
बम को आज किया जाएगा निष्क्रिय, परिक्षण के दौरान यहाँ गिरने की आशंका
जबलपुर (जयलोक)। डुमना एयरपोर्ट के पास गधेरी गांव में निर्माणाधीन मकान की खुदाई में 12 किलो का जिंदा बम बरामद किया गया। जिस निर्माणाधीन मकान में यह बम बरामद किया गया है वह मकान सुनील यादव का बताया जा रहा है। एक निर्माणाधीन मकान के नीचे मिले जिंदा बम की खबर मिलते ही पुलिस और सेना के जवान पहुँच गए। जिन्होंने जिंदा बम को वहा से हटाकर निष्क्रिय करने का प्रयास किया जा रहा है।

घटना कल शाम पाँच बजे की बताई जा रही है। जब मजदूर निर्माणाधीन मकान में कॉलम के लिए गड्ढा खोद रहे थे उसी समय करीब चार फीट गहराई में एक भारी लोहे जैसा सामान दिखा, जो देखने में पुराना बम जैसा लग रहा था। शुरुआत में ग्रामीणों को समझ नहीं आया कि यह क्या है, लेकिन जब ध्यान से देखा गया, तो उसमें विस्फोटक जैसी संरचना नजर आई। इसके बाद तुरंत लोगों ने काम रोक दिया और पुलिस को सूचना दी। थोड़ी ही देर में पुलिस टीम और बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंच गया।
जांच के बाद इस बात की पुष्टि हुई कि यह एक 12 किलो का बम है। इसके बाद पूरे इलाके को घेराबंदी कर दी गई और लोगों को वहां से दूर रहने की सलाह दी गई। पुलिस का कहना है कि गधेरी गांव में सुनील यादव नाम के व्यक्ति के प्लॉट पर भवन निर्माण के लिए मजदूरों द्वारा पिलर के लिए खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान एक बम मिला, जो जीवित अवस्था में बताया जा रहा है। आज इसे डिफ्यूज किया जाएगा। अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि यह बम कितना पुराना है और यहां कैसे पहुंचा। शुरुआती जांच में यह सैन्य उपयोग का पुराना मोर्टार बम प्रतीत हो रहा है, लेकिन इसकी पुष्टि विशेषज्ञ टीम द्वारा ही की जाएगी। पुलिस ने इस बारे में सेना और वरिष्ठ अधिकारियों को भी सूचित कर दिया है। बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने की प्रक्रिया बम स्क्वॉड और आर्मी की निगरानी में की गई। फिलहाल किसी को भी मौके के पास जाने की अनुमति नहीं दी गई है।

सेना का बम यहां कैसे पहुँचा
निर्माणाधीन मकान में खुदाई के दौरान मिले बम की खबर मिलते ही तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। लोगों का कहना है कि सेना का बम यहां कैसे पहुँचा। जिस गदेरी गांव में यह बम मिला है, वह सैन्य क्षेत्र और आयुध निर्माणी खमरिया से महज 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जिससे आशंका जाहिर की जा रही है कि बम परीक्षण के दौरान बरसों पहले यह बम यहां गिरा होगा और धीरे-धीरे जमीन में दफन हो गया।


बम को सेना ने लिया कब्जे में
सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत बम को बीडीएस की मदद से सुरक्षित तरीके से अपने कब्जे में लिया गया और सैन्य अधिकारियों को सौंप दिया गया है। अब सेना की विशेषज्ञ टीम द्वारा सुरक्षित स्थान पर ले जाकर इसे निष्क्रिय करने की तैयारी की जा रही है।
Author: Jai Lok






