकारवार्ता में उपस्थित सभी पत्रकारों को संबोधित करते हुए महापौर एवं निगमायुक्त ने बताया कि भारत सरकार के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के द्वारा चौथे चरण के अंतर्गत 11 शहरों में जबलपुर का नाम भी शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि शहर में आपदा प्रबंधन के अंतर्गत बाढ़ नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए नगर निगम जबलपुर को 222 करोड़ रूपये की राशि देने स्वीकृति प्रदान की गयी है।

राशि से ये होंगे कार्य

भारत सरकार द्वारा नगरीय बाढ़ नियंत्रण एवं रोकथाम योजना फेस-04 के अंतर्गत जबलपुर शहर को शामिल किया गया है, जिसके अंतर्गत उक्त योजना अंतर्गत पूरे शहर का वर्षा जल निकासी हेतु सर्वे प्रक्रिया, कंटूरिंग, 3डी एलिवेशन मॉडल एवं पिछले 50 वर्षो का वर्षा जल का डाटा तथा उसकी तीव्रता का आंकलन कर शहर में वर्तमान में निर्मित नालों की क्षमता का पुन: आंकलन कर वर्षा जल निकासी हेतु मास्टर प्लान तैयार कर डी.पी.आर. तैयार करना एवं कार्य का सुपरविजन कराया जाना है। महापौर एवं निगमायुक्त ने पत्रकारवार्ता में बताया कि  प्राकृतिक आधारित समाधान जैसे – जलप्लावन क्षेत्रों में स्थित तालाबों का जीर्णोद्वार, अतिक्रमण मुक्त कराया जाकर उनके चारों ओर बाउन्ड्री एवं मैकेनिकल सुलूश गेट इत्यादि बनाकर उनकी जल एकत्रित करने की क्षमता बढ़ाई जायेगी। शहर के कई हिस्सों में एवं सडक़ किनारे व्यापक रूप से रेन वाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) एवं परमेबल (पारगम्य) पेवर का कार्य कराया जाकर स्पंज (पानी सोखने बाबत) जोन निर्माण कराया जायेगा एवं शासकीय भवनों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाये जायेंगे। अन्य समाधान जैसे – शहर के जलप्लावन से ग्रसित छूटे सभी बड़े नालों का निर्माण तथा उनमें जुडऩे वाली नालियों एवं पुलियों का निर्माण कार्य कराना। शहर के लो-लाइन एरिया में आवश्यकतानुसार कृत्रिम तालाब अथवा मोबाइल पम्पिंग स्टेशन की व्यवस्था कराना।
उक्त सम्पूर्ण कार्य हेतु समयावधि निर्धारित की गयी है। जिसमें भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप डी.पी.आर. तैयार करने हेतु – 4 माह एवं तैयार डी.पी.आर. अनुसार कार्य करने हेतु 18 माह का लक्ष्य निर्धारित गया है।

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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