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नेता और अफसर करोड़पति नहीं होंगे तो क्या हम आप होंगे?

(जय लोक)। कल परसों एक खबर अखबारों में छपी कि प्रदेश के आईपीएस अफसरों ने जो अपनी संपत्ति की घोषणा की है उसमें अधिकतर आईपीएस अफसर करोड़ों के मालिक हैं। कई फ्लैट, जमीनें हैं कुछ संपत्ति बाप दादाओं की है और कुछ उन्होंने अपने भविष्य को देखते हुए खरीद के रखी थी। एक आईपीएस अफसर तो ऐसे भी हैं जिनको उनकी संपत्ति से 74 लाख रुपए सालाना प्राप्त होता है जो उनकी तनख्वाह से दो-तीन गुना ज्यादा है, यही हाल नेताओं का भी है जब भी अपनी संपत्ति की घोषणा करते हैं तो कोई 10 करोड़ का मालिक कोई 50 करोड़ का मालिक तो कोई 20 करोड़ का मालिक निकलता है अब ये तो एक नंबर वाली बात है जिसकी घोषणा वो कर देते हैं उसके अलावा उनके पास और क्या-क्या है ये सिर्फ  वही जानते हैं। अब लोग बाग कह रहे हैं कि जब इतने अमीर थे तो नौकरी करने क्यों आए और नेतागिरी में क्यों अपनी टांग फसाई तो भैया ये समझ लो कि नौकरी में ही तो सही कमाई होती है और नेतागिरी में भी यही समीकरण सही बैठता है। ठीक है कि नौकरी में पहले पैसे नहीं फंसाना पड़ते लेकिन नेतागिरी में तो पहले एडवांस में बहुत कुछ खर्च करना पड़ता है और जब कहीं अच्छी जगह मिल जाती है तो जितना पैसा खर्च किया उसका सूत ब्याज सब एक झटके में वसूल हो जाता है।

कई नेताओं की संपत्ति तो 5 साल में 5 गुना बढ़ जाती है पता नहीं उनके पास ऐसा कौन सा  ‘अलादीन का चिराग’ होता है जो उनकी संपत्ति 5 साल में 5 गुना बढ़ जाती है। अपने और आम आदमी के हाल तो ये हैं कि साल भर में एक दो ढाई हजार का इंक्रीमेंट लग गया तो बड़ी बात महंगाई भत्ता बढ़ गया उसी में इंसान खुश हो जाता है वो भी कब मिलेगा इसकी कोई गारंटी नहीं होती।

लेकिन नेतागिरी में पूरी गारंटी इसी बात की है और फिर आईपीएस अफसर तो टाइम बाउंड होते हैं उन्हें उतने साल में प्रमोशन देना ही है और जब प्रमोशन मिलेगा तो तनख्वा तो बढ़ ही जाएगी अभी आईपीएस अफसरों ने अपनी संपत्ति की घोषणा की है आईएएस कब करेंगे इस बात का इंतजार रहेगा और यह तय मान लो कि उनमें से भी कोई भी करोड़पति से कम नहीं निकलेगा। वैसे भी आजकल पैसे की कीमत बची कहां है। इस जमाने में करोड़पति मारे मारे फिर रहे हैं लाख दो लाख की तो कोई वैल्यू ही नहीं बची इसलिए अगर आईपीएस अफसर करोड़पति है तो इसमें आम आदमी को रंज करने की बात नहीं है क्योंकि करोड़पति तो वही बनेंगे आप और हम नहीं।

संगीत में सडक़

मुंबई में 500 मीटर की एक ऐसी सडक़ बनाई गई है इसमें से जब वाहन गुजरते हैं तो उसमें से ‘जय हो’ की धुन  सुनाई पड़ती है मजे की बात ये है कि अगर आप गाड़ी के कांच भी बंद किए हुए हो तो भी आपको जय हो की धुन सुनाई देगी वैसे ये प्रयोग 2007 में जापान में हो गया था उसके बाद और भी कई देशों ने इसको अपनाया और अब भारत की पहली संगीत सडक़ मुंबई में शुरू हो गई, वैसे भी संगीत और मुंबई का चोली दामन का साथ है जितनी फिल्में बनती हैं उनका संगीत मुंबई में ही तैयार होता है बड़े-बड़े गीतकार बड़े-बड़े संगीतकार मुंबई में ही रोजी-रोटी कमाने आए और फिर वही बस गए तो जिस शहर के रग रग में संगीत बसा हो उसमें अगर एक ऐसी सडक़ बन गई तो यह तो बहुत पहले हो जाना चाहिए था। अब लोगों का कहना है कि ऐसी और भी सडक़ें बनाई जाएं जिसमें किसी में जगजीत सिंह की गजल सुनाई पड़े, तो किसी में मोहम्मद रफी के गाने, किसी में किशोर के तो किसी में मन्ना डे के किसी में लता मंगेशकर के तो किसी में आशा भोंसले के। ऐसे ही संगीतकारों के गाने भी सडक़ों से सुनाई देना चाहिए चाहे वो जयदेव हों, सलिल चौधरी हों, एसडी बर्मन हों, शंकर जय किशन, हों लक्ष्मीकांत प्यारेलाल हों जो संगीतकार है उनके गीत इन सडक़ों पर सुनाई देना चाहिए तब पता लगेगा कि वास्तव में मुंबई संगीतकारों की नगरी है।

बेईमान मौसम

धर्मेंद्र और मुमताज की एक हिट फिल्म थी ‘लोफर’ जिसका गाना भी उतना ही मशहूर हुआ था ‘आज मौसम बड़ा बेईमान है’ वैसे मौसम पर कई गाने बन चुके हैं अभी एक सर्वे आया है कि मौसम में जो बदलाव होता है उससे तरह-तरह की परेशानियां शुरू होती हंै जब मौसम बदलता है तो बार बार नींद टूटती है, चिंता उदासी बढ़ती है, वैसे मौसम का कोई भरोसा तो रहता नहीं है।
कहो सुबह धूप निकली हो शाम को कड़ी ठंड पडऩे लगे, रात में जोरदार बारिश हो जाए, बारिश में गर्मी, गर्मी में ठंड, ठंड में बारिश, यानी अब मौसम का कोई भरोसा रहा नहीं। इसलिए अपनी तो हर एक को यही सलाह रहती है कि जब भी घर से बाहर निकलो तो प्याज रख लो, बरसाती रख लो, और कोट भी रख लो अगर लू लगने लगे तो तुरंत प्याज सूंघ लेना, ठंड लगे तो कोट पहन लेना, और बारिश आने लगे तो रेनकोट से अपने आप को बचा लेना। वैसे अब जब दुनिया में ही किसी का भरोसा नहीं रहा तो फिर मौसम से अपन भरोसे की बात करें तो करें क्यों? जैसी इंसानी फितरत हो गई है वैसा ही सब कुछ मौसम ने भी सीख लिया है इसलिए उसे कुछ मत कहो वह जो कर रहा है ठीक ही कर रहा है।

सुपर हिट ऑफ  द वीक

श्रीमान जी ने भगवान की तपस्या की भगवान ने प्रकट होकर कहा ‘बेटा बताओ तुम्हें क्या चाहिए’‘बस एक नौकरी, पैसों से भरा कमरा ,सुकून की नींद और गर्मी से छुटकारा’भगवान ने कहा ‘तथास्तु’ आजकल श्रीमान जी ‘एटीएम’ में गार्ड हैं।

 

त्रिपुर सुंदरी में मिठाई खाने से 20 लोग हुए बीमार, 4 को इलाज के लिए नागपुर रेफर किया गया

Jai Lok
Author: Jai Lok

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