
निगमायुक्त के सामने सर झुकाए खड़ा टंडन
जबलपुर (जयलोक)। विवाद में घिरे रहने वाले बर्फानी सिक्योरिटी के संचालक रितेश टंडन की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब रितेश टंडन के खिलाफ मदन महल थाने में शिकायत दर्ज करने उसके ही कर्मचारी थाने पहुंचे। इसके पहले भी नगर निगम द्वारा रितेश टंडन की कंपनी जो कि सुरक्षा और सफाई कर्मचारियों का ठेका लेती है को अनियमितताओं के कारण ब्लैक लिस्टेड किया जा चुका है। वर्तमान में न्यायालय में प्रकरण होने के कारण रितेश टंडन की कंपनी कुछ संभागों में निगम प्रशासन और जनता को प्रताडि़त करने की शैली में काम कर रही है। कल मदन महल थाने में जो शिकायत सफाई ठेकेदार रितेश टंडन के खिलाफ पहुँची है उसमें कर्मचारियों के शोषण और फर्जीवाड़े के आरोप लगे हैं।

खुद कर्मचारियों को भेजे जाने की चर्चा
विगत दिवस नजर आए घटनाक्रम में इस बात की चर्चा अधिक हो रही है कि डिफाल्टर ठेकेदार रितेश टंडन के द्वारा निगम प्रशासन पर दबाव बनाने की नियत से अपने 25-30 कर्मचारियों को निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार के समक्ष भेजा गया। ताकि भुगतान के लिए गैर वाजिब तरीके से दबाव बनाया जा सके। लेकिन निगम प्रशासन को ठेकेदार का यह पूरा खेल समझ में आ गया और अब उसके हिसाब से निगम प्रशासन अगला कदम उठाने की तैयारी कर रहा है।

हाल ही में हुआ है 40 लाख का भुगतान
निगम सूत्रों ने बताया कि हाल ही में बर्फानी सिक्योरिटी सर्विस के ठेकेदार रितेश टंडन को नगर निगम ने विभिन्न कार्यों के लिए 40 लाख रूपये का भुगतान किया है। वर्तमान में उसके कोई भी बिल वित्त शाखा में लंबित नहीं बताए जा रहे हैं और जो बिल के मामले अटके हुए हैं उनमें ठेकेदार ने नियम कानून का पालन नहीं किया है।

ठेकेदार नहीं भरता कर्मचारियों का पीएम और ईएसआई
निगम प्रशासन के पास सफाई ठेकेदार रितेश टंडन के खिलाफ इस बात की शिकायतें भी पहुँची हैं कि उसके द्वारा कर्मचारियों का भविष्य निधि और ईएसआई (कर्मचारी राज्य बीमा) के अंश का भुगतान नहीं किया जाता है। इसके अलावा कई कर्मचारियों के वेतन का भुगतान सात सात महिनों से नहीं हुआ है।
एक समय था जब रितेश टंडन शहर के नामी गिरामी ठेकेदारों में गिने जाते थे। कई बड़े नेताओं की खिदमत में लगे रहते थे। बड़े-बड़े फ्लैक्स बड़े-बड़े विज्ञापन प्रदर्शित कर अधिकारियों पर दबाव बनाने का कार्य करते थे। लेकिन उनके कर्मों ने उन्हें इस कदर बदनाम कर दिया कि पहले तो नगर निगम का विश्वास उन पर से उठ गया उसके बाद उन्हीं की कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी उनके खिलाफ उतर आए। बर्फानी कंपनी द्वारा लगाए गए किसी भी कर्मचारी का भुगतान समय पर नहीं होता है।
रितेश टंडन की मनमानी और उसके द्वारा भुगतान ना किए जाने की शिकायत लेकर मदन महल थाने पहुँचे कर्मचारियों को गैर संज्ञेन अपराध की रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें अपने हक और वेतन के लिए नगर निगम या न्यायालय जाने के लिए कहा गया है। सबसे बड़ा आरोप यह भी है कि फर्जी लेबरों की हाजिरी लगाकर नगर निगम के खजाने से लाखों रुपये डकारने में रितेश टंडन माहिर हैं। यह आरोप उसके कर्मचारियों ने लगाए हैं।
नगर निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार का कहना है कि निगम द्वारा बर्फानी सिक्योरिटी को नियमित भुगतान किया जा रहा है अपर आयुक्त को जांच के लिए कहा है। वहीं नगर निगम आयुक्त ने साफ तौर पर कह दिया है कि जो भी कर्मचारी आउटसोर्स के माध्यम से काम करते हैं उनके हित का संरक्षण होना चाहिए उन्हें मानदेय मिलना चाहिए उनके भुगतान में कोई भी लेट लतीफी नहीं होनी चाहिए।
इनका कहना है
रितेश टंडन की कंपनी के करीब दो दर्जन कर्मचारी जनसुनवाई में हमारे पास आए और उन्होंने बताया कि कंपनी के द्वारा दो तीन माह से उन्हें कार्य का भुगतान नहीं किया जा रहा है। यह बात संज्ञान में ली गई और अपरआयुक्त को इस जाँच के निर्देश दिए गए हैं। आउटसोर्स कर्मचारियों के हित का भी संरक्षण जरूरी है। उन्हें सभी जरूरी मानदेय मिले इसका ख्याल रखा जाना चाहिए। एजेंसी संचालक को बुलाकर उन्हें इन समस्याओं को दूर करने को कहा गया है। रामप्रकाश अहिरवार
कमिश्नर नगर निगम
कुछ दिनों पूर्व बाबा बर्फानी कंपनी के सफाई कर्मचारी मदन महल थाने पहुँचे थे उनके द्वारा वेतन ना मिलने की बात कही गई। जिसमें एनसीआर लिखकर उन्हें नगर निगम से संपर्क करने या न्यायालय जाने की सलाह दी गई। उनका कहना था कि उनसे काम करवाया गया और वेतन नहीं दिया गया है।
सूर्यकांत शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक
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Author: Jai Lok






