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निगम में अब अधिकारियों को ढूंढना नहीं पड़ता, बदला नजर आ रहा वर्किंग कल्चर, सदन में हुई प्रीति यादव और राम प्रकाश अहिरवार के कार्यों की सराहना

जबलपुर (जयलोक)। किसी भी टीम का कप्तान जैसा होता है उस टीम की परफार्मेंस उसी के अनुरूप होती है। जबलपुर की पहली महिला आईएएस नगर निगम आयुक्त प्रीति यादव ने वर्क कल्चर की एक परिपाटी प्रारंभ की थी। उनके कार्यकाल में जबलपुर नगर निगम के खाते में कई उपलब्धियां आई। केंद्र सरकार और राज्य सरकार से जबलपुर के विकास के संबंध में विभिन्न मदों में अतिरिक्त राशि प्राप्त करने की सफलता रिकॉर्ड के रूप में दर्ज हुई है। उस परिपाटी को बहुत ही व्यवस्थित ढंग से आगे बढऩे का काम वर्तमान आईएएस अधिकारी नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार कर रहे हैं। विगत कुछ वर्षों में जबलपुर नगर निगम के क्षेत्राधिकार में जितने भी विकास कार्य नजर आ रहे हैं और जनप्रतिनिधियों से समन्वय बनाकर जिस प्रकार से अधिकारी नगर विकास के उद्देश्य से कार्य कर रहे हैं उसी के परिणाम स्वरूप कल दशकों बाद साधारण सभा की बैठक में सदन में सार्वजनिक रूप से महापौर जगत बहादुर सिंह और नगर निगम अध्यक्ष रिंकुज विज ने पूर्व नगर निगम आयुक्त श्रीमती प्रीति यादव जो वर्तमान में आगर मालवा जिले की कलेक्टर हैं एवं वर्तमान जबलपुर नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार के कार्यों की सराहना की। सामान्य रूप से नगर निगम सदन में नगर विकास में आयुक्त के योगदान की चर्चा कम होती है और उन्हें आरोपों से अधिक घिरे रहना पड़ता है। यह जबलपुर के लिए सुखद संयोग है कि जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारियों का तालमेल अच्छा जम रहा है और यह शहर हित के लिए शहर के विकास के लिए महत्वपूर्ण सकारात्मक संदेश है।

कई बार सुबह 9 बजे से बुला लेते हैं बैठक

आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार जबलपुर के विकास को एक चुनौती के रूप में लेकर कार्य कर रहे हैं। पदस्थापना के बाद से उन्होंने एक धारणा बना ली है कि यह जबलपुरवासियों के साथ-साथ मेरा भी शहर है इस की स्वच्छता से लेकर अच्छे सुगम यातायात, अतिक्रमण मुक्त शहर के रूप में पहचान दिलाने के लिए संयुक्त प्रयास की आवश्यकता है।
आयुक्त श्री अहिरवार ने नगर निगम के वर्क कल्चर को बदलने का कार्य प्रारंभ कर दिया है और इसका असर नजर भी आने लगा है। सुबह 6-7 बजे से मैदान में उतरकर सफाई के कार्य का निरीक्षण करने के बाद वे कई बार सुबह 9:00 बजे 9:30 बजे से अधिकारियों की बैठक बुला लेते हैं। कार्यों की समीक्षा की जाती है और उसका लक्ष्य तय किया जाता है कि आगे के कार्य कितनी गति से कितने समय में पूर्ण किए जाएंगे।
इसका परिणाम यह हो रहा है कि अब नगर निगम में अपने कार्य के लिए आने वाले लोगों को अधिकारियों को ढूंढना नहीं पड़ता। अल सुबह से अधिकारी उपलब्ध मिलते हैं।

स्मार्ट ऑफिस प्रतियोगिता ने बदल दी नगर निगम कार्यालयों की तस्वीर

आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने जब जबलपुर नगर निगम का प्रभार ग्रहण किया और उसके बाद में अपने संभागीय कार्यालयों में निरीक्षण के लिए पहुंचे, तो उस दौरान उन्होंने गढ़ा संभागीय कार्यालय की जो दुर्दशा देखी, एवं उसके बाद सख्त निर्णय लेते हुए वहां पर जमे मांसाहार के विक्रय की दुकानों और अतिक्रमणों को हटाया। उस जर्जर भवन का जीर्णोद्धार करने के साथ-साथ उन्होंने यह निर्णय किया कि वह अब नगर निगम के कार्यालय को साफ स्वच्छ और व्यवस्थित करने के लिए स्मार्ट ऑफिस प्रतियोगिता का आयोजन करेंगे। इस निर्णय से वर्तमान स्थिति में नगर निगम के मुख्यालय के साथ-साथ सभी 16 जोनों के भवनों का कायाकल्प हो चुका। मूलभूत सुविधाएं हर जगह उपलब्ध कराई गई है।

समय पर मिले लोगों को काम पूर्ण

आयुक्त श्री अहिरवार का मानना है कि मध्य प्रदेश शासन के स्पष्ट निर्देश है कि जो भी स्थानीयजन जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र से लेकर संबल योजना या फिर नाम परिवर्तन जैसे सामान्य कार्यों के लिए नगर निगम कार्यालय आते हैं तो उन्हें समय सीमा के अंदर इसका समाधान प्राप्त होना चाहिए। अधिकारी अगर समय पर उपलब्ध रहेंगे तो उनका आम नागरिकों से संवाद स्थापित होगा और यह नागरिकों को सुविधा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

हर सब इंजीनियर देगा प्रेजेंटेशन

आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने एक और नई व्यवस्था बनाई है जिसके तहत अब पीडब्ल्यूडी विभाग या फिर संभागों में पदस्थ नगर निगम के सब इंजीनियर सीधे प्रति सप्ताह आयुक्त के समक्ष पीपीटी के माध्यम से अपना प्रेजेंटेशन देकर कार्यो की स्थिति और उसकी समय अवधि बताएंगे।

आठ साल तक नये बने मछली मार्केट की खबर नहीं ली गई

गुरंदी बाजार में अपने पहली बार निरीक्षण में आयुक्त ने यह पाया कि निर्मित मछली मार्केट के निरीक्षण के दौरान यह पाया गया था कि 8 साल से यह मछली मार्केट बना हुआ है लेकिन उसमें कबाड़ भरा हुआ था उसका सदुपयोग नहीं हो रहा था बल्कि दुरुपयोग हो रहा था। इसके बाद आयुक्त ने नई व्यवस्था बनाई और सभी इंजीनियरों की जिम्मेदारी तय की है।

जनप्रतिनिधियों से बेहतर तालमेल रखने में भरोसा रखते हैं आयुक्त

नगर निगम जबलपुर के आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने जब अपना कार्यभार ग्रहण किया था तब उन्होंने जय लोक को दिए अपने साक्षात्कार में जनप्रतिनिधियों से तालमेल को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा था कि वे नगर निगम के जन प्रतिनिधियों के साथ बेहतर तालमेल बनाए रखने में भरोसा रखते हैं। उनका यह मानना रहा है कि जनप्रतिनिधि और पार्षद अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं से नगर निगम को अवगत कराते हैं जिससे समस्याओं की जानकारी आसानी से प्राप्त हो जाती है और उन समस्याओं को दूर करने में भी सुविधा होती है। इस दृष्टि से जनप्रतिनियों की विकास और समस्याओं के निदान के लिए बड़े सहयोगी की भूमिका होती है और हमें भी उनके एक सहयोगी के रूप में कार्य करना चाहिए। जनप्रतिनिधियों के प्रति सकारात्मक रवैया अपनाने का आयुक्त ने उस समय प्रमाण दिया जब दो दिन पूर्व हुई नगर निगम के सदन की बैठक के पहले वह सदन में जनप्रतिनिधियों के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे। इसके पश्चात आयुक्त सदन की बैठक में पूरे समय मौजूद रहे। आयुक्त की मौजूदगी का यह नतीजा रहा कि सदन की बैठक में सारे विभाग के अधिकारी भी पूरे समय मौजूद रहे। पूर्ववर्ती कई आयुक्त मेयर इन काउंसिल और सदन की बैठक में जाने से बचते रहे हैं और अपनी जगह किसी अपर आयुक्त को भेज दिया करते थे। लेकिन नगर निगम के मौजूदा आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार जनप्रतिनिधियों की बैठकों में अपने मौजूदगी बनाए रखने में भरोसा रखते हैं।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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